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सावधान! मवेशी खूंटे से छूटा तो हो सकती है मुसीबत
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सावधान! मवेशी खूंटे से छूटा तो हो सकती है मुसीबत
पशु पालक को बछिया दिलाने में पशु चिकित्साधिकारी पर शिकंजा
विहिप नेताओं ने डीएम और सीवीओ से की शिकायत, नोटिस की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। अगर आप पशु पालक हैं तो अपने मवेशी को खूंटे से बांध कर रखिए। मवेशी खुला मिला तो आवारा गोवंश पकड़ने वाली टीम उसे आश्रय स्थल में छोड़ आएगी। इसके बाद उसे वापस पाने में काफी पापड़ बेलने पड़ सकते हैं। ऐसे ही एक मामले में मंझनपुर की पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सीमा पर विभाग का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। विहिप नेताओं की शिकायत पर उन्हें नोटिस जारी करने की तैयारी हो रही है।
छुट्टा मवेशियों को पकड़कर गो आश्रय स्थल में रखने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पशु पालन विभाग की टीम के अलावा नगर पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर भी मवेशियों को पकड़कर आश्रय स्थलों में रखवाया जा रहा है। ऐसे ही एक मामले में नया मोड़ आ गया। दरअसल मंझनपुर कस्बे की एक महिला पांच जून की रात अपनी दुधारू गाय को हैंडपंप पर पानी पिलाने गई थी। इस दौरान गाय की छह माह की बछिया छूटी थी। इसी बीच उधर से गुजरी नगर पंचायत कर्मियों की टीम ने बछिया को पकड़ लिया और उसे आश्रय स्थल पहुंचा दिया। उधर गाय को पानी पिलाने के बाद महिला घर पहुंची तो बछिया गायब थी। काफी खोजबीन के बाद भी बछिया का पता नहीं चला। सात जून को वह मंझनपुर की पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सीमा के पास पहुंची और बताया कि उसकी बछिया गायब है। तभी से गाय चारा नहीं खा रही है और न ही दूध दे रही है। सारा वाकया जानने के बाद डॉ. सीमा महिला को लेकर नगर पंचायत के आश्रय स्थल पहुंची तो वह बछिया मिल गई। डॉ. सीमा के कहने पर बछिया महिला को दे दिया गया। अब महिला की गाय पहले की तरह दूध देने लगी है। इसी तरह एक अन्य पशु पालक की गाय को भी नगर पंचायत के कर्मचारी पकड़ लाए थे। उस गाय को भी डॉ. सीमा ने पशु पालक के हवाले कराया। यह बात विहिप के कुछ नेताओं को काफी अखरी। उन्होंने मामले की शिकायत जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और सीवीओ डॉ. बीडी पांडेय से की। डॉ. सीमा का कहना है कि वह अवकाश पर हैं। गाय और बछिया पशु पालक को दिलाने के मामले में उन्हें नोटिस देने की तैयारी है। दरअसल यह कहा जा रहा है कि बिना जुर्माने के आश्रय स्थल से मवेशी को पशु पालक को कैसे दिलाया गया। उन्होंने कहा मवेशी पकड़ने से पहले मुनादी कराना चाहिए। ऐसे कराए बगैर किसी का पशु पकड़ना गलत है। नोटिस के बाद वह जवाब दाखिल करने को तैयार हैं।
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इनका कहना है
मवेशियों को बिना जुर्माना छुड़ाने के मामले में ईओ मंझनपुर रिपोर्ट भेज सकते हैं। ईओ की रिपोर्ट पर एसडीएम मंझनपुर नोटिस जारी कर जवाब मांग सकते हैं। फिलहाल पशुपालन विभाग से इसका कोई लेना-देना नहीं।
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डॉ. बीपी पाठक, सीवीओ
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पशु पालक को बछिया दिलाने में पशु चिकित्साधिकारी पर शिकंजा
विहिप नेताओं ने डीएम और सीवीओ से की शिकायत, नोटिस की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। अगर आप पशु पालक हैं तो अपने मवेशी को खूंटे से बांध कर रखिए। मवेशी खुला मिला तो आवारा गोवंश पकड़ने वाली टीम उसे आश्रय स्थल में छोड़ आएगी। इसके बाद उसे वापस पाने में काफी पापड़ बेलने पड़ सकते हैं। ऐसे ही एक मामले में मंझनपुर की पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सीमा पर विभाग का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। विहिप नेताओं की शिकायत पर उन्हें नोटिस जारी करने की तैयारी हो रही है।
छुट्टा मवेशियों को पकड़कर गो आश्रय स्थल में रखने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पशु पालन विभाग की टीम के अलावा नगर पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर पर भी मवेशियों को पकड़कर आश्रय स्थलों में रखवाया जा रहा है। ऐसे ही एक मामले में नया मोड़ आ गया। दरअसल मंझनपुर कस्बे की एक महिला पांच जून की रात अपनी दुधारू गाय को हैंडपंप पर पानी पिलाने गई थी। इस दौरान गाय की छह माह की बछिया छूटी थी। इसी बीच उधर से गुजरी नगर पंचायत कर्मियों की टीम ने बछिया को पकड़ लिया और उसे आश्रय स्थल पहुंचा दिया। उधर गाय को पानी पिलाने के बाद महिला घर पहुंची तो बछिया गायब थी। काफी खोजबीन के बाद भी बछिया का पता नहीं चला। सात जून को वह मंझनपुर की पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सीमा के पास पहुंची और बताया कि उसकी बछिया गायब है। तभी से गाय चारा नहीं खा रही है और न ही दूध दे रही है। सारा वाकया जानने के बाद डॉ. सीमा महिला को लेकर नगर पंचायत के आश्रय स्थल पहुंची तो वह बछिया मिल गई। डॉ. सीमा के कहने पर बछिया महिला को दे दिया गया। अब महिला की गाय पहले की तरह दूध देने लगी है। इसी तरह एक अन्य पशु पालक की गाय को भी नगर पंचायत के कर्मचारी पकड़ लाए थे। उस गाय को भी डॉ. सीमा ने पशु पालक के हवाले कराया। यह बात विहिप के कुछ नेताओं को काफी अखरी। उन्होंने मामले की शिकायत जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और सीवीओ डॉ. बीडी पांडेय से की। डॉ. सीमा का कहना है कि वह अवकाश पर हैं। गाय और बछिया पशु पालक को दिलाने के मामले में उन्हें नोटिस देने की तैयारी है। दरअसल यह कहा जा रहा है कि बिना जुर्माने के आश्रय स्थल से मवेशी को पशु पालक को कैसे दिलाया गया। उन्होंने कहा मवेशी पकड़ने से पहले मुनादी कराना चाहिए। ऐसे कराए बगैर किसी का पशु पकड़ना गलत है। नोटिस के बाद वह जवाब दाखिल करने को तैयार हैं।
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इनका कहना है
मवेशियों को बिना जुर्माना छुड़ाने के मामले में ईओ मंझनपुर रिपोर्ट भेज सकते हैं। ईओ की रिपोर्ट पर एसडीएम मंझनपुर नोटिस जारी कर जवाब मांग सकते हैं। फिलहाल पशुपालन विभाग से इसका कोई लेना-देना नहीं।
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डॉ. बीपी पाठक, सीवीओ
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