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बंधक बनाकर 46 मजदूरों से 20 दिन कराई मजदूरी
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20 days wages made from 46 laborers held hostage
- फोटो : KAUSHAMBI
बंधक बनाकर 46 मजदूरों से 20 दिन कराई मजदूरी
श्रमिकों को कराया मुक्त, एससी-एसटी आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सख्ती के बाद हरकत में आया प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
चायल। पिपरी इलाके के घूरीपुर गांव स्थित एक भट्ठे पर 16 परिवारों के करीब 46 मजदूरों से लगभग 20 दिनों तक बंधक बनाकर मजदूरी कराई गई। विरोध करने पर उनकी पिटाई भी की गई। एक श्रमिक की शिकायत पर एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष ने सख्ती दिखाई तो गुरुवार देर शाम प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आए। इसके बाद सभी मजदूरों को छुड़ाकर घर भेज दिया गया।
प्रयागराज के करेली निवासी एक ईंट कारोबारी ने घूरीपुर में भट्ठा खोल रखा है। आरोप है कि इस भट्ठे पर बदायूं जनपद के मुजरिया क्षेत्र से आए करीब 16 परिवारों के लगभग 46 मजदूरों से बंधुआ मजदूरी कराई जा रही थी। बीमारी की हालत में भी महिलाओं-पुरुषों से काम कराया जाता था। विरोध करने पर उनकी पिटाई की जाती थी। 29 दिसंबर की शाम मजदूर दयाराम मौका पाकर भाग निकला। इसके बाद वह दिल्ली पहुंचा और शिकायत एससीएसटी आयोग के अध्यक्ष से कर दी। इस पर गंभीर हुए आयोग अध्यक्ष रमाशंकर कठेरिया ने जिलाधिकारी कौशाम्बी को पत्र भेजा। डीएम के निर्देश पर गुरुवार शाम जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी आराधना शुक्ला, चायल एसडीएम ज्योति मौर्य फोर्स के साथ भट्ठे पर पहुंचीं। मजदूरों को मुक्त कराकर रातभर रैन बसेरा में रखा गया। वहां उनका बयान भी लिया गया। फिर सुबह सभी को घर भेज दिया गया। मामले में एसडीएम ज्योति मौर्य का कहना है कि मजदूरों से बंधक बनाकर काम नहीं कराया जा रहा था। वह बिना काम किए रुपयों की मांग कर रहे थे। इसी को लेकर भट्ठा मालिक से उनका विवाद चल रहा था। सभी मजदूरों को सकुशल घर भेज दिया गया है।
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श्रमिकों को कराया मुक्त, एससी-एसटी आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सख्ती के बाद हरकत में आया प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
चायल। पिपरी इलाके के घूरीपुर गांव स्थित एक भट्ठे पर 16 परिवारों के करीब 46 मजदूरों से लगभग 20 दिनों तक बंधक बनाकर मजदूरी कराई गई। विरोध करने पर उनकी पिटाई भी की गई। एक श्रमिक की शिकायत पर एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष ने सख्ती दिखाई तो गुरुवार देर शाम प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आए। इसके बाद सभी मजदूरों को छुड़ाकर घर भेज दिया गया।
प्रयागराज के करेली निवासी एक ईंट कारोबारी ने घूरीपुर में भट्ठा खोल रखा है। आरोप है कि इस भट्ठे पर बदायूं जनपद के मुजरिया क्षेत्र से आए करीब 16 परिवारों के लगभग 46 मजदूरों से बंधुआ मजदूरी कराई जा रही थी। बीमारी की हालत में भी महिलाओं-पुरुषों से काम कराया जाता था। विरोध करने पर उनकी पिटाई की जाती थी। 29 दिसंबर की शाम मजदूर दयाराम मौका पाकर भाग निकला। इसके बाद वह दिल्ली पहुंचा और शिकायत एससीएसटी आयोग के अध्यक्ष से कर दी। इस पर गंभीर हुए आयोग अध्यक्ष रमाशंकर कठेरिया ने जिलाधिकारी कौशाम्बी को पत्र भेजा। डीएम के निर्देश पर गुरुवार शाम जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी आराधना शुक्ला, चायल एसडीएम ज्योति मौर्य फोर्स के साथ भट्ठे पर पहुंचीं। मजदूरों को मुक्त कराकर रातभर रैन बसेरा में रखा गया। वहां उनका बयान भी लिया गया। फिर सुबह सभी को घर भेज दिया गया। मामले में एसडीएम ज्योति मौर्य का कहना है कि मजदूरों से बंधक बनाकर काम नहीं कराया जा रहा था। वह बिना काम किए रुपयों की मांग कर रहे थे। इसी को लेकर भट्ठा मालिक से उनका विवाद चल रहा था। सभी मजदूरों को सकुशल घर भेज दिया गया है।
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