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Kasganj News: जिला अस्पताल का विद्युत फीडर आठ साल बाद भी बंद
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फोटो 27 कासगंज जिला अस्पताल में बनया गया विद्युत फीडर। स्रोत: संवाद
- फोटो : नानपारा में बंद पड़ी गैस एजेंसी।
कासगंज। जिला अस्पताल में निर्माणाधीन विद्युत फीडर आठ साल बीत जाने के बाद भी चालू नहीं हो सका है। इससे अस्पताल प्रशासन और मरीजों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 2018 में इसका निर्माण कार्य करीब 3.5 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ था।
उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण संघ (यूपी आरएनएसएस) ने 33 केवीए फीडर का निर्माण कार्य शुरू किया था। फीडर के लिए ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया है और विद्युत लाइन खींचने का कार्य भी पूरा हो चुका है।
इसके बावजूद तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से इसे अभी तक चालू नहीं किया जा सका है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद शासन से समय पर धनराशि न मिलने के कारण प्रगति धीमी रही। सीएमओ आवास के पास चिह्नित जमीन पर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है।
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कार्य धीमी गति से चलने पर जिला अस्पताल प्रशासन ने पत्राचार किया है। उन्होंने इस फीडर को जल्द शुरू कराने की मांग की है। इससे आपातकालीन सेवाओं, ऑपरेशन थिएटर, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जैसे उपकरण सही से संचालित हो सकेंगे। जिला अस्पताल को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। सीएमएस संजीव सक्सेना ने बताया कि 2018 में शुरू हुआ यह कार्य अभी तक अधूरा है।
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उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण संघ (यूपी आरएनएसएस) ने 33 केवीए फीडर का निर्माण कार्य शुरू किया था। फीडर के लिए ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया है और विद्युत लाइन खींचने का कार्य भी पूरा हो चुका है।
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इसके बावजूद तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से इसे अभी तक चालू नहीं किया जा सका है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद शासन से समय पर धनराशि न मिलने के कारण प्रगति धीमी रही। सीएमओ आवास के पास चिह्नित जमीन पर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है।
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कार्य धीमी गति से चलने पर जिला अस्पताल प्रशासन ने पत्राचार किया है। उन्होंने इस फीडर को जल्द शुरू कराने की मांग की है। इससे आपातकालीन सेवाओं, ऑपरेशन थिएटर, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जैसे उपकरण सही से संचालित हो सकेंगे। जिला अस्पताल को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। सीएमएस संजीव सक्सेना ने बताया कि 2018 में शुरू हुआ यह कार्य अभी तक अधूरा है।