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मां-बेटे को जिंदा जलाने वाले पति को आजीवन कारावास
Updated Thu, 04 Oct 2018 01:02 AM IST
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मंझनपुर। शराब और जुएं की लत का विरोध करने पर मासूम बेटे संग पत्नी को जिंदा जलाने वाले पति को अदालत ने आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। फैसले के बाद अदालत से आरोपी को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया।
अभियोजन के मुताबिक वादी मुकदमा भाईलाल ने पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उसने वर्ष 2011 में अपनी बेटी सुनीता (25) की शादी पूरामुफ्ती कोतवाली अंतर्गत अशरफपुर गांव निवासी जियालाल के साथ की थी। सुनीता को एक बेटा भी हुआ। चार जून 2015 को जियालाल ने पत्नी व बेटे को कमरे में बंद कर केरोसिन डालकर आग लगा दी। आग में मां-बेटी जल गए। इन्हें इलाहाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान सुनीता ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मौत के बाद धारा 302 में तरमीम कर चार्जशीट अदालत में दाखिल की। मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद मिश्र की अदालत में विचाराधीन था। शासकीय अधिवक्ता अब्दुल लतीफ ने 14 गवाहों पेश कर गवाही कराई। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी जियालाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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अभियोजन के मुताबिक वादी मुकदमा भाईलाल ने पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उसने वर्ष 2011 में अपनी बेटी सुनीता (25) की शादी पूरामुफ्ती कोतवाली अंतर्गत अशरफपुर गांव निवासी जियालाल के साथ की थी। सुनीता को एक बेटा भी हुआ। चार जून 2015 को जियालाल ने पत्नी व बेटे को कमरे में बंद कर केरोसिन डालकर आग लगा दी। आग में मां-बेटी जल गए। इन्हें इलाहाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान सुनीता ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मौत के बाद धारा 302 में तरमीम कर चार्जशीट अदालत में दाखिल की। मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद मिश्र की अदालत में विचाराधीन था। शासकीय अधिवक्ता अब्दुल लतीफ ने 14 गवाहों पेश कर गवाही कराई। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी जियालाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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