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सदा सुहागन रहने को रखा निर्जला व्रत
Updated Mon, 09 Oct 2017 12:27 AM IST
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लगे न किसी की नजर, लंबी हो सुहाग की उमर
करवा चौथ
सुहागिनों ने शिव-पार्वती को पूजा, चांद देखकर पति का दीदार करने के बाद किया पारण
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
पति की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली की कामना के लिए रविवार को सुहागिनों ने करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा। सोलह श्रृंगार करके महिलाओं ने इस दौरान सामूहिक रूप से शिव-पार्वती की विधि-विधान से पूजा की। वहीं रात में चांद देखकर पति के हाथ पानी पीकर व्रत का पारण किया।
धर्मशास्त्रों के मुताबिक शिव को पति के रूप में हासिल करने के लिए पार्वती जी ने निर्जला व्रत रखा था। तभी से युवतियां सदा सुहागन रहने के लिए इस व्रत को रखती हैं। इस व्रत को लेकर तमाम अन्य कथाएं भी हैं। द्वापर में अर्जुन के लिए द्रोपदी ने भी भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर करवा चौथ का व्रत रखा था। करवा चौथ का दिनभर निर्जला व्रत रखने वाली युवतियां दिन में सोलह श्रृंगार करके शिव-पार्वती की सामूहिक रूप से बैठकर पूजा करती हैं। करवा चौथ की कथा सुनती और सुनाती है। रात में चांद निकलने पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करके पति के हाथ से पानी पीकर व्रत का पारण करती है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर होने वाला सुहागिनों का यह व्रत इस साल रविवार को था। जिले की औरतों ने पतियों की लंबी उमर और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए इस व्रत को रखा। पूजा अर्चन के बाद सास-ससुर से आशीर्वाद लिया। इसके बाद चांद के साथ जीवनसाथी का दीदार कर व्रत का पारण किया।
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दोपहर तक गुलजार रहे बाजार
करवा चौथ का पर्व इस बाद रविवार को पड़ा। सुबह से ही बाजारों में सुहागिनों की लंबी कतार दुकानों में खरीददारी के लिए उमड़ी। दोपहर तक महिलाएं दुकानों में जमा रही। प्रमुख कस्बों में इस कदर भीड़ रही की कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
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महावर लगवाने के लिए उमड़ी सुहागिनों की भीड़
करवा चौथ पर रविवार को सुबह से की ब्यूटी पार्लर में महावर लगवाने के लिए महिलाओं की लंबी लाइन लगी रही। कौशाम्बी क े प्रमुख बाजारों में सजी ब्यूटी पार्लर की दुकानों में सुहागिनों की भीड़ लगी रही।
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करवा चौथ
सुहागिनों ने शिव-पार्वती को पूजा, चांद देखकर पति का दीदार करने के बाद किया पारण
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
पति की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली की कामना के लिए रविवार को सुहागिनों ने करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा। सोलह श्रृंगार करके महिलाओं ने इस दौरान सामूहिक रूप से शिव-पार्वती की विधि-विधान से पूजा की। वहीं रात में चांद देखकर पति के हाथ पानी पीकर व्रत का पारण किया।
धर्मशास्त्रों के मुताबिक शिव को पति के रूप में हासिल करने के लिए पार्वती जी ने निर्जला व्रत रखा था। तभी से युवतियां सदा सुहागन रहने के लिए इस व्रत को रखती हैं। इस व्रत को लेकर तमाम अन्य कथाएं भी हैं। द्वापर में अर्जुन के लिए द्रोपदी ने भी भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर करवा चौथ का व्रत रखा था। करवा चौथ का दिनभर निर्जला व्रत रखने वाली युवतियां दिन में सोलह श्रृंगार करके शिव-पार्वती की सामूहिक रूप से बैठकर पूजा करती हैं। करवा चौथ की कथा सुनती और सुनाती है। रात में चांद निकलने पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करके पति के हाथ से पानी पीकर व्रत का पारण करती है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर होने वाला सुहागिनों का यह व्रत इस साल रविवार को था। जिले की औरतों ने पतियों की लंबी उमर और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए इस व्रत को रखा। पूजा अर्चन के बाद सास-ससुर से आशीर्वाद लिया। इसके बाद चांद के साथ जीवनसाथी का दीदार कर व्रत का पारण किया।
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दोपहर तक गुलजार रहे बाजार
करवा चौथ का पर्व इस बाद रविवार को पड़ा। सुबह से ही बाजारों में सुहागिनों की लंबी कतार दुकानों में खरीददारी के लिए उमड़ी। दोपहर तक महिलाएं दुकानों में जमा रही। प्रमुख कस्बों में इस कदर भीड़ रही की कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
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महावर लगवाने के लिए उमड़ी सुहागिनों की भीड़
करवा चौथ पर रविवार को सुबह से की ब्यूटी पार्लर में महावर लगवाने के लिए महिलाओं की लंबी लाइन लगी रही। कौशाम्बी क े प्रमुख बाजारों में सजी ब्यूटी पार्लर की दुकानों में सुहागिनों की भीड़ लगी रही।
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