फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   भरवारी में दर्जन भर तालाबों के वजूद पर संकट

भरवारी में दर्जन भर तालाबों के वजूद पर संकट

Tue, 14 Nov 2017 01:04 AM IST
Updated Tue, 14 Nov 2017 01:04 AM IST
विज्ञापन
भरवारी में दर्जन भर तालाबों के वजूद पर संकट
भरवारी में दर्जन भर तालाबों के वजूद पर संकट
विज्ञापन

-तालाब अतिक्रमण कर कस्बाइयों ने किया अवैध कब्जा
-शिकायतों के बावजूद एंटी-भू-माफिया टीम ने भी नहीं कर रही कार्रवाई
भरवारी (ब्यूरो)। नगर पंचायत भरवारी के दर्जनभर तालाबों की पहचान खतरे में है। स्थानीय बाशिंदे तालाबों को पाटकर अवैध निर्माण करा रहे हैं। नगर प्रशासन भी तालाबों पर हो रहे अवैध निर्माण लेकर चुप्पी साधे हुए है। एंटी-भू-माफिया टीम भी तालाबों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
नगर पंचायत भरवारी में तालाबों की संख्या एक दर्जन से अधिक है। इन तालाबों में वार्ड नम्बर एक व तीन की सीमा से जुड़ा भौरहा, वार्ड नम्बर दो स्थित नई तारा, वार्ड नम्बर पांच का गौदहाई, वार्ड नम्बर 12 का चिकहाई सहित दर्जनभर तालाबों की पहचान खत्म होती जा रही है। तालाबी रकबे को पाटकर कस्बे के लोगों ने सुविधानुसार भवन निर्माण व बाउंड्रीवाल करा लिया है। यह खेल अभी भी तालाबों पर जारी है। नगर पंचायत प्रशासन है कि तालाबों पर हो रहे अवैध कब्जे को रोकना तो दूर तहसील प्रशासन को रिपोर्ट तक नहीं दे रहा है। हद तो तब हो गई जब शासन के निर्देश पर गठित एंटी-भू-माफिया टीम की नजर भी तीन माह में कस्बे के एक भी तालाब पर नहीं पड़ सकी। यही हाल रहा तो कस्बे के तालाबों की पहचान मिटने में देर नहीं लगेगी। मामले में अधिशासी अधिकारी भरवारी डीके सिंह का कहना है कि तालाबी भूमि पर प्रत्येक कब्जाधारक के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसकी जिम्मेदारी डीएम ने एसडीएम चायल अश्वनी कुमार श्रीवास्तव को दे रखी है।
विज्ञापन



तहसील परिसर के शौचालय निर्माण में गोलमाल
चायल (ब्यूरो)। स्थानीय तहसील परिसर में शौचालय निर्माण करा रहे ठेकेदार ने साल भर पहले बने मूत्रालय को तोड़वा दिया। इसके बाद उसकी ईंट का प्रयोग नए शौचालय में कर रहा है। तहसील प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे खेल पर किसी की नजर नहीं जा रही है। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि अफसर विकास कार्यों के प्रति कितने संजीदा हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

चायल तहसील परिसर में आने-जाने वाले लोगों की समस्याओं को देखते हुए नगर पंचायत प्रशासन ने पिछले साल एक लाख की लागत से मूत्रालय का निर्माण कराया था। इसमें महिला व पुरुष के लिए अलग-अलग दो-दो मूत्रालय बने थे। हाल ही में नगर पंचायत प्रशासन ने तहसील परिसर में शौचालय निर्माण कराने के लिए साढ़े दस लाख का टेंडर किया था। टेंडर लेने के बाद ठेकेदार ने निर्माण भी शुरू करा दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार ने साल भर पहले बने मूत्रालय को तोड़वा दिया और उसकी ईंट का प्रयोग नए शौचालय निर्माण में कर रहा है। इसे लेकर स्थानीय तहसील के अधिवक्ताओं, स्टाम्प वेंडरों में ठेकेदार के प्रति नाराजगी है। मामले में एसडीएम अश्वनी कुमार श्रीवास्तव से पूछा गया तो उन्होंने जानकारी से इनकार करते हुए देखने की बात कही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed