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Kasganj News: खास खबर ग्रामीणों की उम्मीदें अधूरी, बीस साल से बंद पशु चिकित्सालय

Thu, 12 Feb 2026 10:20 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 12 Feb 2026 10:20 PM IST
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Villagers' hopes remain unfulfilled, veterinary hospital closed for twenty years
फोटो01सरावल में बंद पड़ा पशु चिकित्सालय। संवाद
कासगंज। सिढ़पुरा विकास खंड की ग्राम पंचायत सरावल में स्टाफ की कमी के कारण 20 साल से राजकीय पशु चिकित्सालय बंद पड़ा है। रख-रखाव के अभाव में अस्पताल की बिल्डिंग खंडहर हो चुकी है। वहीं चिकित्सक के न आने से ग्रामीणों को मवेशियों के उपचार के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।
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विकास खंड से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर गांव सरावल बसा है। इस गांव की आबादी 12 हजार से अधिक है। ग्रामीण ह्रदेश सोलंकी, अतिवीर सिंह के अनुसार यहां का पशु चिकित्सालय कई दशक पुराना है। चिकित्सालय में अर्से से चिकित्सक की तैनाती नहीं है। लिहाजा ग्रामीणों को बीमार मवेशियों के उपचार के लिए 10 किलोमीटर दूर सिढ़पुरा या फिर जनपद एटा के कस्बा धुमरी ने में जाना पड़ता है। पूर्व में इस चिकित्सालय पर सरावल ग्राम पंचायत के 14 मजरों के साथ अन्य गांव के ग्रामीण मवेशी का उपचार कराने के लिए पहुंचते थे। चिकित्सालय का संचालन न होने से उन्हें भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने पशु चिकित्सालय का संचालन कराने की मांग जिला प्रशासन से की है।
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ग्रामीणों की पीड़ा :
- पशु चिकित्सालय काफी लंबे से बंद पड़ा है। यहां पर चिकित्सक की तैनाती की जाए। इससे लोगों को दिक्कत न हो। -विशाल सोलंकी,निवासी सरावल।

- मवेशी के उपचार के लिए सिढ़पुरा और धुमरी जाना पड़ता है। गांव में चिकित्सालय का संचालन कराया जाए। -राम कुमार पंड़ित,निवासी सरावल ।

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इन गांवों के लोगों को होती हैं दिक्कतें

ग्राम पंचायत सरावल में 14 गांव आते हैं। इनमें सरावल के साथ नगला अतिबल, धर्मपुरा, खजुरा, नगला भूपाल, कुल्ली, नगला जसू, नगला महाजीत, नगला धीमर, नसीरगंज, बशीरगंज, नगला चेतराम, नगला भूड और नगला भिकारी को शामिल हैं।
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वर्जन :

-जिले में चिकित्सक व स्टाफ की कमी है। इससे पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण चिकित्सालय का संचालन नहीं हो पा रहा है। - महेंद्र सिंह, प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कासगंज।
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