फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   गुम हो गए जिले के 25 कांजी हाउस

गुम हो गए जिले के 25 कांजी हाउस

Wed, 23 Aug 2017 07:51 PM IST
Updated Wed, 23 Aug 2017 07:51 PM IST
विज्ञापन
गुम हो गए जिले के 25 कांजी हाउस
कागजों पर चल रहे कांजी हाउस
विज्ञापन

गुम हो गए जिले के 25 पशु संरक्षण गृह
अधिकतर की भूमि पर हो चुका है कब्जा
पिछले साल तीन का हुआ ठेका, नहीं बंद हो सके एक भी मवेशी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
आवारा पशुओं को बंद करने और पशु मालिक के पहुंचने पर उसे अर्थदंड लगाकर छोड़े जाने के लिए बनाए गए 25 कांजी हाउस अब गुम हो चुके हैं। 25 में तीन कांजी हाउस का ठेका जिला पंचायत ने पिछले साल कराया था। इनमें भी आवारा पशुओं को पकड़कर बंद नहीं किया गया। उधर कांजी हाउस की भूमि पर स्थानीय लोगों ने अवैध कब्जा जमा लिया है। महकमे के जिम्मेदार हैं कि वह कांजी हाउस को लेकर पूरी तरह से उदासीन हैं।
तस्करी के दौरान पकड़े जाने वाले पशुओं व आवारा मवेशियों को पकड़कर एक निश्चित स्थान पर भोजन-पानी दिया जा सके। इसके लिए शासन के निर्देश पर जिले में 25 कांजी हाउस खुलवाए गए थे। इनमें पश्चिमशरीरा, करारी, मंझनपुर, सरायअकिल, सिराथू, चयल आदि जगहों में कांजी हाउस खोले गए थे। पिछले साल जिला पंचायत द्वारा कांजी हाउस का ठेका देने के लिए 25 टेंडर निकाले गए। इनमें से महज तीन का ठेका जिले के लोगों ने लिया। बाकी के 22 कांजी हाउस का टेंडर ही नहीं पड़ सका था। इसके पीछे प्रमुख कारण बताया जा रहा कि कांजी हाउस की भूमि पर अवैध कब्जा हो चुका है। जिला पंचायत के जिम्मेदार भी भूमि पर हो चुके अवैध कब्जे को लेकर पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं। कुल मिलाकर आवारा पशुओं पर लगाम लगाने के लिए जिले में खुलवाए गए 25 कांजी हाउस जिला पंचायत की अनदेखी का शिकार हो गए हैं। अफसरों की अनदेखी के चलते उनका वजूद धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है।
विज्ञापन


इनसेट
योगी सरकार में आई आवारा पशुओं की बाढ़
सूबे में योगी सरकार बनने के बाद वधशाला पर लाइसेंस नियमावली का पालन सख्ती से कराया जाने लगा। इसके चलते वृद्ध हो चुके पशुओं को लोगों ने छुट्टा छोड़ दिया। मौजूदा समय में जिले का कोई भी ऐसा गांव व कस्बा नहीं है जहां पर बड़ी संख्या में आवारा पशु न घूम रहे हों। गांवों में छोड़े गए यह आवारा पशु खेतों में खड़ी फसलों को नष्ट कर रहे हैं। इससे किसान हैरान-परेशान हैं। कांजी हाउस का ठेका न होने से इन पशुओं को पकड़े जाने का सिलसिला भी पूरी तरह से थम गया है। यही हाल रहा तो छुट्टा घूम रहे आवारा पशुओं जिले भर के किसानों के लिए बड़ी समस्या बन जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन




क्या कहते हैं अधिकारी
जिले में आवारा पशुओं की संख्या कम होने की वजह से कांजी हाउस का ठेका नहीं हो पा रहा था। महज तीन कांजी हाउस का ठेका पिछले साल हुआ है। भूमि पर अवैध कब्जे की जानकारी नहीं है। ऐसा है तो इसकी जांच कराते हुए भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।
एलएन खरे, अपर मुख्य अधिकारी
जिला पंचायत, कौशाम्बी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed