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शौचालय नहीं बनवाने पर बंद होगा राशन-पेंशन
Updated Wed, 15 Nov 2017 01:03 AM IST
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शौचालय नहीं बनवाने पर बंद होगा राशन-पेंशन
-बैंकों में नहीं खुलेगा खाता और न ही वाहनों का होगा रजिस्ट्रेशन
-30 दिसम्बर तक जिले को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए डीएम ने जारी किया फरमान
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। महज डेढ़ महीने के भीतर जिले को ओडीएफ करने के लिए प्रशासन ने नायाब तरीका निकाला है। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने साफ चेतावनी दी है कि हफ्ते भर के भीतर घरों में शौचालय नहीं बनवाने वालों का राशन-पेंशन बंद कर दिया जाएगा। बगैर शौचालय के एआरटीओ दफ्तर में वाहनों का पंजीकर व बैंकों में खाता खोलने पर डीएम ने रोक लगा दी है। इसके लिए मंगलवार को सभी विभागाध्यक्षों के साथ ही ग्राम प्रधानों को निर्देश जारी कर दिया गया है। डीएम के इस फरमान से जिले भर में खलबली मची है।
केंद्र और प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में शामिल स्वच्छता मिशन योजना के तहत जिले को 30 दिसंबर तक पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त किया जाना है। इसके लिए अफसर साल भर से कवायद कर रहे हैं। अफसरों की टीम गांवों में मार्निंग फॉलोअप कर ग्रामीणों को घर-घर शौचालय निर्माण कराने के लिए जागरूक कर रही है। इसमें लापरवाही बरतने वाले ग्राम प्रधानों और सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद भी अब तक सिर्फ अपेक्षित शौचालयों का निर्माण नहीं हो सका है। निर्धारित समय सीमा को महज डेढ़ माह शेष बचने से काम पूरा करने को लेकर अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है। लिहाजा डीएम मनीष कुमार वर्मा ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में सभी विभागाध्यक्षों के साथ ही ग्राम प्रधानों की बैठक बुलाई। इसमें उन्होंने कहा कि बाकी बचे डेढ़ माह के भीतर युद्ध स्तर पर घर-घर शौचालय निर्माण कराना है। इसके लिए डीएम ने सरकारी योजनाओं, मसलन राशन, पेंशन, आवास, पट्टा आदि से उन्हें लाभान्वित कराने का निर्देश दिया जिन्होंने अपने घरों में शौचालय का निर्माण करा लिया हो। बाकियों की राशन, पेंशन बंद करने का निर्देश दिया। एलडीएम को बैंकों में खाता खोलने व एआरटीओ को वाहनों के रजिस्ट्रेशन करने से पहले शौचालय का प्रमाण पत्र लेने का निर्देश दिया। बैठक में एडीएम राकेश कुमार श्रीवास्तव, डीपीआरओ कमल किशोर, डीएसओ, एलडीएम, एसडीएम के साथ ही तमाम ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
कोटेदार करेंगे शौचालय का सत्यापन
राशन के लिए पहुंचने वाले कार्डधारकों के घर शौचालय है कि नहीं इसकी तस्दीक कोटेदार करेंगे। डीएम ने इसके लिए डीएसओ से सभी कोटेदारों को निर्देशित करने का फरमान दिया। कहा कि कोटेदार की रिपोर्ट पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
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कर्मचारियों के घर शौचालय नहीं होने पर रुकेगी पगार
जिन सरकारी कर्मचारियों के घर शौचालय का निर्माण नहंी हुआ है। वह भी जल्द से जल्द निर्माण करा लें। इसके लिए उन्हें किसी तरह की कोई सरकारी धनराशि नहीं दी जाएगी। डीएम ने हफ्ते भर के भीतर निर्माण नहीं कराने वाले सरकारी कर्मचारियों का वेतन रोक दिए जाने की चेतावनी दी है।
खराब हैंडपंपों की रिबोरिंग तत्काल कराएं ग्राम प्रधान
कलक्ट्रेट की बैठक में डीएम ने सभी ग्राम प्रधानों को सार्वजनिक स्थानों पर लगे खराब हैंडपम्पों की रिबोरिंग कराने का निर्देश दिया। प्राइमरी स्कूलों और आंगनबॉड़ी केंद्रों के हैंडपंपों को प्राथमिकता के आधार पर बनवाने का निर्देश दिया। साथ ही एमडीएम की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
