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UP: बढ़ती ठंड बन रही बच्चों के लिए खतरा...20 दिन में तीन मासूमों की माैत, ये लक्षण दिखने पर हो जाएं सतर्क
Wed, 03 Dec 2025 08:10 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: अरुन पाराशर
Updated Wed, 03 Dec 2025 08:10 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश के कासगंज में 20 दिन में तीन बच्चों की निमोनिया से माैत हो चुकी है। जिला अस्पताल की ओपीडी में भी लगातार निमोनिया से पीड़ित बच्चे पहुंच रहे हैं। ऐसे में इसको लेकर चिकित्सकों ने भी आगाह किया है।
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जिला अस्पताल में बच्चों की जांच करते चिकित्सक।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
बढ़ती ठंड बच्चों के लिए खतरा बन रही है। सोरों थाना क्षेत्र के गांव करुआवारा में एक और मासूम की निमोनिया से मौत हो गई। पिछले 20 दिनों में तीन बच्चों की निमोनिया से मौत हो चुकी है। जिला अस्पताल में भी प्रतिदिन निमोनिया की चपेट में आने वाले बच्चे पहुंच रहे हैं।
गांव निवासी अभिषेक (5) पुत्र पिंटू को मंगलवार शाम अचानक तेज बुखार आया। इसके बाद परिजन उसे गांव के एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने निमोनिया बताया और उसे दवा दे दी, लेकिन रातभर हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। बुधवार सुबह उसकी तबीयत और बिगड़ गई।
परिजन सुबह करीब 9 बजे जिला अस्पताल लेकर आए। चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। जिले में पिछले 20 दिनों में तीन बच्चों की मौत निमोनिया से हो चुकी है। लगातार बढ़ रही ठंड बच्चों की सेहत पर असर डाल रही है। इससे अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।
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जिला अस्पताल में 120 बच्चे मंगलवार के अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे। इनमें 75 बच्चों में बुखार, 45 बच्चों में सांस में दिक्कत की शिकायत मिली। इन बच्चों में से 2 बच्चों में निमोनिया के लक्षण पाए गए।
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गांव निवासी अभिषेक (5) पुत्र पिंटू को मंगलवार शाम अचानक तेज बुखार आया। इसके बाद परिजन उसे गांव के एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने निमोनिया बताया और उसे दवा दे दी, लेकिन रातभर हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। बुधवार सुबह उसकी तबीयत और बिगड़ गई।
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परिजन सुबह करीब 9 बजे जिला अस्पताल लेकर आए। चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। जिले में पिछले 20 दिनों में तीन बच्चों की मौत निमोनिया से हो चुकी है। लगातार बढ़ रही ठंड बच्चों की सेहत पर असर डाल रही है। इससे अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।
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जिला अस्पताल में 120 बच्चे मंगलवार के अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे। इनमें 75 बच्चों में बुखार, 45 बच्चों में सांस में दिक्कत की शिकायत मिली। इन बच्चों में से 2 बच्चों में निमोनिया के लक्षण पाए गए।
इकलाैता बेटा था मृतक
निमोनिया से मृत मासूम अभिषेक अपने परिवार का अकेला बेटा था। छोटे भाई की मौत से बड़ी बहन मालती (10) और मां प्रीति का रो-रोकर बुरा हाल है। मासूम की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
निमोनिया के लक्षण
-बलगम वाली खांसी
-बुखार
-कंपकंपी और पसीना आना
-भूख कम लगना
-मतली और उल्टी
निमोनिया से मृत मासूम अभिषेक अपने परिवार का अकेला बेटा था। छोटे भाई की मौत से बड़ी बहन मालती (10) और मां प्रीति का रो-रोकर बुरा हाल है। मासूम की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
निमोनिया के लक्षण
-बलगम वाली खांसी
-बुखार
-कंपकंपी और पसीना आना
-भूख कम लगना
-मतली और उल्टी
निमोनिया के गंभीर लक्षण
-सांस लेने में परेशानी (तेजी से सांस लेना)
-धड़कन की तेजी
-छाती में तेज दर्द होना
-कम रक्तचाप
-खांसी में खून आना
बरतें सावधानी
- बच्चों को निमोनिया का टीका जरूर लगवाएं
- बच्चे को ठंड से बचाकर रखें।
- बुखार आने, सर्दी लगने और पसलियां चलने पर स्वयं इलाज न करें।
- बुखार आते ही विशेषज्ञ चिकित्सक की परामर्श और दवाई लें।
ठंड के मौसम में निमोनिया का प्रकोप बढ़ रहा है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन ही दो-तीन बच्चे निमोनिया से पीड़ित होकर आ रहे हैं। इस मौसम में सावधानी आवश्यक है। -डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस
ये भी पढ़ें-UP: 'ताजमहल की खूबसूरती आगरा के लिए श्राप...', भाजपा सांसद बोले- युवा हो रहे बेरोजगार; सरकार से की ये मांग
-सांस लेने में परेशानी (तेजी से सांस लेना)
-धड़कन की तेजी
-छाती में तेज दर्द होना
-कम रक्तचाप
-खांसी में खून आना
बरतें सावधानी
- बच्चों को निमोनिया का टीका जरूर लगवाएं
- बच्चे को ठंड से बचाकर रखें।
- बुखार आने, सर्दी लगने और पसलियां चलने पर स्वयं इलाज न करें।
- बुखार आते ही विशेषज्ञ चिकित्सक की परामर्श और दवाई लें।
ठंड के मौसम में निमोनिया का प्रकोप बढ़ रहा है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन ही दो-तीन बच्चे निमोनिया से पीड़ित होकर आ रहे हैं। इस मौसम में सावधानी आवश्यक है। -डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस
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