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Kaushambi News: 54 मदरसों के 153 शिक्षक हुए बेरोजगार
Mon, 22 Jan 2024 03:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 22 Jan 2024 03:36 AM IST
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ओम प्रकाश सिंह यादव।
केंद्र सरकार के बाद अब राज्य सरकार ने भी आधुनिकीकरण योजना के तहत मदरसों को अंशदान नहीं दिए जाने का निर्णय लिया है। इससे जिले के 54 मदरसों में कार्यरत 153 शिक्षक पूरी तरह से बेरोजगार हो गए हैं। प्रदेश सरकार के निर्णय के बाद अब संबंधित मदरसा के शिक्षकों के समक्ष कई प्रकार की आर्थिक मुश्किलें खड़ी हो गईं।
मदरसों में दीनी तालीम के साथ दुनियावी शिक्षा दिए जाने को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने मदरसा आधुनिकीकरण योजना संचालित की थई। योजना के तहत प्रत्येक मदरसे में बच्चों को आधुनिक विषयों की भी शिक्षा दिए जाने का प्रावधान रखा गया। इसके लिए तीन-तीन शिक्षक भी आधुनिकीकरण योजना के तहत तैनात किए गए।
जिले में 85 मदरसा संचालित हैं। इनमें से 54 मदरसों ने आधुनिकीकरण योजना के तहत 153 शिक्षकों की तैनाती की गई थी। इन्हें केंद्रांश के साथ-साथ राज्यांश भी दिया जा रहा था। परास्नातक शिक्षकों को 12 हजार रुपये केंद्रांश जबकि तीन हजार रुपये राज्यांश के रूप में मिलता था। इस बीच पहले केंद्र सरकार और अब राज्य सरकार ने आधुनिकीकरण योजना बंद कर दी। इससे मदरसा में तैनात सभी 153 शिक्षक बेरोजगार हो गए। योजना के बंद होने से इन सभी के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। साथ ही भविष्य भी अंधकारमय हो गया।
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डेढ़ वर्ष पहले बंद हुई योजना
वर्ष 2021-2022 तक योजना के तहत मदरसा शिक्षकों को केंद्रांश दिया गया था। इसके बाद योजना बंद हो गई। हालांकि, राज्यांश के रूप में प्रत्येक शिक्षक को तीन-तीन हजार रुपये दिए जा रहे थे। अब प्रदेश सरकार ने भी इस योजना को बंद कर दिया।
मई तक ही मिला मानदेय
राज्य सरकार ने यूं तो आधुनिकीकरण योजना में अपना अंश देने से दिसंबर माह में मना किया। मदरसों में तैनात शिक्षकों को मानदेय मई तक का ही मिला है। आगे के सात माह मानदेय मिलेगा भी या नहीं, इस बाबत विभागीय अफसर भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
सरकार को इस तरह से अचानक नहीं करना चाहिए। नौकरी जाने के बाद परिवार पर आर्थिक संकट आ गया है। मजबूरी में अब खेती-किसानी कर परिवार का गुजारा करना पड़ रहा है।
ओम प्रकाश सिंह यादव,मदरसा अरबिया मदीनतुल उलूम चूहापीरन
नौकरी जाने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उम्र के इस पड़ाव में दूसरा काम करना मुश्किल हो रहा है। सरकार को फिर से आधुनिकीकरण योजना बहाल करनी चाहिए।
ओम प्रकाश मिश्रा,मदरसा अरबिया मदीनतुल उलूम चूहापीरन
प्रदेश सरकार ने भी आधुनिकीकरण योजना को समाप्त कर दिया है। ऐसे में केंद्रांश के साथ-साथ अब राज्यांश भी नहीं मिलेगा।
-सुनीता मंडार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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मदरसों में दीनी तालीम के साथ दुनियावी शिक्षा दिए जाने को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने मदरसा आधुनिकीकरण योजना संचालित की थई। योजना के तहत प्रत्येक मदरसे में बच्चों को आधुनिक विषयों की भी शिक्षा दिए जाने का प्रावधान रखा गया। इसके लिए तीन-तीन शिक्षक भी आधुनिकीकरण योजना के तहत तैनात किए गए।
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जिले में 85 मदरसा संचालित हैं। इनमें से 54 मदरसों ने आधुनिकीकरण योजना के तहत 153 शिक्षकों की तैनाती की गई थी। इन्हें केंद्रांश के साथ-साथ राज्यांश भी दिया जा रहा था। परास्नातक शिक्षकों को 12 हजार रुपये केंद्रांश जबकि तीन हजार रुपये राज्यांश के रूप में मिलता था। इस बीच पहले केंद्र सरकार और अब राज्य सरकार ने आधुनिकीकरण योजना बंद कर दी। इससे मदरसा में तैनात सभी 153 शिक्षक बेरोजगार हो गए। योजना के बंद होने से इन सभी के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। साथ ही भविष्य भी अंधकारमय हो गया।
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डेढ़ वर्ष पहले बंद हुई योजना
वर्ष 2021-2022 तक योजना के तहत मदरसा शिक्षकों को केंद्रांश दिया गया था। इसके बाद योजना बंद हो गई। हालांकि, राज्यांश के रूप में प्रत्येक शिक्षक को तीन-तीन हजार रुपये दिए जा रहे थे। अब प्रदेश सरकार ने भी इस योजना को बंद कर दिया।
मई तक ही मिला मानदेय
राज्य सरकार ने यूं तो आधुनिकीकरण योजना में अपना अंश देने से दिसंबर माह में मना किया। मदरसों में तैनात शिक्षकों को मानदेय मई तक का ही मिला है। आगे के सात माह मानदेय मिलेगा भी या नहीं, इस बाबत विभागीय अफसर भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
सरकार को इस तरह से अचानक नहीं करना चाहिए। नौकरी जाने के बाद परिवार पर आर्थिक संकट आ गया है। मजबूरी में अब खेती-किसानी कर परिवार का गुजारा करना पड़ रहा है।
ओम प्रकाश सिंह यादव,मदरसा अरबिया मदीनतुल उलूम चूहापीरन
नौकरी जाने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उम्र के इस पड़ाव में दूसरा काम करना मुश्किल हो रहा है। सरकार को फिर से आधुनिकीकरण योजना बहाल करनी चाहिए।
ओम प्रकाश मिश्रा,मदरसा अरबिया मदीनतुल उलूम चूहापीरन
प्रदेश सरकार ने भी आधुनिकीकरण योजना को समाप्त कर दिया है। ऐसे में केंद्रांश के साथ-साथ अब राज्यांश भी नहीं मिलेगा।
-सुनीता मंडार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी

ओम प्रकाश सिंह यादव।