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फसल के लिए जान जोखिम में डाल रहे किसान
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कड़कड़ाती ठंड में आवारा पशुओं से फसल बचाने के लिए नेवादा क्षेत्र के किसान मौत से खेल रहें हैं। किसान खेतो में खाट डालकर रात दिन अन्ना मवेशियों से फसल की रखवाली कर रहे हैं। खाने-पाने से लेकर नहाना-धोना तक सबकुछ खेत पर ही करने को मजबूर किसान कहीं-कहीं तो खेत के चारों तरफ कटीला तार व रस्सी भी बांध दिए हैं। फिर भी, जरा सी चूक हुई तो अन्ना मवेशी खेत में घुसकर पलभर में हरी-भरी फसल चट कर दे रहे हैं।
चित्रकूट जिले के प्रतापपुर से बोट द्वारा यमुनापार कराकर किसानों ने हजारों की संख्या में इस पार पाली, परदवां, मऊ, बरियारी आदि गांवों में छोड़ दिए गए हैं। इसके चलते नेवादा क्षेत्र के सरहदी गांवों में अवारा पशुओं की बाढ़ आ गई है। इस समय पूरे क्षेत्र में लगभग 4000 आवारा पशुओं की संख्या हो गई है। जिससे किसानों में हाय तौबा मचा हुआ है।
समस्या अकेले नेवादा क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे जनपद में है। म्योहर, बसुहार, बहुंगरी, बहुंगरा, भगवानपुर, इमलीगांव, बिरनेर, खोंपा, घोसिया, कनैली, भखन्दा, नेवादा, तिल्हापुर, नदौली, नगरेहा, समेत सैकड़ों गांवों के किसान खेत में छप्पर डाल कर आवारा पशुओं से फसल बचाने के लिए मौत से खेल खेल रहें है। बेनीराम कटरा निवासी पप्पू गुप्ता, श्रीप्रकाश, बहुंगरी के गुत्था आदि किसानों का कहना है कि दो बीघा खेत उसने 14 हजार में झुरकट (झुरिया) खेत लेकर मटर बोया है।
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उम्मीद थी कि चार पैसे का फायदा मिलेगा। लेकिन खाट डालकर रखवाली करने के बाद भी फसल बचती नजर नहीं आ रही है। इसी तरह म्योहर निवासी हरीलाल सरोजए मन्नू सरोज, राकेश, बासुदेव, रामभवन, रामबाबू रैदास, बेनीप्रसाद सिंह आदि किसान हाड़कंपाऊ ठंड में रात भर खेतों में खाट डालकर फसल की रखवाली कर रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि योगी जी किसी तरह हम किसानों की आवारा पशुओं से किसी तरह फसल बचाने का उपाय करें।
चित्रकूट जिले के प्रतापपुर से बोट द्वारा यमुनापार कराकर किसानों ने हजारों की संख्या में इस पार पाली, परदवां, मऊ, बरियारी आदि गांवों में छोड़ दिए गए हैं। इसके चलते नेवादा क्षेत्र के सरहदी गांवों में अवारा पशुओं की बाढ़ आ गई है। इस समय पूरे क्षेत्र में लगभग 4000 आवारा पशुओं की संख्या हो गई है। जिससे किसानों में हाय तौबा मचा हुआ है।
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समस्या अकेले नेवादा क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे जनपद में है। म्योहर, बसुहार, बहुंगरी, बहुंगरा, भगवानपुर, इमलीगांव, बिरनेर, खोंपा, घोसिया, कनैली, भखन्दा, नेवादा, तिल्हापुर, नदौली, नगरेहा, समेत सैकड़ों गांवों के किसान खेत में छप्पर डाल कर आवारा पशुओं से फसल बचाने के लिए मौत से खेल खेल रहें है। बेनीराम कटरा निवासी पप्पू गुप्ता, श्रीप्रकाश, बहुंगरी के गुत्था आदि किसानों का कहना है कि दो बीघा खेत उसने 14 हजार में झुरकट (झुरिया) खेत लेकर मटर बोया है।
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उम्मीद थी कि चार पैसे का फायदा मिलेगा। लेकिन खाट डालकर रखवाली करने के बाद भी फसल बचती नजर नहीं आ रही है। इसी तरह म्योहर निवासी हरीलाल सरोजए मन्नू सरोज, राकेश, बासुदेव, रामभवन, रामबाबू रैदास, बेनीप्रसाद सिंह आदि किसान हाड़कंपाऊ ठंड में रात भर खेतों में खाट डालकर फसल की रखवाली कर रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि योगी जी किसी तरह हम किसानों की आवारा पशुओं से किसी तरह फसल बचाने का उपाय करें।