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स्कूलों में बच्चे कर रहे छई छपा छई छपाक के छई
Updated Thu, 06 Jul 2017 08:43 PM IST
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मंझनपुर।
चार दिन से हो रही लगातार बारिश से सरकारी स्कूल ताल-तलैया बन गए हैं। जल निकासी न होने की वजह से स्कूल परिसर में पानी भर गया है। कहीं छत टपक रही है तो कहीं स्कूल में घुसने की जगह ही नहीं बची है। स्कूल परिसर में भरे पानी में बच्चे मौज मस्ती कर रहे हैं। वहीं शिक्षक परेशान हैं। स्कूलों की बदहाली की लगातार रिपोर्ट बीएसए को दी जा रही है। बीएसए ने चेतावनी दे रखी है कि किसी भी कीमत पर शिक्षक गैर हाजिर नहीं होंगे।
जिला मुख्यालय में स्थित हजरतगंज, गांधी नगर प्राथमिक विद्यालय परिसर में पानी भर गया है। स्कूल में अंदर जाने के लिए शिक्षकों को मशक्कत करनी पड़ रही है। वे घुटनों तक पानी में घुसकर विद्यालय पहुंच रहे हैं। पानी भरा होने के कारण अधिकांश बच्चे स्कूल ही नहीं गए। जल निकासी न होने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। नेवादा ब्लाक के राजकीय हाईस्कूल मिश्रपुर डहिया की इससे खराब स्थिति है। ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा यहां के छात्रों को भुगतना पड़ सकता है।
राजकीय हाईस्कूल के सभी कमरों की छत से पानी टपक रहा है। सभी कमरों में सीलन है। इससे स्कूल के बैठने का खतरा मंडरा रहा है। खास बात यह है कि ये स्कूल पिछले साल जुलाई माह में ही खोला गया है। यही हाल सिराथू, कड़ा, मूरतगंज, कौशाम्बी ब्लाक क्षेत्र के स्कूलों की है। जल निकासी न होने के कारण स्कूलों में पानी भर गया है। स्कूल के शिक्षक लगातार इसकी जानकारी बेसिक शिक्षा अधिकारी दलश्रृंगार यादव को दे रहे हैं। बीएसए ने बताया कि उन्होंने सभी शिक्षकों को निर्देश दे रखा है कि वह स्कूल से गैरहाजिर नहीं होंगे।
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ताल-तलैया बने र्कई सरकारी स्कूल
घुटनों तक पानी में घुसकर स्कूल पहुंच रहे छात्र, पठन-पाठन प्रभावित
शिक्षक परेशान, पानी भरने से स्कूलों में नहीं बची बैठने की जगह
हिदायत के बाद भी नहीं हो सके इंतजाम
डीएम मनीष कुमार वर्मा ने स्कूल खुलने के पहले ही निर्देश जारी किया था कि परिषदीय विद्यालयों में वे सभी इंतजाम कर लिए जाएं जिससे स्कूल प्रभावित न हो। इसके बाद भी अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। अब जल निकासी की समस्या से स्कूलों का पठन-पाठन प्रभावित होने लगा है। बच्चों व शिक्षकों को स्कूल जाने में तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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चार दिन से हो रही लगातार बारिश से सरकारी स्कूल ताल-तलैया बन गए हैं। जल निकासी न होने की वजह से स्कूल परिसर में पानी भर गया है। कहीं छत टपक रही है तो कहीं स्कूल में घुसने की जगह ही नहीं बची है। स्कूल परिसर में भरे पानी में बच्चे मौज मस्ती कर रहे हैं। वहीं शिक्षक परेशान हैं। स्कूलों की बदहाली की लगातार रिपोर्ट बीएसए को दी जा रही है। बीएसए ने चेतावनी दे रखी है कि किसी भी कीमत पर शिक्षक गैर हाजिर नहीं होंगे।
जिला मुख्यालय में स्थित हजरतगंज, गांधी नगर प्राथमिक विद्यालय परिसर में पानी भर गया है। स्कूल में अंदर जाने के लिए शिक्षकों को मशक्कत करनी पड़ रही है। वे घुटनों तक पानी में घुसकर विद्यालय पहुंच रहे हैं। पानी भरा होने के कारण अधिकांश बच्चे स्कूल ही नहीं गए। जल निकासी न होने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। नेवादा ब्लाक के राजकीय हाईस्कूल मिश्रपुर डहिया की इससे खराब स्थिति है। ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा यहां के छात्रों को भुगतना पड़ सकता है।
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राजकीय हाईस्कूल के सभी कमरों की छत से पानी टपक रहा है। सभी कमरों में सीलन है। इससे स्कूल के बैठने का खतरा मंडरा रहा है। खास बात यह है कि ये स्कूल पिछले साल जुलाई माह में ही खोला गया है। यही हाल सिराथू, कड़ा, मूरतगंज, कौशाम्बी ब्लाक क्षेत्र के स्कूलों की है। जल निकासी न होने के कारण स्कूलों में पानी भर गया है। स्कूल के शिक्षक लगातार इसकी जानकारी बेसिक शिक्षा अधिकारी दलश्रृंगार यादव को दे रहे हैं। बीएसए ने बताया कि उन्होंने सभी शिक्षकों को निर्देश दे रखा है कि वह स्कूल से गैरहाजिर नहीं होंगे।
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ताल-तलैया बने र्कई सरकारी स्कूल
घुटनों तक पानी में घुसकर स्कूल पहुंच रहे छात्र, पठन-पाठन प्रभावित
शिक्षक परेशान, पानी भरने से स्कूलों में नहीं बची बैठने की जगह
हिदायत के बाद भी नहीं हो सके इंतजाम
डीएम मनीष कुमार वर्मा ने स्कूल खुलने के पहले ही निर्देश जारी किया था कि परिषदीय विद्यालयों में वे सभी इंतजाम कर लिए जाएं जिससे स्कूल प्रभावित न हो। इसके बाद भी अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। अब जल निकासी की समस्या से स्कूलों का पठन-पाठन प्रभावित होने लगा है। बच्चों व शिक्षकों को स्कूल जाने में तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।