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Kasganj News: विधाता का लिखा भाग्य अमिट, कोई बदल नहीं सकता
Wed, 21 Jan 2026 01:36 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Wed, 21 Jan 2026 01:36 AM IST
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फोटो42कासगंज के बारह पत्थर मैदान पर आयोजित श्रीराम कथा को सुनने पहुंचे भक्त। संवाद
कासगंज। शहर के बारह पत्थर मैदान में आयोजित की जा रही दस दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव के दूसरे दिन कथा व्यास संत रमेश भाई शुक्ल ने श्रीराम कथा प्रवचन के दौरान शिव पार्वती विवाह के प्रसंग सहित अन्य प्रसंगों पर प्रवचन किए।
कथा व्यास संत रमेश भाई शुक्ल ने कहा कि हर जीव का भाग्य विधाता लिखता है और विधाता का लिखा हुआ भाग्य अमिट होता है। इसे कोई बदल नहीं सकता। जो इस सच्चाई को स्वीकार कर लेता है वह सुजन बनता है। भगवान जो करते हैं वही होता है आप इसे हंसकर स्वीकार करें या रो कर। उन्होंने एक अन्य प्रसंग की चर्चा करते हुए श्रीराम चरित मानस की चौपाई समरथ को नहीं दोष गोसाईं की व्याख्या करते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास की यह चौपाई कहती है कि समाज में यदि कोई सामर्थ्यवान व्यक्ति कोई गलत कार्य करता है तो यह उसका हुनर माना जाता है और यदि आम व्यक्ति वहीं कार्य करे तो समाज में उसे अलग अलग तरह के नाम दे दिए जाते हैं। उन्होंने शराब पीने के एक उदाहरण से इस व्याख्या को स्पष्ट किया। संत रमेश भाई ने आगे कहा कि बिनु सत्संग विवेक न होई। इस चौपाई की व्याख्या करते हुए कहा कि संतों के साथ सत्संग करने से हर जीव को विवेक मिलता है। विवेक का आशय है कि व्यक्ति अच्छा बुरा सोच सकता है। सत्संग के माध्यम से ही यह मार्ग जीव को मिल पाता है। हर जीव को सत्संग का मार्ग नहीं मिलता। यह मार्ग भी ईश्वर की कृपा से मिलता है। जो जीव सत्संग करता है उसके जीवन में हमेशा कल्याण होता है।
श्रीराम कथा पंडाल में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने व्यास गद्दी की पूजा की और संत का आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा समापन पर भक्तों को प्रसादी दी गई।
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कथा पंडाल में हुआ यज्ञ
कासगंज। सुबह के समय कथा पंडाल में सुबह के समय पर्यावरण स्वच्छता के लिए वैदिक यज्ञ किया गया। श्रीराम कथा जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित निर्मल शास्त्री ने हवन पूजा संपन्न कराईं। इस दौरान मुरारी लाल वाष्र्णेय, सुभाष गर्ग, विनोद हरकुट, सौरभ गुप्ता, अजय गुप्ता, जितेंद्र वाष्र्णेय, संजय धूपड़, अनिल गुप्ता, प्रदीप अग्रवाल, शिवकुमार भारद्वाज, किशोर अग्रवाल, अचिंत गर्ग, मधुर पुंडीर, तपन बिड़ला, डीएस पाल,सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
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कथा व्यास संत रमेश भाई शुक्ल ने कहा कि हर जीव का भाग्य विधाता लिखता है और विधाता का लिखा हुआ भाग्य अमिट होता है। इसे कोई बदल नहीं सकता। जो इस सच्चाई को स्वीकार कर लेता है वह सुजन बनता है। भगवान जो करते हैं वही होता है आप इसे हंसकर स्वीकार करें या रो कर। उन्होंने एक अन्य प्रसंग की चर्चा करते हुए श्रीराम चरित मानस की चौपाई समरथ को नहीं दोष गोसाईं की व्याख्या करते हुए कहा कि गोस्वामी तुलसीदास की यह चौपाई कहती है कि समाज में यदि कोई सामर्थ्यवान व्यक्ति कोई गलत कार्य करता है तो यह उसका हुनर माना जाता है और यदि आम व्यक्ति वहीं कार्य करे तो समाज में उसे अलग अलग तरह के नाम दे दिए जाते हैं। उन्होंने शराब पीने के एक उदाहरण से इस व्याख्या को स्पष्ट किया। संत रमेश भाई ने आगे कहा कि बिनु सत्संग विवेक न होई। इस चौपाई की व्याख्या करते हुए कहा कि संतों के साथ सत्संग करने से हर जीव को विवेक मिलता है। विवेक का आशय है कि व्यक्ति अच्छा बुरा सोच सकता है। सत्संग के माध्यम से ही यह मार्ग जीव को मिल पाता है। हर जीव को सत्संग का मार्ग नहीं मिलता। यह मार्ग भी ईश्वर की कृपा से मिलता है। जो जीव सत्संग करता है उसके जीवन में हमेशा कल्याण होता है।
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श्रीराम कथा पंडाल में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने व्यास गद्दी की पूजा की और संत का आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा समापन पर भक्तों को प्रसादी दी गई।
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कथा पंडाल में हुआ यज्ञ
कासगंज। सुबह के समय कथा पंडाल में सुबह के समय पर्यावरण स्वच्छता के लिए वैदिक यज्ञ किया गया। श्रीराम कथा जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित निर्मल शास्त्री ने हवन पूजा संपन्न कराईं। इस दौरान मुरारी लाल वाष्र्णेय, सुभाष गर्ग, विनोद हरकुट, सौरभ गुप्ता, अजय गुप्ता, जितेंद्र वाष्र्णेय, संजय धूपड़, अनिल गुप्ता, प्रदीप अग्रवाल, शिवकुमार भारद्वाज, किशोर अग्रवाल, अचिंत गर्ग, मधुर पुंडीर, तपन बिड़ला, डीएस पाल,सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।