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Kaushambi News: खोदाई में मिले दो सौ वर्ष पुराने चांदी के 20 सिक्के
Sun, 18 May 2025 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 18 May 2025 01:29 AM IST
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सेंगरहा में अंत्येष्टि स्थल निर्माण होने के दौरान खोदाई में मिले चांदी के सिक्कों को बटोरते ग्र
पश्चिमशरीरा। कोतवाली के सेंगरहा गांव में अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए की जा रही खोदाई में शुक्रवार दोपहर 200 वर्ष पुराने चांदी के 20 सिक्के मिले हैं। एसडीएम मंझनपुर एसपी वर्मा पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस से सिक्के को कब्जे में लिया।
सेंगरहा में ग्राम पंचायत की ओर से 25 लाख रुपये की लागत से अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराया जा रहा है। ग्राम प्रधान कल्पना सोनी ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे जेसीबी से खोदाई के दौरान एक जगह करीब 20 सिक्के मिले। इसकी जानकारी होने पर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई। लोगों ने सिक्के बटोरने लगे। इस बीच सूचना पर पहुंचे एसडीएम एसपी वर्मा व थानाध्यक्ष त्रिलोकीनाथ पांडेय ने सिक्कों को अपने कब्जे में लिया।
कभी थी बंजारों की बस्ती, अक्सर मिलते हैं सिक्के
खोदाई के दौरान मिले चांदी के सिक्कों को लेकर गांव में चर्चा का बाजार गर्म है। गांव के प्रद्युम्न सोनी, रामदास और दीनानाथ आदि ग्रामीणों ने बताया कि करीब 90 साल पहले बंजारे अक्सर यहां ठहरते थे। जिस स्थान पर अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराया जा रहा है, वहां उनकी बस्ती हुआ करती थी। लंबे समय तक ठहरने के बाद जब बंजारों ने गांव छोड़ा तो अक्सर लोगों को इस तरह के सिक्के मिलते थे। बारिश के मौसम में आज भी बच्चों को सिक्के मिलते थे। जिसे लोग दरकिनार कर देते थे, लेकिन शुक्रवार दोपहर काफी संख्या में मिले सिक्कों के बाद बंजारों के ठहरने की कहानी पर लोग विश्वास करने लगे हैं।
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सेंगरहा गांव में अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए जेसीबी से नींव खोदी जा रही थी। जिसमें पुराने सिक्के मिले हैं। जिसे देखने से यही लग रहा है कि यह सिक्का विक्टोरिया काल के हैं। जांच के लिए पुरात्व के अधिकारियों को पत्र भेजा जा रहा है। - एसपी वर्मा, एसडीएम मंझनपुर।
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सेंगरहा में ग्राम पंचायत की ओर से 25 लाख रुपये की लागत से अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराया जा रहा है। ग्राम प्रधान कल्पना सोनी ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे जेसीबी से खोदाई के दौरान एक जगह करीब 20 सिक्के मिले। इसकी जानकारी होने पर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई। लोगों ने सिक्के बटोरने लगे। इस बीच सूचना पर पहुंचे एसडीएम एसपी वर्मा व थानाध्यक्ष त्रिलोकीनाथ पांडेय ने सिक्कों को अपने कब्जे में लिया।
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कभी थी बंजारों की बस्ती, अक्सर मिलते हैं सिक्के
खोदाई के दौरान मिले चांदी के सिक्कों को लेकर गांव में चर्चा का बाजार गर्म है। गांव के प्रद्युम्न सोनी, रामदास और दीनानाथ आदि ग्रामीणों ने बताया कि करीब 90 साल पहले बंजारे अक्सर यहां ठहरते थे। जिस स्थान पर अंत्येष्टि स्थल का निर्माण कराया जा रहा है, वहां उनकी बस्ती हुआ करती थी। लंबे समय तक ठहरने के बाद जब बंजारों ने गांव छोड़ा तो अक्सर लोगों को इस तरह के सिक्के मिलते थे। बारिश के मौसम में आज भी बच्चों को सिक्के मिलते थे। जिसे लोग दरकिनार कर देते थे, लेकिन शुक्रवार दोपहर काफी संख्या में मिले सिक्कों के बाद बंजारों के ठहरने की कहानी पर लोग विश्वास करने लगे हैं।
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सेंगरहा गांव में अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए जेसीबी से नींव खोदी जा रही थी। जिसमें पुराने सिक्के मिले हैं। जिसे देखने से यही लग रहा है कि यह सिक्का विक्टोरिया काल के हैं। जांच के लिए पुरात्व के अधिकारियों को पत्र भेजा जा रहा है। - एसपी वर्मा, एसडीएम मंझनपुर।