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Kaushambi News: मेडिकल कॉलेज में बना 100 बेड का डेंगू वार्ड
Thu, 18 Jul 2024 04:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 18 Jul 2024 04:06 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में बनाया गया डेंगू वार्ड। संवाद
जिले में डेंगू व मलेरिया के मरीज भले अभी न मिले हों, लेकिन अफसरों ने लोगों को इससे बचाने की तैयारियां शुरू कर दीं हैं। मेडिकल कॉलेज में 100 बेड का अलग से वार्ड बनाया गया है। वहीं, सीएचसी में भी छह-छह बेड आरक्षित कर दिए गए हैं।
बारिश के मौसम में मच्छरों की समस्या बढ़ जाती है। डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया समेत मच्छरजनित अन्य रोग भी फैलने लगते हैं। आसपास के कई जनपदों में डेंगू ने दस्तक दे भी दी है। गनीमत यह है कि कौशाम्बी अभी इससे बचा हुआ है, लेकिन मेडिकल कॉलेज ने इससे बचाव की तैयारी शुरू कर दी है। कॉलेज में 100 बेड का एक डेंगू वार्ड बनाया गया है। सीएमएस डॉ. एसके शुक्ला ने बताया कि अभी तक डेंगू, मलेरिया या अन्य मच्छरजनित किसी रोग का कोई मरीज नहीं मिला है। फिर भी ऐसे मरीजों के बेहतर उपचार और रोगों को फैलने से रोकने के लिए पूरी तैयारी है। अलग से डेंगू वार्ड बना ही दिया गया है। मच्छरदानी आदि की व्यवस्था भी है। जरूरत पड़ने पर तत्काल स्टॉफ नर्स व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती कर दी जाएगी। अस्पताल के अन्य वार्डों में भी मरीजों व तीमारदारों को मच्छरों से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। इनकी नियमित निगरानी हो रही है। कहीं कोई कमी मिलती है तो उसे दूर करा दिया जाएगा।
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घर-घर जाकर आशा बहुएं दे रहीं बचाव के टिप्स
सीएमओ ने बताया कि डेंगू, मलेरिया के मरीजों के लिए सभी सीएचसी व ब्लॉक स्तरीय पीएचसी में छह-छह बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा संचारी रोग अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। संचारी रोगों से बचाव के तरीके लोगों को बताए जा रहे हैं। दस्तक अभियान के तहत आशा बहुएं घर-घर जाकर लोगों को साफ-सफाई के लिए प्रेरित कर रहीं हैं। बीमारी से बचने के उपाय बता रहीं हैं। डायरिया रोको अभियान के तहत ओआरएस के पैकेट और जिंक की टैबलेट भी दे रहीं हैं। ताकि, जरूरत पड़ने पर लोग बच्चों का घर पर ही प्राथमिक उपचार कर सकें।
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बारिश के मौसम में मच्छरों की समस्या बढ़ जाती है। डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया समेत मच्छरजनित अन्य रोग भी फैलने लगते हैं। आसपास के कई जनपदों में डेंगू ने दस्तक दे भी दी है। गनीमत यह है कि कौशाम्बी अभी इससे बचा हुआ है, लेकिन मेडिकल कॉलेज ने इससे बचाव की तैयारी शुरू कर दी है। कॉलेज में 100 बेड का एक डेंगू वार्ड बनाया गया है। सीएमएस डॉ. एसके शुक्ला ने बताया कि अभी तक डेंगू, मलेरिया या अन्य मच्छरजनित किसी रोग का कोई मरीज नहीं मिला है। फिर भी ऐसे मरीजों के बेहतर उपचार और रोगों को फैलने से रोकने के लिए पूरी तैयारी है। अलग से डेंगू वार्ड बना ही दिया गया है। मच्छरदानी आदि की व्यवस्था भी है। जरूरत पड़ने पर तत्काल स्टॉफ नर्स व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती कर दी जाएगी। अस्पताल के अन्य वार्डों में भी मरीजों व तीमारदारों को मच्छरों से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। इनकी नियमित निगरानी हो रही है। कहीं कोई कमी मिलती है तो उसे दूर करा दिया जाएगा।
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घर-घर जाकर आशा बहुएं दे रहीं बचाव के टिप्स
सीएमओ ने बताया कि डेंगू, मलेरिया के मरीजों के लिए सभी सीएचसी व ब्लॉक स्तरीय पीएचसी में छह-छह बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा संचारी रोग अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। संचारी रोगों से बचाव के तरीके लोगों को बताए जा रहे हैं। दस्तक अभियान के तहत आशा बहुएं घर-घर जाकर लोगों को साफ-सफाई के लिए प्रेरित कर रहीं हैं। बीमारी से बचने के उपाय बता रहीं हैं। डायरिया रोको अभियान के तहत ओआरएस के पैकेट और जिंक की टैबलेट भी दे रहीं हैं। ताकि, जरूरत पड़ने पर लोग बच्चों का घर पर ही प्राथमिक उपचार कर सकें।
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