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चम्मच रेस में नाजमीन व दौड़ में गुलशन रहे अव्वल
Updated Sat, 09 Dec 2017 12:09 AM IST
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चम्मच रेस में नाजमीन और दौड़ में गुलशन रहे अव्वल
-दिव्यांग बच्चों का एकेडमिक स्पोर्ट्स एंड कल्चरल मीट का हुआ आयोजन
-बच्चों के भविष्य निर्माण में खेल का अहम रोल : डीएम
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। विश्व विकलांग दिवस पर शुक्रवार को परिषदीय स्कूलों एवं एक्सीलरेटेड लर्निंग कैंप पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों का एकेडमिक स्पोर्ट्स एवं मीट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डायट परिसर में आयोजित प्रतियोगिता में दिव्यांगों का प्रदर्शन देख लोग दंग रह गए। डीएम ने विजेताओं को पुरस्कृत करते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य निर्माण में खेल का अहम स्थान है।
कार्यक्रम का शुभारंभ सीडीओ हीरालाल ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। कस्तूरबा गांधी आवासीय आश्रम पद्धति विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना कर कार्यक्रम का आगाज किया। इसके बाद दिव्यांगों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। बालिका वर्ग की चम्मच रेस व गोली खेल प्रतियोगिता में नाजमीन को प्रथम, पूजा को द्वितीय, आरती को तृतीय स्थान मिला। सौ मीटर दौड़ में गुलशन ने पहला रोहित ने दूसरा तथा आरती ने तीसरा स्थान हासिल किया। इसके अलावा चित्रकला, रंगोली, कुर्सी दौड़, ट्राई सायकिल दौड़, फैंसी ड्रेस, जलेबी दौड़ आदि प्रतियोगिताएं भी कराई गईं। समापन अवसर पर विजेताओं को पुरस्कार वितरित करते हुए डीएम ने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को अपना मनोबल हमेशा ऊंचा रखना चाहिए। इससे कामयाबी मिलने की पूरी गारंटी होती है। बच्चों के भविष्य में खेल के महत्व की चर्चा करते हुए डीएम ने कॉलेज स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। डीएम ने दिव्यांग बच्चों को स्वेटर मुहैया कराने का निर्देश बीएसए को दिया। इस मौके पर जिला समन्वयक विकास पांडेय के साथ ही संबंधित संस्थाओं के शिक्षिक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
गड्ढों में तब्दील दारानगर-हब्बूनगर मार्ग
-फरीदागंज चौराहे पर सड़क के गड्ढे में फंसकर चोटिल होते हैं छात्र
फोटो-
कड़ा (ब्यूरो)। सिराथू ब्लॉक के दारानगर-हब्बूनगर मार्ग को गड्ढा मुक्त अभियान से बेजार है। यही वजह है कि गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। इसके चलते रोजाना सड़क के गड्ढों में फंसकर स्कूली बच्चे और मुसाफिर चोटिल हो रहे हैं।
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दारानगर-हब्बूनगर मार्ग की दूरी तकरीबन चार किलोमीटर है। इस मार्ग पर कई स्कूल-कॉलेज हैं। साथ ही आधा दर्जन गांव के ग्रामीणों का आवागमन होता है। पिछले दो सालों से चार किलोमीटर के समूचे मार्ग में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। सबसे खराब स्थिति फरीदागंज चौराहे पर है। यहां बस्ती का गंदा पानी सड़क के गड्ढों में भरा रहता है। सर्फाईकर्मी के नहीं आने से नालियां चोक हैं। इसके चलते रोजाना दुर्घटनाएं होती हैं। गांव के मो. मियां, अहमद मियां, मो. आरिफ, महमूद, अशोक मौर्या आदि ग्रामीणों का कहना है कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने गड्ढामुक्त अभियान चलाया तो लगा इस सड़क की भी मरम्मत हो जाएगी। मगर ऐसा नहीं हो सका। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से बदहाल सड़क को दुरुस्त कराने की मांग की है।
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-दिव्यांग बच्चों का एकेडमिक स्पोर्ट्स एंड कल्चरल मीट का हुआ आयोजन
-बच्चों के भविष्य निर्माण में खेल का अहम रोल : डीएम
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। विश्व विकलांग दिवस पर शुक्रवार को परिषदीय स्कूलों एवं एक्सीलरेटेड लर्निंग कैंप पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों का एकेडमिक स्पोर्ट्स एवं मीट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डायट परिसर में आयोजित प्रतियोगिता में दिव्यांगों का प्रदर्शन देख लोग दंग रह गए। डीएम ने विजेताओं को पुरस्कृत करते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य निर्माण में खेल का अहम स्थान है।
कार्यक्रम का शुभारंभ सीडीओ हीरालाल ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। कस्तूरबा गांधी आवासीय आश्रम पद्धति विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना कर कार्यक्रम का आगाज किया। इसके बाद दिव्यांगों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। बालिका वर्ग की चम्मच रेस व गोली खेल प्रतियोगिता में नाजमीन को प्रथम, पूजा को द्वितीय, आरती को तृतीय स्थान मिला। सौ मीटर दौड़ में गुलशन ने पहला रोहित ने दूसरा तथा आरती ने तीसरा स्थान हासिल किया। इसके अलावा चित्रकला, रंगोली, कुर्सी दौड़, ट्राई सायकिल दौड़, फैंसी ड्रेस, जलेबी दौड़ आदि प्रतियोगिताएं भी कराई गईं। समापन अवसर पर विजेताओं को पुरस्कार वितरित करते हुए डीएम ने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को अपना मनोबल हमेशा ऊंचा रखना चाहिए। इससे कामयाबी मिलने की पूरी गारंटी होती है। बच्चों के भविष्य में खेल के महत्व की चर्चा करते हुए डीएम ने कॉलेज स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। डीएम ने दिव्यांग बच्चों को स्वेटर मुहैया कराने का निर्देश बीएसए को दिया। इस मौके पर जिला समन्वयक विकास पांडेय के साथ ही संबंधित संस्थाओं के शिक्षिक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
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गड्ढों में तब्दील दारानगर-हब्बूनगर मार्ग
-फरीदागंज चौराहे पर सड़क के गड्ढे में फंसकर चोटिल होते हैं छात्र
फोटो-
कड़ा (ब्यूरो)। सिराथू ब्लॉक के दारानगर-हब्बूनगर मार्ग को गड्ढा मुक्त अभियान से बेजार है। यही वजह है कि गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। इसके चलते रोजाना सड़क के गड्ढों में फंसकर स्कूली बच्चे और मुसाफिर चोटिल हो रहे हैं।
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दारानगर-हब्बूनगर मार्ग की दूरी तकरीबन चार किलोमीटर है। इस मार्ग पर कई स्कूल-कॉलेज हैं। साथ ही आधा दर्जन गांव के ग्रामीणों का आवागमन होता है। पिछले दो सालों से चार किलोमीटर के समूचे मार्ग में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। सबसे खराब स्थिति फरीदागंज चौराहे पर है। यहां बस्ती का गंदा पानी सड़क के गड्ढों में भरा रहता है। सर्फाईकर्मी के नहीं आने से नालियां चोक हैं। इसके चलते रोजाना दुर्घटनाएं होती हैं। गांव के मो. मियां, अहमद मियां, मो. आरिफ, महमूद, अशोक मौर्या आदि ग्रामीणों का कहना है कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने गड्ढामुक्त अभियान चलाया तो लगा इस सड़क की भी मरम्मत हो जाएगी। मगर ऐसा नहीं हो सका। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से बदहाल सड़क को दुरुस्त कराने की मांग की है।