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-बैंकों में नहीं खुलेगा खाता और न ही वाहनों का होगा रजिस्ट्रेशन
-30 दिसम्बर तक जिले को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए डीएम ने जारी किया फरमान
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। महज डेढ़ महीने के भीतर जिले को ओडीएफ करने के लिए प्रशासन ने नायाब तरीका निकाला है। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने साफ चेतावनी दी है कि हफ्ते भर के भीतर घरों में शौचालय नहीं बनवाने वालों का राशन-पेंशन बंद कर दिया जाएगा। बगैर शौचालय के एआरटीओ दफ्तर में वाहनों का पंजीकर व बैंकों में खाता खोलने पर डीएम ने रोक लगा दी है। इसके लिए मंगलवार को सभी विभागाध्यक्षों के साथ ही ग्राम प्रधानों को निर्देश जारी कर दिया गया है। डीएम के इस फरमान से जिले भर में खलबली मची है।
केंद्र और प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में शामिल स्वच्छता मिशन योजना के तहत जिले को 30 दिसंबर तक पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त किया जाना है। इसके लिए अफसर साल भर से कवायद कर रहे हैं। अफसरों की टीम गांवों में मार्निंग फॉलोअप कर ग्रामीणों को घर-घर शौचालय निर्माण कराने के लिए जागरूक कर रही है। इसमें लापरवाही बरतने वाले ग्राम प्रधानों और सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद भी अब तक सिर्फ अपेक्षित शौचालयों का निर्माण नहीं हो सका है। निर्धारित समय सीमा को महज डेढ़ माह शेष बचने से काम पूरा करने को लेकर अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है। लिहाजा डीएम मनीष कुमार वर्मा ने मंगलवार को कलक्ट्रेट में सभी विभागाध्यक्षों के साथ ही ग्राम प्रधानों की बैठक बुलाई। इसमें उन्होंने कहा कि बाकी बचे डेढ़ माह के भीतर युद्ध स्तर पर घर-घर शौचालय निर्माण कराना है। इसके लिए डीएम ने सरकारी योजनाओं, मसलन राशन, पेंशन, आवास, पट्टा आदि से उन्हें लाभान्वित कराने का निर्देश दिया जिन्होंने अपने घरों में शौचालय का निर्माण करा लिया हो। बाकियों की राशन, पेंशन बंद करने का निर्देश दिया। एलडीएम को बैंकों में खाता खोलने व एआरटीओ को वाहनों के रजिस्ट्रेशन करने से पहले शौचालय का प्रमाण पत्र लेने का निर्देश दिया। बैठक में एडीएम राकेश कुमार श्रीवास्तव, डीपीआरओ कमल किशोर, डीएसओ, एलडीएम, एसडीएम के साथ ही तमाम ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
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कोटेदार करेंगे शौचालय का सत्यापन
राशन के लिए पहुंचने वाले कार्डधारकों के घर शौचालय है कि नहीं इसकी तस्दीक कोटेदार करेंगे। डीएम ने इसके लिए डीएसओ से सभी कोटेदारों को निर्देशित करने का फरमान दिया। कहा कि कोटेदार की रिपोर्ट पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
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कर्मचारियों के घर शौचालय नहीं होने पर रुकेगी पगार
जिन सरकारी कर्मचारियों के घर शौचालय का निर्माण नहंी हुआ है। वह भी जल्द से जल्द निर्माण करा लें। इसके लिए उन्हें किसी तरह की कोई सरकारी धनराशि नहीं दी जाएगी। डीएम ने हफ्ते भर के भीतर निर्माण नहीं कराने वाले सरकारी कर्मचारियों का वेतन रोक दिए जाने की चेतावनी दी है।
खराब हैंडपंपों की रिबोरिंग तत्काल कराएं ग्राम प्रधान
कलक्ट्रेट की बैठक में डीएम ने सभी ग्राम प्रधानों को सार्वजनिक स्थानों पर लगे खराब हैंडपम्पों की रिबोरिंग कराने का निर्देश दिया। प्राइमरी स्कूलों और आंगनबॉड़ी केंद्रों के हैंडपंपों को प्राथमिकता के आधार पर बनवाने का निर्देश दिया। साथ ही एमडीएम की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी।