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फेल हो गए जिले के 10470 छात्र-छात्राएं
Sun, 28 Apr 2019 01:24 AM IST
shailendra Kumar
kaushambi
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Published by: shailendra Kumar
Updated Sun, 28 Apr 2019 01:24 AM IST
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यूपी बोर्ड की परीक्षा में इस बार फेल होने विद्यार्थियों की तादाद काफी अधिक है। हाईस्कूल में 3454 और इंटरमीडिएट में 7016 समेत कुल 10470 छात्र-छात्राएं परीक्षा में असफल हो गए। इस तरह से करीब एक चौथाई से ज्यादा विद्यार्थियों के हाथ मायूसी लगी है। जानकारों का कहना है कि लंबे समय बाद इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थी नाकाम हुए हैं।
वर्ष 2018 के परीक्षा परिणामों पर नजर डालें तो हाईस्कूल के 74.86 तथा इंटरमीडिएट के 55.69 फीसदी छात्र-छात्राओं को सफलता मिली थी। जबकि 2017 में हाईस्कूल के 82.13 फीसदी तथा इंटर के 80.67 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए थे। वहीं, इस बार की परीक्षा में हाईस्कूल के 72.14 और इंटरमीडिएट के 60.67 प्रतिशत छात्र-छात्राएं ही सफल हो सके हैं। इस मर्तबा परीक्षा में शामिल हाईस्कूल व इंटरमीडिएट 39753 विद्यार्थियों में 29282 छात्र-छात्राएं ही परीक्षा पास कर सके हैं।
हाईस्कूल की परीक्षा में अन्य विषयों में 78 फीसदी से अधिक अंक पाने वाली रूपा को परीक्षकों ने गणित में जीरो और विज्ञान में महज 33 नंबर दिया। रूपा का रिजल्ट देख परिजन और स्कूल का स्टाफ हैरान है। फिलहाल वह लोग बोर्ड के मूल्यांकन को अदालत तक ले जाने का मन बना रहे हैं।
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चायल तहसील के फदिलाबाद निवासी योगेेंद्र कुमार यादव की बेटी रूपा यादव मां भगवती देवी म्योहरिया की छात्रा है। इस बार उसने हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। रूपा पढ़ने में होनहार थी। उसके रिजल्ट से परिजन और स्कूल वालों को टॉपर मिलने की उम्मीद थी। लेकिन शनिवार के आए परीक्षा परिणाम ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। रूपा को हिंदी में 88, अंग्रेजी, समान्य विज्ञान और कला में 78-78 अंक मिले। जबकि गणित विषय में उसे जीरो और विज्ञान में महज 33 नंबर दिया गया है। योगेंद्र ने गलत मूल्यांकन का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वह बोर्ड में इसकी शिकायत करेंगे। इसके बाद भी परीक्षा परिणाम ठीक नहीं किया गया तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
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वर्ष 2018 के परीक्षा परिणामों पर नजर डालें तो हाईस्कूल के 74.86 तथा इंटरमीडिएट के 55.69 फीसदी छात्र-छात्राओं को सफलता मिली थी। जबकि 2017 में हाईस्कूल के 82.13 फीसदी तथा इंटर के 80.67 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए थे। वहीं, इस बार की परीक्षा में हाईस्कूल के 72.14 और इंटरमीडिएट के 60.67 प्रतिशत छात्र-छात्राएं ही सफल हो सके हैं। इस मर्तबा परीक्षा में शामिल हाईस्कूल व इंटरमीडिएट 39753 विद्यार्थियों में 29282 छात्र-छात्राएं ही परीक्षा पास कर सके हैं।
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हाईस्कूल की परीक्षा में अन्य विषयों में 78 फीसदी से अधिक अंक पाने वाली रूपा को परीक्षकों ने गणित में जीरो और विज्ञान में महज 33 नंबर दिया। रूपा का रिजल्ट देख परिजन और स्कूल का स्टाफ हैरान है। फिलहाल वह लोग बोर्ड के मूल्यांकन को अदालत तक ले जाने का मन बना रहे हैं।
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चायल तहसील के फदिलाबाद निवासी योगेेंद्र कुमार यादव की बेटी रूपा यादव मां भगवती देवी म्योहरिया की छात्रा है। इस बार उसने हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। रूपा पढ़ने में होनहार थी। उसके रिजल्ट से परिजन और स्कूल वालों को टॉपर मिलने की उम्मीद थी। लेकिन शनिवार के आए परीक्षा परिणाम ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। रूपा को हिंदी में 88, अंग्रेजी, समान्य विज्ञान और कला में 78-78 अंक मिले। जबकि गणित विषय में उसे जीरो और विज्ञान में महज 33 नंबर दिया गया है। योगेंद्र ने गलत मूल्यांकन का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वह बोर्ड में इसकी शिकायत करेंगे। इसके बाद भी परीक्षा परिणाम ठीक नहीं किया गया तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
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