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चायल प्रमुख को मुकदमे की पैरवी के दौरान मिलेगी सुरक्षा
Updated Wed, 01 Aug 2018 01:09 AM IST
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मंझनपुर। चायल ब्लॉक प्रमुख को मुकदमे की पैरवी के लिए कोर्ट आते-जाते वक्त गनर मिलेगा। जिला सुरक्षा समिति ने यह फैसला लिया है। एसपी ने पूरामुफ्ती इंस्पेक्टर को गार्ड उपलब्ध कराने का निर्देश भी जारी कर दिया है। हालांकि ब्लॉक प्रमुख इससे संतुष्ट नहीं हैं।
चायल ब्लॉक प्रमुख सोनू कुमार के पिता रामसरन की सात दिसम्बर 2014 को पूरामुफ्ती कोतवाली के सामने हत्या कर दी गई थी। मामले में कोइलहा निवासी आमिर असरार उर्फ अक्कू, गब्बर उर्फ चंदन, अफाक अहमद व महगांव निवासी रामचंद्र के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। प्रमुख के मुताबिक मुख्य अभियुक्त आमिर के अलावा अन्य आरोपी जमानत पर रिहा हो चुके हैं। अब यह लोग परिवार की जान के दुश्मन बने हुए हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा के लिए आवेदन किया था। हफ्ते भर पहले डीएम मनीष कुमार वर्मा की अगुवाई में जिला सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि प्रमुख को मुकदमे की पैरवी के लिए अदालत आते-जाते वक्त एक सुरक्षा कर्मचारी उपलब्ध कराया जाएगा। एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि पूरामुफ्ती इंस्पेक्टर को गार्ड मुहैया कराने का निर्देश दे दिया गया है। वहीं प्रमुख सोनू का कहना है कि उन्हें हर वक्त जान का खतरा है। इसलिए दो सिपाही 24 घंटे के लिए मिलने चाहिए। पिता की हत्या के बाद प्रशासन ने तीन शस्त्र लाइसेंस, 50 लाख मुआवजा और दो बीघा जमीन का पट्टा देने का वादा किया था। यह सब भी अभी तक नहीं मिला है। प्रमुख ने शिकायत सीएम योगी आदित्यनाथ से की है।
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चायल ब्लॉक प्रमुख सोनू कुमार के पिता रामसरन की सात दिसम्बर 2014 को पूरामुफ्ती कोतवाली के सामने हत्या कर दी गई थी। मामले में कोइलहा निवासी आमिर असरार उर्फ अक्कू, गब्बर उर्फ चंदन, अफाक अहमद व महगांव निवासी रामचंद्र के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। प्रमुख के मुताबिक मुख्य अभियुक्त आमिर के अलावा अन्य आरोपी जमानत पर रिहा हो चुके हैं। अब यह लोग परिवार की जान के दुश्मन बने हुए हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा के लिए आवेदन किया था। हफ्ते भर पहले डीएम मनीष कुमार वर्मा की अगुवाई में जिला सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि प्रमुख को मुकदमे की पैरवी के लिए अदालत आते-जाते वक्त एक सुरक्षा कर्मचारी उपलब्ध कराया जाएगा। एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि पूरामुफ्ती इंस्पेक्टर को गार्ड मुहैया कराने का निर्देश दे दिया गया है। वहीं प्रमुख सोनू का कहना है कि उन्हें हर वक्त जान का खतरा है। इसलिए दो सिपाही 24 घंटे के लिए मिलने चाहिए। पिता की हत्या के बाद प्रशासन ने तीन शस्त्र लाइसेंस, 50 लाख मुआवजा और दो बीघा जमीन का पट्टा देने का वादा किया था। यह सब भी अभी तक नहीं मिला है। प्रमुख ने शिकायत सीएम योगी आदित्यनाथ से की है।
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