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विपरीत परिस्थितियों में कार्य करना आशा बहुओं की पहचान
Updated Wed, 29 Aug 2018 01:14 AM IST
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मंझनपुर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नवीन मंडी ओसा में मंगलवार को जिला स्तरीय आशा सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए प्रभारी डीएम/सीडीओ इंद्रसेन सिंह ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में काम करना आशा बहुओं की पहचान है। इस दौरान बेहतर काम करने वाली 21 आशा बहुओं एवं तीन आशा संगिनी को सम्मानित भी किया गया।
सीडीओ ने कहा कि आशाएं विपरीत हालातों का सामना करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए प्रयासरत रहती हैं। डीपीओ राकेश कुमार मिश्रा कहा कि सम्मलेन आशाओं के बेहतर कार्यों को देखते हुए उन्हें सम्मानित करने के उद्देश्य से किया जा रहा हैं। सीएमओ डॉ पीएन चतुर्वेदी मुख्यमंत्री द्वारा आशाओं के नाम लिखे गए संदेश को पढ़कर सुनाया। जिसमें संस्थागत प्रसव, टीकाकारण, परिवार नियोजन, आयुष्मान भारत एवं प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना एवं जेई टीकाकारण को सरल बनाने में आशाओं के बहुमूल्य योगदान को मुख्यमंत्री द्वारा सराहना की गई। साथ ही निरंतर आगे बढ़ते रहने की सलाह भी दी गई। कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में आशाओं का प्रयास सराहनीय है। जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबन्धक संजय कुमार ने बताया कि आशाओं के सहयोग के ही कारण जिले की स्थिति में प्रदेश स्तर पर सुधार हुआ है।
बताया कि आशा प्रोत्साहन राशि भुगतान में पारदर्शिता लाने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर चार मैसेज भेजने की व्यवस्था की गई है। जिससे उन्हें राशि भुगतान की प्रक्रिया से लेकर भुगतान तक की जानकारी मिल सकेगी। इस दौरान आशाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्त्रस्म प्रस्तुत किया गया। बेहतर कार्य करने पर चायल ब्लॉक की अनीता पाल को प्रथम, नेवादा की अनुसुइया मिश्रा को द्वितीय एवं बारा ब्लॉक की रंजीता देवी को तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमश: पांच, तीन तथा दो हजार रुपये की धनराशि दी गई। इस दौरान जादू के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरुक किया गया। सम्मेलन में परिवार कल्याण, पोषण मिशन, कुष्ठ निवारण, क्षय रोग, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के स्टाल भी लगाए गए। इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ छवि जौहरी, डॉ एचपी मणि, आशा रीजनल कोऑर्डिनेटर मृगेंद्र सिंह, समस्त जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई, चिकित्सा अधीक्षक,स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी, बीसीपीएम, यूनिसेफ के शिशिर रघुवंशी समेत स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
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सीडीओ ने कहा कि आशाएं विपरीत हालातों का सामना करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए प्रयासरत रहती हैं। डीपीओ राकेश कुमार मिश्रा कहा कि सम्मलेन आशाओं के बेहतर कार्यों को देखते हुए उन्हें सम्मानित करने के उद्देश्य से किया जा रहा हैं। सीएमओ डॉ पीएन चतुर्वेदी मुख्यमंत्री द्वारा आशाओं के नाम लिखे गए संदेश को पढ़कर सुनाया। जिसमें संस्थागत प्रसव, टीकाकारण, परिवार नियोजन, आयुष्मान भारत एवं प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना एवं जेई टीकाकारण को सरल बनाने में आशाओं के बहुमूल्य योगदान को मुख्यमंत्री द्वारा सराहना की गई। साथ ही निरंतर आगे बढ़ते रहने की सलाह भी दी गई। कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में आशाओं का प्रयास सराहनीय है। जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबन्धक संजय कुमार ने बताया कि आशाओं के सहयोग के ही कारण जिले की स्थिति में प्रदेश स्तर पर सुधार हुआ है।
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बताया कि आशा प्रोत्साहन राशि भुगतान में पारदर्शिता लाने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर चार मैसेज भेजने की व्यवस्था की गई है। जिससे उन्हें राशि भुगतान की प्रक्रिया से लेकर भुगतान तक की जानकारी मिल सकेगी। इस दौरान आशाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्त्रस्म प्रस्तुत किया गया। बेहतर कार्य करने पर चायल ब्लॉक की अनीता पाल को प्रथम, नेवादा की अनुसुइया मिश्रा को द्वितीय एवं बारा ब्लॉक की रंजीता देवी को तृतीय पुरस्कार के रूप में क्रमश: पांच, तीन तथा दो हजार रुपये की धनराशि दी गई। इस दौरान जादू के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरुक किया गया। सम्मेलन में परिवार कल्याण, पोषण मिशन, कुष्ठ निवारण, क्षय रोग, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के स्टाल भी लगाए गए। इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ छवि जौहरी, डॉ एचपी मणि, आशा रीजनल कोऑर्डिनेटर मृगेंद्र सिंह, समस्त जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई, चिकित्सा अधीक्षक,स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी, बीसीपीएम, यूनिसेफ के शिशिर रघुवंशी समेत स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
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