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बसपा के ब्राह्मण भाई चारा समिति के पूर्व अध्यक्ष ने भी दिया इस्तीफा
Updated Sun, 06 Aug 2017 12:40 AM IST
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बसपा ब्राह्मण भाई चारा समिति के पूर्व अध्यक्ष ने भी दिया इस्तीफा
-भरवारी में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष ने छोड़ी पार्टी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। इंद्रजीत सरोज के समर्थन में कार्यकर्ता लगातार बसपा छोड़ रहे हैं। शनिवार को ब्राह्मण भाई चारा समिति के अध्यक्ष रहे शंकर दयाल पांडेय ने अपने दर्जनों साथियों के साथ पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। भरवारी के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अध्यक्ष ने भी पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है।
पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज के समर्थन में बसपा छोड़ने वालों की संख्या कम नहीं हो रही है। शनिवार को ब्राह्मण भाई चारा समिति के अध्यक्ष रहे शंकर दयाल पांडेय ने महासचिव रामविशाल कोटार्य के साथ पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उनके साथ मधुरा प्रसाद द्विवेदी, बंशीलाल तिवारी, चंद्रमोहन मिश्र, अवधेश मिश्र, शिवानंद तिवारी, नरेश कुमार पाठ, अजय पांडेय, नर्वदा मिश्र, बृजेंद्र गर्ग, आनन्द कुमार तिवारी आदि लोग रहे। इसी तरह भरवारी में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष गंगा प्रसाद काले और सुरेश चंद्र अग्रहरि ने अपने साथियों के साथ पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
बुनियाद हिलने से सकपकाए हैं बसपाई
-डैमेज कंट्रोल रोकने को पदाधिकारियों के डेरा जमाने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। इंद्रजीत सरोज को बसपा से निकाले जाने के कारण जिले में पार्टी की बुनियाद हिल गई है। पार्टी के कर्ताधर्ता एक-एक कर इस्तीफा दे रहे हैं। इससे बसपाईयों की नींद उड़ गई है। अब डैमेज कंट्रोल को रोकने के लिए बड़े पदाधिकारी मोर्चा लेने की तैयारी कर रहे हैं। वह जल्द ही यहां डेरा डालने वाले हैं।
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जिले में सबसे मजबूत स्थिति में माने जाने वाली बसपा एक ही झटके में सबसे कमजोर हालत में पहुंच गई है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति मंझनपुर विधानसभा क्षेत्र की है। इसके बाद चायल की। दोनों विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने इंद्रजीत के समर्थन में इस्तीफा दिया है। अभी यह दौर चल रहा है। इसको देखते हुए बसपा के पदाधिकारी सतर्क हो गए हैं। महेंद्र गौतम को कमान सौंपने के बाद पदाधिकारियों ने यहां डेरा डालने की रणनीति बनाई है। वह भी पुराने कार्यकर्ताओं से भी मिलने की तैयारी में हैं। इसके लिए पूर्व मंत्री की होने वाली बैठक का इंतजार किया जा रहा है। बसपाई पूर्व मंत्री के फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पूर्व मंत्री के कोई निर्णय लेने के बाद ही बसपा के पदाधिकारी कौशाम्बी में आएंगे। एक रणनीति के तहत पार्टी को दोबारा उबारने की कोशिश करेंगे। जिलाध्यक्ष महेंद्र गौतम ने कहा कि जो लोग इस्तीफा दे रहे हैं, वह पूर्व मंत्री के करीबी थे। बसपा कार्यकर्ता पार्टी के साथ हैं।
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पांच हजार से ज्यादा लोगों को जोड़ने की तैयारी
जिलाध्यक्ष महेंद्र गौतम ने कहा कि पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज के निकाले जाने के बाद बसपा ने योजनाबद्ध तरीके से जिले में नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि पांच हजार से ज्यादा कार्यकर्ता तीनों विधानसभा क्षेत्रों में जोड़े जाएंगे। बड़ी संख्या में लोग बसपा में आने की तैयारी में हैं। जल्द ही एक बैठक कर बसपा में नए कार्यकर्ता शामिल किए जाएंगे।
