{"_id":"69d546d374a741aed70b4070","slug":"storm-and-rain-increase-farmers-worries-kasganj-news-c-175-1-sagr1032-145861-2026-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kasganj News: आंधी-बारिश से बढ़ी किसानों की चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kasganj News: आंधी-बारिश से बढ़ी किसानों की चिंता
विज्ञापन
फोटो28सिढ़पुरा में बारिश के दौरान भीगती गेंहूं की फसल। संवाद
कासगंज। जिले में मंगलवार को अचानक आई आंधी और बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कटे हुए गेहूं की लाक भीग गई वहीं, खड़ी फसल बिछ गई। मक्का और अन्य फसलों पर भी इसका असर देखा गया। इससे किसानों का आर्थिक नुकसान होने का खतरा बढ़ गया है।
इस समय गेहूं की फसल तैयार हो चुकी है। किसान कटाई के बाद गट्ठर बनाकर खेतों में ढेर लगाते हैं ताकि थ्रेसिंग से पहले फसल सूख जाए। मंगलवार को तेज हवाओं और बारिश ने पूरी व्यवस्था को बिगाड़ दिया।
कटे हुए गेहूं की लाक पूरी तरह भीग गई। वहीं, खेतों में खड़ी फसल भी बिछ गई। मक्का की फसल और सब्जियों की पैदावार पर भी बारिश और तेज हवाओं का बुरा असर पड़ा है। खेतों में पानी भर जाने से मक्का की फसल विशेष रूप से प्रभावित हुई।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- --
किसानों की चिंता
किसान उदय ने बताया कि रविवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि से भरा पानी अभी निकला भी नहीं था कि फिर से बारिश हो गई। इससे फसलों पर गंभीर असर पड़ा है।
किसान दयाशंकर ने कहा कि मौसम के लगातार अस्थिर होने से खेती-किसानी पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। किसानों को फसल कटाई और बिक्री के लिए आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
इस समय गेहूं की फसल तैयार हो चुकी है। किसान कटाई के बाद गट्ठर बनाकर खेतों में ढेर लगाते हैं ताकि थ्रेसिंग से पहले फसल सूख जाए। मंगलवार को तेज हवाओं और बारिश ने पूरी व्यवस्था को बिगाड़ दिया।
विज्ञापन
कटे हुए गेहूं की लाक पूरी तरह भीग गई। वहीं, खेतों में खड़ी फसल भी बिछ गई। मक्का की फसल और सब्जियों की पैदावार पर भी बारिश और तेज हवाओं का बुरा असर पड़ा है। खेतों में पानी भर जाने से मक्का की फसल विशेष रूप से प्रभावित हुई।
विज्ञापन
किसानों की चिंता
किसान उदय ने बताया कि रविवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि से भरा पानी अभी निकला भी नहीं था कि फिर से बारिश हो गई। इससे फसलों पर गंभीर असर पड़ा है।
किसान दयाशंकर ने कहा कि मौसम के लगातार अस्थिर होने से खेती-किसानी पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। किसानों को फसल कटाई और बिक्री के लिए आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।