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Kasganj News: किसी ने नहीं सुनी पीड़ा, तब खुद उठाया सफाई का बीड़ा
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फोटो 28 - कासगंज के गांव रामपुर में स्वयं गंदगी साफ करते ग्रामीण। स्रोत : संवाद
मोहनपुरा। सरकारी सिस्टम की उपेक्षा से परेशान रामपुर गांव के ग्रामीणों ने आखिरकार अपने गांव की सफाई का बीड़ा खुद ही उठा लिया है। शनिवार को गांव के लोगों ने एकजुट होकर कुदाल, फावड़ा और परात जैसे औजारों के साथ सड़कों पर उतरकर श्रमदान किया और गांव की मुख्य गलियों और रास्तों से कीचड़ और जलभराव को साफ किया। ग्रामीणों के इस प्रयास ने एक मिसाल कायम की है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की मुख्य गली और रास्तों में लंबे समय से कीचड़ और जलभराव की समस्या बनी हुई थी। नालियों की सफाई न होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर भर जाता था, जिससे लोगों का निकलना दूभर हो गया था। इस समस्या से स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही थी। कई बार शिकायतें करने के बावजूद सरकारी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार, शनिवार को ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया और वे सभी एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए। ग्रामीणों ने घंटों श्रमदान कर गली में जमा कीचड़ को साफ किया और उसे ट्रॉली में भरकर गांव से बाहर फेंका।
ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में जल निकासी की स्थाई व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक स्थाई समाधान नहीं होता, तब तक वे स्वयं अपने गांव की समस्याओं से निपटने के लिए तत्पर रहेंगे।
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ग्रामीणों ने बताया कि गांव की मुख्य गली और रास्तों में लंबे समय से कीचड़ और जलभराव की समस्या बनी हुई थी। नालियों की सफाई न होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर भर जाता था, जिससे लोगों का निकलना दूभर हो गया था। इस समस्या से स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही थी। कई बार शिकायतें करने के बावजूद सरकारी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार, शनिवार को ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया और वे सभी एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए। ग्रामीणों ने घंटों श्रमदान कर गली में जमा कीचड़ को साफ किया और उसे ट्रॉली में भरकर गांव से बाहर फेंका।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में जल निकासी की स्थाई व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक स्थाई समाधान नहीं होता, तब तक वे स्वयं अपने गांव की समस्याओं से निपटने के लिए तत्पर रहेंगे।
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