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विमलेश हत्याकांड के मुख्य आरोपी की जामानत नामंजूर
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विमलेश हत्याकांड के मुख्य आरोपी की जमानत नामंजूर
एक वर्ष पहले पड़ोसी ने घर बुलाकर उतारा था मौत के घाट
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कौशाम्बी कोतवाली के रसूलपुर बड़गांव में एक वर्ष पहले मौत के घाट उतारे गए विमलेश के हत्यारोपी की अदालत ने जमानत अर्जी नामंजूर कर दी। अभियोजन के मुताबिक वादी मुकदमा राजमोहन सरोज ने 29 सिंतबर 2018 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बेटे विमलेश को गांव के ही फूलचंद्र सरोज अपने घर बुलाकर ले गया था। रात को बेटा घर नहीं लौटा तो खोजबीन शुरू की गई। इसके बाद फूलचंद्र के वह घर पहुंचा तो वहां पर खून पड़ा था। अनहोनी की आशंका होने पर गांव के लोगों के साथ उसने विमलेश की खोजबीन की तो उसका शव फूलचंद्र के घर के बाहर खेत में पड़ा मिला। यह मामला जिला जज महफूज अली की अदालत में विचाराधीन है। मंगलवार को फूलचंद्र की तरफ से जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। जिसमें शासकीय अधिवक्ता सोमेश्वर कुमार तिवारी ने जमानत का विरोध किया। कोर्ट ने सभी पक्ष को सुनने के बाद विमलेश की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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महिला ने सौतेले बेटे को पीटकर घर से निकाला, शिकायत
चायल (ब्यूरो)। पिपरी कोतवाली के स्थानीय गांव निवासी दिलीप कुमार मजदूरी करता है। उसने बताया कि उसकी पहली पत्नी पांच वर्ष पूर्व चल बसी थी। इसके बाद उसने दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी शांति देवी से उसका एक पांच वर्षीय बेटा है। दूसरी पत्नी अक्सर अपने सौतेले बेटे के साथ मारपीट करती थी। आरोप है कि बुधवार की रात करीब 10 बजे महिला ने मासूम बेटे को पीटकर घर से बाहर निकाल दिया। जब मजदूर घर वापस आया तो बेटे को घर से गायब देख परेशान हो गया। पड़ोसियों के साथ मिलकर खोजबीन की। इस दौरान उसका बेटा गांव के बाहर एक खेत में सोता हुआ मिला। पीड़ित पिता ने गुरुवार को थाने जाकर महिला के खिलाफ तहरीर दी।
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एक वर्ष पहले पड़ोसी ने घर बुलाकर उतारा था मौत के घाट
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कौशाम्बी कोतवाली के रसूलपुर बड़गांव में एक वर्ष पहले मौत के घाट उतारे गए विमलेश के हत्यारोपी की अदालत ने जमानत अर्जी नामंजूर कर दी। अभियोजन के मुताबिक वादी मुकदमा राजमोहन सरोज ने 29 सिंतबर 2018 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बेटे विमलेश को गांव के ही फूलचंद्र सरोज अपने घर बुलाकर ले गया था। रात को बेटा घर नहीं लौटा तो खोजबीन शुरू की गई। इसके बाद फूलचंद्र के वह घर पहुंचा तो वहां पर खून पड़ा था। अनहोनी की आशंका होने पर गांव के लोगों के साथ उसने विमलेश की खोजबीन की तो उसका शव फूलचंद्र के घर के बाहर खेत में पड़ा मिला। यह मामला जिला जज महफूज अली की अदालत में विचाराधीन है। मंगलवार को फूलचंद्र की तरफ से जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। जिसमें शासकीय अधिवक्ता सोमेश्वर कुमार तिवारी ने जमानत का विरोध किया। कोर्ट ने सभी पक्ष को सुनने के बाद विमलेश की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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महिला ने सौतेले बेटे को पीटकर घर से निकाला, शिकायत
चायल (ब्यूरो)। पिपरी कोतवाली के स्थानीय गांव निवासी दिलीप कुमार मजदूरी करता है। उसने बताया कि उसकी पहली पत्नी पांच वर्ष पूर्व चल बसी थी। इसके बाद उसने दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी शांति देवी से उसका एक पांच वर्षीय बेटा है। दूसरी पत्नी अक्सर अपने सौतेले बेटे के साथ मारपीट करती थी। आरोप है कि बुधवार की रात करीब 10 बजे महिला ने मासूम बेटे को पीटकर घर से बाहर निकाल दिया। जब मजदूर घर वापस आया तो बेटे को घर से गायब देख परेशान हो गया। पड़ोसियों के साथ मिलकर खोजबीन की। इस दौरान उसका बेटा गांव के बाहर एक खेत में सोता हुआ मिला। पीड़ित पिता ने गुरुवार को थाने जाकर महिला के खिलाफ तहरीर दी।
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