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गैर इरादतन हत्या में दस वर्ष की कैद
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sat, 10 Jun 2017 01:59 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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जिला सत्र एवं न्यायाधीश ने गैर इरादतन हत्या के एक मामले में आरोपी को दस वर्ष कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। आरोपी ने डंडे से पीट-पीटकर अधेड़ की हत्या की थी।
अभियोजन के अनुसार वादी रविकरन निवासी यूसुफपुर रारा डिहवा ने मंझनपुर कोतवाली में ज्ञानदत्त तिवारी पुत्र नरनारायण के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। आरेाप था कि उसके पिता फुर्तीलाल गांव के ही ज्ञानदत्त तिवारी के साथ उसके बाग में गए थे। वहां दोनों ने खाया-पीया।
इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ तो ज्ञानदत्त तिवारी ने उसके पिता को पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच की। इसके बाद आरोपपत्र न्यायालय भेज दिया। जिला सत्र एवं न्यायाधीश दिलीप सिंह यादव की अदालत में मामले की सुनवाई हुई।
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शासकीय अधिवक्ता विनय कुमार यादव ने वादी समेत कुल आठ गवाहों को परीक्षित कराया। न्यायाधीश ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। विद्वान न्यायाधीश ने आरोपी ज्ञानदत्त पर आरोप साबित पाया। इस पर दस साल के कैद की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
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अभियोजन के अनुसार वादी रविकरन निवासी यूसुफपुर रारा डिहवा ने मंझनपुर कोतवाली में ज्ञानदत्त तिवारी पुत्र नरनारायण के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। आरेाप था कि उसके पिता फुर्तीलाल गांव के ही ज्ञानदत्त तिवारी के साथ उसके बाग में गए थे। वहां दोनों ने खाया-पीया।
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इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ तो ज्ञानदत्त तिवारी ने उसके पिता को पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच की। इसके बाद आरोपपत्र न्यायालय भेज दिया। जिला सत्र एवं न्यायाधीश दिलीप सिंह यादव की अदालत में मामले की सुनवाई हुई।
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शासकीय अधिवक्ता विनय कुमार यादव ने वादी समेत कुल आठ गवाहों को परीक्षित कराया। न्यायाधीश ने पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। विद्वान न्यायाधीश ने आरोपी ज्ञानदत्त पर आरोप साबित पाया। इस पर दस साल के कैद की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।