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वोल्टेज बढ़ा पर माइनरें जस की तस

Sun, 03 Sep 2017 12:59 AM IST
Updated Sun, 03 Sep 2017 12:59 AM IST
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वोल्टेज बढ़ा पर माइनरें जस की तस
वोल्टेज बढ़ा पर माइनरें जस की तस
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बारिश होने के बाद भी माइनरों में नहीं पहुंचा पानी
किशनपुर पंप कैनाल का हाल बेहाल, किसान हलाकान
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
किशनपुर पंप कैनाल की माइनरों में बारिश के मौसम में लगातार धूल उड़ती रही। इस दौरान विभाग लो वोल्टेज का बहाना बनाता रहा। पिछले सप्ताह दो दिन हुई झमाझम बारिश के बाद वोल्टेज तो बढ़ गया पर माइनरों में पानी नहीं पहुंचा। माइनरों में पानी न होने से इलाकाई किसानों का हाल बेहाल है।
किशनपुर पम्प कैनाल की जिले में 28 माइनरें व छह रजबहे हैं। इन माइनरों व रहबहों के सहारे जिले में दस से 12 हजार हेक्टेयर भूमि पर रबी व खरीफ की खेती होती है। कई सालों से किशनपुर पंप कैनाल की माइनरें व रजबहे सिंचाई के ऐन वक्त पर किसानों को दगा देती चली आ रही हैं। इस साल भी वही हाल है। पिछले दिनों लगभग 25 दिन बारिश नहीं होने पर खेतों में रोपी गई धान की फसलों को पानी की जरूरत हुई। लेकिन वोल्टेज लो होने के कारण किशनपुर पंप कैनाल के सिर्फ पांच पंप ही चल रहे थे। इसके चलते माइनरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा था। पिछले शनिवार व रविवार को जिले में झमाझम बारिश हुई तो वोल्टेज में अच्छा सुधार हुआ। वोल्टेज सुधार होने के बाद किसानों को माइनरों में पानी आने की उम्मीद हुई, लेकिन सप्ताह भर का समय बीत जाने के बाद माइनरों में पानी नहीं पहुंचा। बानगी के तौर पर कैनाल की म्योहर, बंधुरी रसूलीपुर, घोषिया, कनैली आदि माइनरों को लिया जा सकता है। इन माइनरों में बूंद भर पानी नहीं होने से नहर के भरोसे खेती करने वाले किसानों का हाल बेहाल है। उधर सिंचाई विभाग के जिम्मेदार हैं कि वह माइनरों में पानी पहुंचाने को लेकर कुछ बोल नहीं रहे हैं।
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सीडीओ के पत्र का नहीं हुआ असर
पिछले सप्ताह मुख्य विकास अधिकारी से कुछ गांवों के किसानों ने माइनरों में पानी छोड़े जाने की मांग की थी। आरोप लगाया था कि दो माह से माइनरों में बूंद भर पानी नहीं छोड़ा गया है। किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने वोल्टेज में सुधार को लेकर एक्सईएन बिजली व माइनरों में पानी छोड़े जाने के लिए एक्सईएन सिंचाई को पत्र लिखा था। सीडीओ के पत्र का असर भी नहर विभाग के जिम्मेदारों पर नहीं पड़ रहा है। पिछले सप्ताह हुई बारिश से फिल सूख रही फसलों को राहत मिल गई है पर नहर विभाग का हाल देख किसानों में फसल को लेकर भविष्य की चिंता सता रही है।
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रबी के दौरान उफनाती हैं माइनरें
रबी की खेती के दौरान किशनपुर पंप कैनाल की माइनरें उफनाकर किसानों की गाढ़ी कमाई को नष्ट करने का काम करती है। माइनरों में पानी दिसंबर व जनवरी महीने में ही देखने को मिलता है। इसके बाद वर्ष भर माइनरों में धूल ही उड़ती रहती है। विभाग की इस मनमानी से क्षेत्र के किसान आजिज आ चुके हैं।




बारिश के बाद वोल्टेज में सुधार हुआ है। सात पंपों का संचालन शुरू करा दिया गया है। जल्द ही माइनरों में रोस्टर के अनुरूप पानी छोड़ा जाएगा। किसानों की फसलें सूखने नहीं पाएंगी।
आरके निरंजन
एक्सईएन सिंचाई
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