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कौशाम्बी में डेंगू ने दी दस्तक, युवती की मौत
Updated Wed, 29 Aug 2018 01:10 AM IST
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पइंसा। डेंगू ने कौशाम्बी में भी दस्तक दे दी है। इससे पीड़ित सिराथू क्षेत्र के घटमापुर गांव में रहने वाली एक युवती की सोमवार रात मौत हो गई। घटना के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम और ग्रामीणों में दहशत है। दूसरी तरफ स्वास्थ्य महकमा बेखबर है।
घटमापुर निवासी मानसिंह मजदूरी कर परिवार का गुजारा करता है। उसकी इकलौती बेटी अमृता उर्फ पूजा (22) बीएसई की पढ़ाई पूरी करने के बाद घर पर ही सिलाई का काम करती थी। परिजनों के मुताबिक 15 अगस्त को उसे बुखार आया। इस पर उसे स्थानीय झोलाछाप के पास ले जाया गया, लेकिन आराम नहीं मिला। करीब दस दिन तक घर वाले उसका इधर-उधर इलाज कराते रहे। इस बीच अमृता की हालत सुधरने के बजाय और बिगड़ती चली गई। 26 अगस्त को तकलीफ ज्यादा बढ़ने पर परिजन उसे लेकर एसआरएन गए। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने अमृता को डेंगू से पीड़ित बताया। इस पर परिजन परेशान हो गए। एसआरएन में करीब 16 घंटे तक इलाज चला।
इसके बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इलाज के दौरान सोमवार की रात अमृता की सांस थम गई। बेटी की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन शव लेकर गांव आए तो ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। जानलेवा बीमारी की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत है। वहीं घटना के दूसरे दिन भी स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम गांव नहीं पहुंची थी। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी ने जानकारी से इंकार किया है। उनका कहना है कि यदि डेंगू पीड़ित की मौत हुई होगी तो एसआरएन से वेरीफिकेशन आएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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घटमापुर निवासी मानसिंह मजदूरी कर परिवार का गुजारा करता है। उसकी इकलौती बेटी अमृता उर्फ पूजा (22) बीएसई की पढ़ाई पूरी करने के बाद घर पर ही सिलाई का काम करती थी। परिजनों के मुताबिक 15 अगस्त को उसे बुखार आया। इस पर उसे स्थानीय झोलाछाप के पास ले जाया गया, लेकिन आराम नहीं मिला। करीब दस दिन तक घर वाले उसका इधर-उधर इलाज कराते रहे। इस बीच अमृता की हालत सुधरने के बजाय और बिगड़ती चली गई। 26 अगस्त को तकलीफ ज्यादा बढ़ने पर परिजन उसे लेकर एसआरएन गए। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने अमृता को डेंगू से पीड़ित बताया। इस पर परिजन परेशान हो गए। एसआरएन में करीब 16 घंटे तक इलाज चला।
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इसके बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इलाज के दौरान सोमवार की रात अमृता की सांस थम गई। बेटी की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन शव लेकर गांव आए तो ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। जानलेवा बीमारी की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत है। वहीं घटना के दूसरे दिन भी स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम गांव नहीं पहुंची थी। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी ने जानकारी से इंकार किया है। उनका कहना है कि यदि डेंगू पीड़ित की मौत हुई होगी तो एसआरएन से वेरीफिकेशन आएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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