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-भरवारी में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष ने छोड़ी पार्टी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। इंद्रजीत सरोज के समर्थन में कार्यकर्ता लगातार बसपा छोड़ रहे हैं। शनिवार को ब्राह्मण भाई चारा समिति के अध्यक्ष रहे शंकर दयाल पांडेय ने अपने दर्जनों साथियों के साथ पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। भरवारी के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अध्यक्ष ने भी पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है।
पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज के समर्थन में बसपा छोड़ने वालों की संख्या कम नहीं हो रही है। शनिवार को ब्राह्मण भाई चारा समिति के अध्यक्ष रहे शंकर दयाल पांडेय ने महासचिव रामविशाल कोटार्य के साथ पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उनके साथ मधुरा प्रसाद द्विवेदी, बंशीलाल तिवारी, चंद्रमोहन मिश्र, अवधेश मिश्र, शिवानंद तिवारी, नरेश कुमार पाठ, अजय पांडेय, नर्वदा मिश्र, बृजेंद्र गर्ग, आनन्द कुमार तिवारी आदि लोग रहे। इसी तरह भरवारी में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष गंगा प्रसाद काले और सुरेश चंद्र अग्रहरि ने अपने साथियों के साथ पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
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बुनियाद हिलने से सकपकाए हैं बसपाई
-डैमेज कंट्रोल रोकने को पदाधिकारियों के डेरा जमाने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। इंद्रजीत सरोज को बसपा से निकाले जाने के कारण जिले में पार्टी की बुनियाद हिल गई है। पार्टी के कर्ताधर्ता एक-एक कर इस्तीफा दे रहे हैं। इससे बसपाईयों की नींद उड़ गई है। अब डैमेज कंट्रोल को रोकने के लिए बड़े पदाधिकारी मोर्चा लेने की तैयारी कर रहे हैं। वह जल्द ही यहां डेरा डालने वाले हैं।
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जिले में सबसे मजबूत स्थिति में माने जाने वाली बसपा एक ही झटके में सबसे कमजोर हालत में पहुंच गई है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति मंझनपुर विधानसभा क्षेत्र की है। इसके बाद चायल की। दोनों विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने इंद्रजीत के समर्थन में इस्तीफा दिया है। अभी यह दौर चल रहा है। इसको देखते हुए बसपा के पदाधिकारी सतर्क हो गए हैं। महेंद्र गौतम को कमान सौंपने के बाद पदाधिकारियों ने यहां डेरा डालने की रणनीति बनाई है। वह भी पुराने कार्यकर्ताओं से भी मिलने की तैयारी में हैं। इसके लिए पूर्व मंत्री की होने वाली बैठक का इंतजार किया जा रहा है। बसपाई पूर्व मंत्री के फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पूर्व मंत्री के कोई निर्णय लेने के बाद ही बसपा के पदाधिकारी कौशाम्बी में आएंगे। एक रणनीति के तहत पार्टी को दोबारा उबारने की कोशिश करेंगे। जिलाध्यक्ष महेंद्र गौतम ने कहा कि जो लोग इस्तीफा दे रहे हैं, वह पूर्व मंत्री के करीबी थे। बसपा कार्यकर्ता पार्टी के साथ हैं।
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पांच हजार से ज्यादा लोगों को जोड़ने की तैयारी
जिलाध्यक्ष महेंद्र गौतम ने कहा कि पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज के निकाले जाने के बाद बसपा ने योजनाबद्ध तरीके से जिले में नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि पांच हजार से ज्यादा कार्यकर्ता तीनों विधानसभा क्षेत्रों में जोड़े जाएंगे। बड़ी संख्या में लोग बसपा में आने की तैयारी में हैं। जल्द ही एक बैठक कर बसपा में नए कार्यकर्ता शामिल किए जाएंगे।