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सपा-बसपा के गठबंधन को जिले में बरकरार रखना चुनौती
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सपा-बसपा के गठबंधन को जिले में बरकरार रखना चुनौती
नामांकन के दौरान भी नहीं दिखे बसपा के नामचीन चेहरे
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। सपा-बसपा का गठबंधन जिले में अलग-थलग पड़ता दिख रहा है। खासकर बसपा कार्यकर्ता चुनाव से दूरी बनाए हुए हैं। मंच और रैलियों से भी बसपा के नेता दूर रहते हैं। ऐसे में भाजपा के खिलाफ मजबूत घेराबंदी की गरज से हुआ राजनैतिक समझौता जिले में कोई खास गुल खिलाता नहीं दिख रहा है।
भाजपा को रोकने के लिए प्रदेश में सपा, बसपा और रालोद का गठबंधन हुआ है। इसे लेकर जिले में गठबंधन के तहत सीट सपा के खाते में आई है। पार्टी ने बसपा छोड़कर आए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज को प्रत्याशी बनाया है। इंद्रजीत सरोज बसपा के टिकट पर तीन बार विधायक और दो बार कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। इंद्रजीत पर पार्टी दांव खासकर इसलिए था कि बसपा में उनके पुराने लोग तो थे ही, इसके अलावा उनके साथ अब सपा का भी सिम्बल लग गया। लेकिन जिले में यह गठबंधन अलग-थलग पड़ता नजर आ रहा है। बसपा के कुछ कद्दावर नेता दूसरे दलों के संपर्क में हैं। इंद्रजीत के नामांकन के दिन भी बसपा के कार्यकर्ता दूरी बनाए रहे। इंद्रजीत ने तीन सेट में पर्चा दाखिल किया। जिस वक्त इंद्रजीत नामांकन के लिए गए तब उनके साथ सिर्फ सपा के जिलाध्यक्ष खड़ग सिंह पटेल थे। बसपा जिलाध्यक्ष महेंद्र गौतम नामांकन जुलूस में तो थे लेकिन वह साथ में नामांकन कराने कलक्ट्रेट के अंदर नहीं गए।
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नामांकन के दौरान भी नहीं दिखे बसपा के नामचीन चेहरे
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। सपा-बसपा का गठबंधन जिले में अलग-थलग पड़ता दिख रहा है। खासकर बसपा कार्यकर्ता चुनाव से दूरी बनाए हुए हैं। मंच और रैलियों से भी बसपा के नेता दूर रहते हैं। ऐसे में भाजपा के खिलाफ मजबूत घेराबंदी की गरज से हुआ राजनैतिक समझौता जिले में कोई खास गुल खिलाता नहीं दिख रहा है।
भाजपा को रोकने के लिए प्रदेश में सपा, बसपा और रालोद का गठबंधन हुआ है। इसे लेकर जिले में गठबंधन के तहत सीट सपा के खाते में आई है। पार्टी ने बसपा छोड़कर आए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज को प्रत्याशी बनाया है। इंद्रजीत सरोज बसपा के टिकट पर तीन बार विधायक और दो बार कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। इंद्रजीत पर पार्टी दांव खासकर इसलिए था कि बसपा में उनके पुराने लोग तो थे ही, इसके अलावा उनके साथ अब सपा का भी सिम्बल लग गया। लेकिन जिले में यह गठबंधन अलग-थलग पड़ता नजर आ रहा है। बसपा के कुछ कद्दावर नेता दूसरे दलों के संपर्क में हैं। इंद्रजीत के नामांकन के दिन भी बसपा के कार्यकर्ता दूरी बनाए रहे। इंद्रजीत ने तीन सेट में पर्चा दाखिल किया। जिस वक्त इंद्रजीत नामांकन के लिए गए तब उनके साथ सिर्फ सपा के जिलाध्यक्ष खड़ग सिंह पटेल थे। बसपा जिलाध्यक्ष महेंद्र गौतम नामांकन जुलूस में तो थे लेकिन वह साथ में नामांकन कराने कलक्ट्रेट के अंदर नहीं गए।
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