{"_id":"6a5bbe568f0c0f32fe060842","slug":"power-cuts-threaten-paddy-cultivation-farmers-warn-of-protest-kasganj-news-c-175-1-agr1054-150854-2026-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kasganj News: बिजली कटौती से धान की खेती पर संकट, किसानों ने आंदोलन की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kasganj News: बिजली कटौती से धान की खेती पर संकट, किसानों ने आंदोलन की चेतावनी
Sat, 18 Jul 2026 11:26 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Sat, 18 Jul 2026 11:26 PM IST
विज्ञापन
फोटो40कासगंज में अधिशाषी अभियंता विद्युत निगम को ज्ञापन सौंपते भारतीय हलधर किसान यूनियन पद
- फोटो : 1
कासगंज। जिले में जारी अघोषित बिजली कटौती ने किसानों के सामने धान की रोपाई और सिंचाई का बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। विद्युत आपूर्ति न मिलने से नाराज भारतीय हलधर किसान यूनियन के पदाधिकारियों और किसानों ने शनिवार को बिलराम गेट स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर ग्रामीण इलाकों में नियमित बिजली देने की मांग की और जल्द सुधार न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष अरुण चौहान ने कहा कि सरकारी निर्देशों के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में रोजाना 18 घंटे बिजली मिलनी चाहिए। इसके उलट, किनावा फीडर से जुड़े अधिकांश गांवों में महज दो से तीन घंटे ही बिजली दी जा रही है। इससे धान की फसल की सिंचाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है और किसानों की मेहनत बर्बाद होने की कगार पर है।राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक राघव ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि किनावा फीडर से मुख्य किनावा गांव को तो पर्याप्त बिजली मिल रही है, लेकिन इसी फीडर से जुड़े गढ़ी पचगाई, भूपालगढ़ी, इखौना और नगला ढोंडा जैसे कई गांवों में लगातार बिजली का संकट बना हुआ है। समय पर पानी न मिलने से किसानों में भारी आक्रोश है और वे महंगे वैकल्पिक साधनों का उपयोग करने को मजबूर हैं। प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय महिला मोर्चा सचिव पिंकी पाल, राजकुमार वर्मा, नंदकिशोर यादव और पप्पू यादव सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष अरुण चौहान ने कहा कि सरकारी निर्देशों के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में रोजाना 18 घंटे बिजली मिलनी चाहिए। इसके उलट, किनावा फीडर से जुड़े अधिकांश गांवों में महज दो से तीन घंटे ही बिजली दी जा रही है। इससे धान की फसल की सिंचाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है और किसानों की मेहनत बर्बाद होने की कगार पर है।राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक राघव ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि किनावा फीडर से मुख्य किनावा गांव को तो पर्याप्त बिजली मिल रही है, लेकिन इसी फीडर से जुड़े गढ़ी पचगाई, भूपालगढ़ी, इखौना और नगला ढोंडा जैसे कई गांवों में लगातार बिजली का संकट बना हुआ है। समय पर पानी न मिलने से किसानों में भारी आक्रोश है और वे महंगे वैकल्पिक साधनों का उपयोग करने को मजबूर हैं। प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय महिला मोर्चा सचिव पिंकी पाल, राजकुमार वर्मा, नंदकिशोर यादव और पप्पू यादव सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन