कासगंज में बवाल की साजिशः सोशल मीडिया के माध्यम से हिंसा की बन रही थी योजना, पीएफआई का कनेक्शन भी खंगाल रही पुलिस
कासगंज में हिंसा की साजिश का खुलासा होने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। सोशल मीडिया के माध्यम से बवाल की साजिश रची जा रही थी। पुलिस ने साजिश के मास्टरमाइंड ग्रुप एडमिन का पीएफआई कनेक्शन खंगालना शुरू कर दिया है।
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कासगंज में सोशल मीडिया के माध्यम से शहर में बवाल कराने की साजिश का खुलासा हो जाने के बाद पुलिस ने मास्टरमाइंड ग्रुप एडमिन का पीएफआई कनेक्शन खंगालना शुरू कर दिया है। इसी के साथ ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। ग्रुप से जुड़े 112 सदस्यों के खिलाफ संबंधित धारा में कार्रवाई करते हुए नोटिस दिया गया है।
भाजपा नेत्री नुपुर शर्मा की पैगंबर मोहम्मद को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर मोहल्ला नवाब गप्पू चौराहा निवासी अजीम पुत्र शमीम अहमद ने वर्ल्ड कंप्यूटर के नाम से एक सोशल मीडिया ग्रुप बनाकर शहर में बवाल कराने की साजिश रची थी। पुलिस ने उसे सोमवार को जेल भेज दिया और इस मामले में नामजद किए गए मजिद कुरेशी निवासी इस्माइलपुर रोड, शादाव कुरैशी निवासी मनिहारन चौक सहित ग्रुप में शामिल अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी को चार टीमों का गठन किया गया है।
ये टीमें सीओ सदर, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक, शहर इंचार्ज, एसओजी की बनाई गई हैं। इनके द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश भी दी जा रही हैं, लेकिन कोई भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है। इस ग्रुप से 112 सदस्य जुड़े हुए हैं। इन सभी सदस्यों के खिलाफ संबंधित धारा में नोटिस भेजे जा रहे हैं। जिससे में शहर में यदि किसी तरह का बवाल हो तो इन पर शिकंजा कसा जा सके। मामले को लेकर सीओ डीके पंत का कहना है कि इस साजिश के पीछे कहीं पीएफआई का तो हाथ नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
एसपी बोले- सर्विलांस की ली जा रही है मदद
मामले को लेकर एसपी रोहन प्रमोद वोत्रे का कहना है कि शहर में बवाल कराने की साजिश का पर्दाफाश हो जाने के बाद पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है। पुलिस को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।