{"_id":"69726eccbddee67fc30f8679","slug":"increased-demand-for-traditional-brass-utensils-prices-surge-kasganj-news-c-175-1-sagr1032-142495-2026-01-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kasganj News: पारंपरिक पीतल के बर्तनों की बढ़ी मांग, कीमतों में उछाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kasganj News: पारंपरिक पीतल के बर्तनों की बढ़ी मांग, कीमतों में उछाल
Fri, 23 Jan 2026 12:09 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Fri, 23 Jan 2026 12:09 AM IST
विज्ञापन
कासगंज। बदलते समय के साथ लोग एक बार फिर पारंपरिक वस्तुओं की ओर लौटते नजर आ रहे हैं। घरों की रसोई में पीतल के बर्तनों की मांग बढ़ने से कीमतों में भी उछाल दर्ज किया गया है। बीते एक माह में पीतल के दामों में करीब 100 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है, इससे आम ग्राहकों के साथ-साथ शादी-विवाह की तैयारियों पर भी असर पड़ रहा है।
एल्यूमीनियम और अन्य धातुओं को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने के कारण एक बार फिर से लोगों का रुझान तेजी से पीतल के बर्तनों की ओर बढ़ा है। पीतल के बर्तन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं। इनमें रखा भोजन और पानी शरीर के लिए फायदेमंद होता है। इसी कारण अब लोग स्टील और प्लास्टिक के बर्तनों की जगह पीतल को प्राथमिकता दे रहे हैं। शादी-विवाह, पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजनों में पीतल के बर्तनों की मांग लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण परिवेश में आज भी दरवाजे के मौके पर पीतल के बर्तन देने की परंपरा निभाई जाती है। सहालग के नजदीक आते ही बाजारों में खरीदारी तेज हो गई है। थाल, कटोरी, गिलास, लोटा, चम्मच और कटोरदान जैसे बर्तनों के पूरे सेट की मांग बढ़ी है।
व्यापारियों के अनुसार, एक माह पहले तक पीतल के बर्तन 700 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रहे थे, जो अब बढ़कर 800 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। कीमतों में आई इस तेजी से वैवाहिक आयोजनों के बजट पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एल्यूमीनियम और अन्य धातुओं को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने के कारण एक बार फिर से लोगों का रुझान तेजी से पीतल के बर्तनों की ओर बढ़ा है। पीतल के बर्तन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं। इनमें रखा भोजन और पानी शरीर के लिए फायदेमंद होता है। इसी कारण अब लोग स्टील और प्लास्टिक के बर्तनों की जगह पीतल को प्राथमिकता दे रहे हैं। शादी-विवाह, पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजनों में पीतल के बर्तनों की मांग लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण परिवेश में आज भी दरवाजे के मौके पर पीतल के बर्तन देने की परंपरा निभाई जाती है। सहालग के नजदीक आते ही बाजारों में खरीदारी तेज हो गई है। थाल, कटोरी, गिलास, लोटा, चम्मच और कटोरदान जैसे बर्तनों के पूरे सेट की मांग बढ़ी है।
विज्ञापन
व्यापारियों के अनुसार, एक माह पहले तक पीतल के बर्तन 700 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रहे थे, जो अब बढ़कर 800 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। कीमतों में आई इस तेजी से वैवाहिक आयोजनों के बजट पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
विज्ञापन