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बिजली बिल मीटर रीडिंग में खेल, कार्यदाई संस्था को चेतावनी
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मंझनपुर। बिजली बिल निकालने वाली संस्था के मीटर रीडर विभाग को गुमराह कर बड़े पैमाने में खेल कर रहे हैं। चंद पैसे क े खातिर मीटर रीडर घर बैठे बिलिंग कर रहे हैं। इसके कारण राजस्व को जहां चूना लग रहा है वहीं बिजली विभाग की छवि भी धूमिल हो रही है।
मंझनपुर डिविजन में बिजली बिल निकालने का जिम्मा मेसर्स एमपाक्स को मिला है। इस संस्था ने 56 लोगों को मीटर रीडिंग निकालने लिए रखा है। कार्यदाई संस्था ने अमित श्रीवास्तव को सुपरवाइजर तैनात कर रखा है। पिछले दिनों तमाम उपभोक्ताओं के गलत बिल निकाले गए। मसलन अगर किसी की 34 हजार रीडिंग है तो बिलिंग 12 हजार युनिट की दी जाती है। ऐसे में पूर्व की रीडिंग से मिलान कराने पर बिल आरडीएफ (रीडिंग मिस मैच) में चला जाता है। इसके कारण उपभोक्ताओं को बिल सही कराने के लिए बिजली विभाग का चक्कर लगाना पड़ता है।
इसके कारण बिजली विभाग के अफसरों का जहां समय बर्बाद हो रहा है वहीं राजस्व की वसूली नहीं हो पा रही है। इस पर गंभीरता दिखाते हुए एक्सईएन अंकित कुमार ने एसडीओ से जांच कराई। जांच के दौरान लोगों के घरों का मीटर चेक किया गया तो चौकाने वाली बात सामने आई। मीटर कुछ चला था और रीडिंग गलत दर्ज कराई गई थी। मामले में मीटर रीडर अश्वनी पांडेय व संजय कुमार के खिलाफ कार्रवाई के लिए कार्यदाई संस्था को पत्र लिखा गया है।
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मीटर रीडिंग की गड़बड़ी के कारण जहां राजस्व को नुकसान हो रहा है वहीं उपभोक्ता भी परेशान हो रहे हैं। संस्था को दो बार रिमाइंडर भेज कर चेतावनी दिया गया है। चार बार यहीं गलती दोहराने पर संस्था को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।
अंकित कुमार, अधीशाषी अभियंता मंझनपुर
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मंझनपुर डिविजन में बिजली बिल निकालने का जिम्मा मेसर्स एमपाक्स को मिला है। इस संस्था ने 56 लोगों को मीटर रीडिंग निकालने लिए रखा है। कार्यदाई संस्था ने अमित श्रीवास्तव को सुपरवाइजर तैनात कर रखा है। पिछले दिनों तमाम उपभोक्ताओं के गलत बिल निकाले गए। मसलन अगर किसी की 34 हजार रीडिंग है तो बिलिंग 12 हजार युनिट की दी जाती है। ऐसे में पूर्व की रीडिंग से मिलान कराने पर बिल आरडीएफ (रीडिंग मिस मैच) में चला जाता है। इसके कारण उपभोक्ताओं को बिल सही कराने के लिए बिजली विभाग का चक्कर लगाना पड़ता है।
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इसके कारण बिजली विभाग के अफसरों का जहां समय बर्बाद हो रहा है वहीं राजस्व की वसूली नहीं हो पा रही है। इस पर गंभीरता दिखाते हुए एक्सईएन अंकित कुमार ने एसडीओ से जांच कराई। जांच के दौरान लोगों के घरों का मीटर चेक किया गया तो चौकाने वाली बात सामने आई। मीटर कुछ चला था और रीडिंग गलत दर्ज कराई गई थी। मामले में मीटर रीडर अश्वनी पांडेय व संजय कुमार के खिलाफ कार्रवाई के लिए कार्यदाई संस्था को पत्र लिखा गया है।
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मीटर रीडिंग की गड़बड़ी के कारण जहां राजस्व को नुकसान हो रहा है वहीं उपभोक्ता भी परेशान हो रहे हैं। संस्था को दो बार रिमाइंडर भेज कर चेतावनी दिया गया है। चार बार यहीं गलती दोहराने पर संस्था को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।
अंकित कुमार, अधीशाषी अभियंता मंझनपुर