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कैमा ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी पर गिर सकती है गाज
Updated Fri, 18 May 2018 12:12 AM IST
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संशोधितनौ लाख रुपये के गबन का मामला
मंझनपुर। सिराथू ब्लॉक के कैमा ग्राम प्रधान व सचिव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दोनों पर राज्य एवं 14 वें वित्त का करीब नौ लाख रुपये के गोलमाल का आरोप है। सीएम के पोर्टल पर हुई शिकायत की जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।
वित्तीय वर्ष 2017-18 में कैमा गांव के ग्राम प्रधान भीमसेन गौतम व सचिव राजकिशोर भारतीय ने सांठगांठ कर राज्य एवं 14 वें वित्त का करीब नौ लाख रुपये गबन कर लिया था। एक ग्रामीण ने मामले की सीएम के पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत कर दी। मामला डीएम के संज्ञान में आया तो उन्होंने डीपीआरओ कमल किशोर को प्रकरण की जांच कराने का निर्देश दिया। जिला पंचायत राज अधिकारी ने जांच का जिम्मा एडीओ पंचायत संतोष तिवारी को सौंपा। इस दौरान पता चला कि ग्राम प्रधान व सचिव ने बगैर कोई काम कराए ही अपने चहेतों के नाम चेक काटकर रकम का गोलमाल कर दिया। एडीओ पंचायत ने बताया कि जांच में सरकारी धन के गबन का खुलासा हुआ है। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंप दी है।मामले में डीपीआरओं का कहना है कि अभी रिपोर्ट का अध्ययन नहीं किया गया है। एक दो दिन में रिपोर्ट को डीएम के समक्ष प्रस्तुत कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मंझनपुर। सिराथू ब्लॉक के कैमा ग्राम प्रधान व सचिव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दोनों पर राज्य एवं 14 वें वित्त का करीब नौ लाख रुपये के गोलमाल का आरोप है। सीएम के पोर्टल पर हुई शिकायत की जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।
वित्तीय वर्ष 2017-18 में कैमा गांव के ग्राम प्रधान भीमसेन गौतम व सचिव राजकिशोर भारतीय ने सांठगांठ कर राज्य एवं 14 वें वित्त का करीब नौ लाख रुपये गबन कर लिया था। एक ग्रामीण ने मामले की सीएम के पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत कर दी। मामला डीएम के संज्ञान में आया तो उन्होंने डीपीआरओ कमल किशोर को प्रकरण की जांच कराने का निर्देश दिया। जिला पंचायत राज अधिकारी ने जांच का जिम्मा एडीओ पंचायत संतोष तिवारी को सौंपा। इस दौरान पता चला कि ग्राम प्रधान व सचिव ने बगैर कोई काम कराए ही अपने चहेतों के नाम चेक काटकर रकम का गोलमाल कर दिया। एडीओ पंचायत ने बताया कि जांच में सरकारी धन के गबन का खुलासा हुआ है। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंप दी है।मामले में डीपीआरओं का कहना है कि अभी रिपोर्ट का अध्ययन नहीं किया गया है। एक दो दिन में रिपोर्ट को डीएम के समक्ष प्रस्तुत कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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