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जयकारों के बीच अझुवा में हुआ गणेश प्रतिमा का विसर्जन
Updated Tue, 05 Sep 2017 01:09 AM IST
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जयकारों के बीच अझुवा में हुआ गणेश प्रतिमा का विसर्जन
पूजा पंडाल में भंडारे का आयोजन कर खिलाया गया प्रसाद
अझुवा (ब्यूरो)। नगर पंचायत अझुवा के वार्ड दो में स्थापित गणेश प्रतिमा का भक्तों ने सोमवार को ससुर खदेरी नदी में विसर्जन किया। भक्त पूजा पंडाल से नाचते-गाते मूर्ति को लेकर नदी तक पहुंचे। इससे पहले पूजा पंडाल स्थल पर भंडारे का आयोजन कर आने वाले भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
अझुवा कस्बे के वार्ड दो स्थित सायरी माता मंदिर के बगल में गणेश चतुर्थी को भगवान लंबोदर की मूर्ति स्थापित की गई थी। 25 अगस्त को मूर्ति स्थापित करने के बाद से लगातार पूजा पंडाल में कथा का आयोजन दो सितंबर तक किया गया। तीन सितंबर को पूजा पंडाल में जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सोमवार ी सुबह से भक्तों ने हवन करने के बाद भंडारे का आयोजन किया। दिन भर चले भंडारे में कन्याओं को भोजन कराने के बाद भक्तों ने कस्बाइयों को प्रसाद ग्रहण कराया। शाम लगभग पांच बजे भक्तगण भगवान गणेश की प्रतिमा को विसर्जित करने के लिए पूजा पंडाल से कस्बे के बाहर स्थित ससुर खदेरी नदी ले गए। गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के साथ भक्त नाचते-गाते नदी तक पहुंचे और मूर्ति विसर्जित किया। मूर्ति स्थापना से लेकर विसर्जन तक आयोजक मंडल के शनि कुमार अग्रहरि, राजू मौर्य, सोनू अग्रहरि, कुलभूषण केसरवानी, डॉ. संतलाल कुशवाहा, मनीष चंद्र आदि की भूमिका सराहनीय रही।
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पूजा पंडाल में भंडारे का आयोजन कर खिलाया गया प्रसाद
अझुवा (ब्यूरो)। नगर पंचायत अझुवा के वार्ड दो में स्थापित गणेश प्रतिमा का भक्तों ने सोमवार को ससुर खदेरी नदी में विसर्जन किया। भक्त पूजा पंडाल से नाचते-गाते मूर्ति को लेकर नदी तक पहुंचे। इससे पहले पूजा पंडाल स्थल पर भंडारे का आयोजन कर आने वाले भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
अझुवा कस्बे के वार्ड दो स्थित सायरी माता मंदिर के बगल में गणेश चतुर्थी को भगवान लंबोदर की मूर्ति स्थापित की गई थी। 25 अगस्त को मूर्ति स्थापित करने के बाद से लगातार पूजा पंडाल में कथा का आयोजन दो सितंबर तक किया गया। तीन सितंबर को पूजा पंडाल में जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सोमवार ी सुबह से भक्तों ने हवन करने के बाद भंडारे का आयोजन किया। दिन भर चले भंडारे में कन्याओं को भोजन कराने के बाद भक्तों ने कस्बाइयों को प्रसाद ग्रहण कराया। शाम लगभग पांच बजे भक्तगण भगवान गणेश की प्रतिमा को विसर्जित करने के लिए पूजा पंडाल से कस्बे के बाहर स्थित ससुर खदेरी नदी ले गए। गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के साथ भक्त नाचते-गाते नदी तक पहुंचे और मूर्ति विसर्जित किया। मूर्ति स्थापना से लेकर विसर्जन तक आयोजक मंडल के शनि कुमार अग्रहरि, राजू मौर्य, सोनू अग्रहरि, कुलभूषण केसरवानी, डॉ. संतलाल कुशवाहा, मनीष चंद्र आदि की भूमिका सराहनीय रही।
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