{"_id":"6ab2c52b6719f1ff8b01c027","slug":"ayush-healthcare-to-gain-new-recognition-a-modern-50-bed-hospital-to-be-built-in-gorha-kasganj-news-c-175-1-sagr1032-154248-2026-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kasganj News: आयुष चिकित्सा को मिलेगी नई पहचान, गोरहा में बनेगा 50 बेड का आधुनिक अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kasganj News: आयुष चिकित्सा को मिलेगी नई पहचान, गोरहा में बनेगा 50 बेड का आधुनिक अस्पताल
विज्ञापन
- आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी की सेवाएं मिलेंगी एक ही छत के नीचे
- पंचकर्म और आधुनिक जांच की होगी सुविधा, एक एकड़ जमीन मिली
संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज। जिले में आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी से उपचार कराने वाले मरीजों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। आयुष विभाग को गोरहा में 50 बेड का जिला स्तरीय आयुष अस्पताल विकसित करने के लिए एक एकड़ जमीन मिल चुकी है जिसके बाद अस्पताल का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
प्रस्तावित अस्पताल में आयुर्वेद की प्रमुख उपचार पद्धति पंचकर्म चिकित्सा की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, अस्पताल परिसर में आधुनिक प्रयोगशाला स्थापित करने का भी प्रस्ताव है, जिससे रोगों की जांच के लिए मरीजों की बाहरी केंद्रों पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी।
गोरहा में जमीन मिलने के बाद अस्पताल की स्थापना की दिशा में प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब केवल शासन स्तर से प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी मिलने का इंतजार है। स्वीकृति मिलते ही भवन निर्माण, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद और अन्य चिकित्सीय सुविधाओं को विकसित करने का कार्य तेजी से शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- --
जिले में 11 आयुर्वेद, दो यूनानी और आठ होम्योपैथी केंद्र हैं
वर्तमान में जिले में आयुर्वेद के 11, यूनानी के दो और होम्योपैथी के आठ अस्पताल अलग-अलग केंद्रों पर संचालित हैं, जिससे उपचार का दायरा सीमित रहता है। इस नई एकीकृत योजना का उद्देश्य तीनों पद्धतियों की सुविधाओं को एक बड़े संस्थान के माध्यम से विस्तार देना है, ताकि मरीजों को सभी चिकित्सा सेवाएं एक ही परिसर में मिल सकें।
-- -- -- -- -- -- -
वर्जन
जिला स्तरीय आयुष अस्पताल खोलने के लिए जमीन मिल गई है। शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा। -डॉ. अमित गुप्ता, जिला आयुष अधिकारी
विज्ञापन
- पंचकर्म और आधुनिक जांच की होगी सुविधा, एक एकड़ जमीन मिली
संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज। जिले में आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी से उपचार कराने वाले मरीजों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। आयुष विभाग को गोरहा में 50 बेड का जिला स्तरीय आयुष अस्पताल विकसित करने के लिए एक एकड़ जमीन मिल चुकी है जिसके बाद अस्पताल का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
प्रस्तावित अस्पताल में आयुर्वेद की प्रमुख उपचार पद्धति पंचकर्म चिकित्सा की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, अस्पताल परिसर में आधुनिक प्रयोगशाला स्थापित करने का भी प्रस्ताव है, जिससे रोगों की जांच के लिए मरीजों की बाहरी केंद्रों पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी।
विज्ञापन
गोरहा में जमीन मिलने के बाद अस्पताल की स्थापना की दिशा में प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब केवल शासन स्तर से प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी मिलने का इंतजार है। स्वीकृति मिलते ही भवन निर्माण, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद और अन्य चिकित्सीय सुविधाओं को विकसित करने का कार्य तेजी से शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
जिले में 11 आयुर्वेद, दो यूनानी और आठ होम्योपैथी केंद्र हैं
वर्तमान में जिले में आयुर्वेद के 11, यूनानी के दो और होम्योपैथी के आठ अस्पताल अलग-अलग केंद्रों पर संचालित हैं, जिससे उपचार का दायरा सीमित रहता है। इस नई एकीकृत योजना का उद्देश्य तीनों पद्धतियों की सुविधाओं को एक बड़े संस्थान के माध्यम से विस्तार देना है, ताकि मरीजों को सभी चिकित्सा सेवाएं एक ही परिसर में मिल सकें।
वर्जन
जिला स्तरीय आयुष अस्पताल खोलने के लिए जमीन मिल गई है। शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा। -डॉ. अमित गुप्ता, जिला आयुष अधिकारी