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बेटे ने ही साथी संग मिलकर की थी पितम्बर की हत्या
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बेटे ने ही साथी संग मिलकर की थी मुंशी की हत्या
कौशाम्बी कोतवाली क्षेत्र के उरई अशरफपुर गांव में रविवार रात हुई थी वारदात
एसपी ने कहा, शातिरों ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए लिखा था धमकी भरा पत्र
फोटो नं.14
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कौशाम्बी कोतवाली क्षेत्र के उरई अशरफपुर निवासी भट्ठा मुंशी की हत्या उसके बेटे ने ही साथी संग मिलकर की थी। चित्रकूट के कुख्यात डकैत के नाम का इस्तेमाल कर धमकी भरा पत्र भी उसी ने लाश के पास फेंका था। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
उरई अशरफपुर निवासी पितंबर लाल (70) पड़ोसी गांव मवई स्थित ईंट भट्ठे का मुंशी था। रविवार रात घर से भट्ठा जाते वक्त गांव के बाहर सुनसान स्थान पर सिर कूचकर उसकी हत्या कर दी गई थी। सोमवार सुबह लाश मिली तो इलाके में सनसनी फैल गई। शव के पास ही चित्रकूट के कुख्यात डकैत बबुली कोल का धमकी भरा लेटर पड़ा था। इसे लेकर पुलिस अधिकारियों ने पसीना छोड़ दिया। मामले में मृतक के बेटे मिश्री लाल की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। एसपी प्रदीप गुप्ता ने घटना का खुलासा करने के लिए सीओ सिटी एसएन पाठक की अगुवाई में टीम गठित कर दी। सोमवार रात ही पुलिस ने मृतक के छोटे बेटे कमलेश उर्फ नथन को हिरासत में ले लिया। मंगलवार को अपने कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए एसपी ने बताया कि कमलेश का उसके पिता पितंबर से बंटवारे को लेकर झगड़ा चल रहा था। 30 जनवरी को भी दोनों में कहासुनी हुई थी। इसी से नाराज होकर कमलेश ने गांव के ही साथी शिवसागर के साथ मिलकर पिता को मौत के घाट उतारने की योजना बनाई और रविवार रात वारदात को अंजाम दे दिया।
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इंटरनेट पर देखा बबुली कोल का नाम
मंझनपुर। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि डकैत बबुली कोल का नाम उन्होंने इंटरनेट पर देखा और उसके कारनामों को पढ़ा। इसके बाद पुलिस व परिजनों को भ्रमित करने के लिए डकैत के नाम से धमकी भरा लेटर लिखकर शव के पास फेंक दिया। लेटर पहले कमलेश ने लिखा। बाद में उसे अपनी राइटिंग में शिवसागर ने लिखा। कमलेश जानता था कि उसकी राइटिंग पकड़ जाएगी। इसलिए खुद के हाथ से लिखा हुआ लेटर नहीं फेंका।
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एसपी ने दिया ईनाम
मंझनपुर। एसपी प्रदीप गुप्ता ने घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने सीओ के साथ कौशाम्बी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक की पीठ भी थपथपाई है।
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कौशाम्बी कोतवाली क्षेत्र के उरई अशरफपुर गांव में रविवार रात हुई थी वारदात
एसपी ने कहा, शातिरों ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए लिखा था धमकी भरा पत्र
फोटो नं.14
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कौशाम्बी कोतवाली क्षेत्र के उरई अशरफपुर निवासी भट्ठा मुंशी की हत्या उसके बेटे ने ही साथी संग मिलकर की थी। चित्रकूट के कुख्यात डकैत के नाम का इस्तेमाल कर धमकी भरा पत्र भी उसी ने लाश के पास फेंका था। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
उरई अशरफपुर निवासी पितंबर लाल (70) पड़ोसी गांव मवई स्थित ईंट भट्ठे का मुंशी था। रविवार रात घर से भट्ठा जाते वक्त गांव के बाहर सुनसान स्थान पर सिर कूचकर उसकी हत्या कर दी गई थी। सोमवार सुबह लाश मिली तो इलाके में सनसनी फैल गई। शव के पास ही चित्रकूट के कुख्यात डकैत बबुली कोल का धमकी भरा लेटर पड़ा था। इसे लेकर पुलिस अधिकारियों ने पसीना छोड़ दिया। मामले में मृतक के बेटे मिश्री लाल की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। एसपी प्रदीप गुप्ता ने घटना का खुलासा करने के लिए सीओ सिटी एसएन पाठक की अगुवाई में टीम गठित कर दी। सोमवार रात ही पुलिस ने मृतक के छोटे बेटे कमलेश उर्फ नथन को हिरासत में ले लिया। मंगलवार को अपने कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए एसपी ने बताया कि कमलेश का उसके पिता पितंबर से बंटवारे को लेकर झगड़ा चल रहा था। 30 जनवरी को भी दोनों में कहासुनी हुई थी। इसी से नाराज होकर कमलेश ने गांव के ही साथी शिवसागर के साथ मिलकर पिता को मौत के घाट उतारने की योजना बनाई और रविवार रात वारदात को अंजाम दे दिया।
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इंटरनेट पर देखा बबुली कोल का नाम
मंझनपुर। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि डकैत बबुली कोल का नाम उन्होंने इंटरनेट पर देखा और उसके कारनामों को पढ़ा। इसके बाद पुलिस व परिजनों को भ्रमित करने के लिए डकैत के नाम से धमकी भरा लेटर लिखकर शव के पास फेंक दिया। लेटर पहले कमलेश ने लिखा। बाद में उसे अपनी राइटिंग में शिवसागर ने लिखा। कमलेश जानता था कि उसकी राइटिंग पकड़ जाएगी। इसलिए खुद के हाथ से लिखा हुआ लेटर नहीं फेंका।
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एसपी ने दिया ईनाम
मंझनपुर। एसपी प्रदीप गुप्ता ने घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने सीओ के साथ कौशाम्बी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक की पीठ भी थपथपाई है।