{"_id":"6aa836b75a7ceec56f01924d","slug":"cast-aside-hesitation-embrace-cleanliness-and-become-aware-kasganj-news-c-175-1-sagr1032-153787-2026-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kasganj News: संकोच को छोड़ें, स्वच्छता को अपनाए और जागरूक बने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kasganj News: संकोच को छोड़ें, स्वच्छता को अपनाए और जागरूक बने
विज्ञापन
फोटो 02 कासगंज फोटो डॉ अंजू। स्रोत: संवाद
कासगंज। मासिक धर्म महिलाओं और किशोरियों की एक प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है लेकिन इससे जुड़ी भ्रांतियां और झिझक आज भी उन्हें जरूरी स्वास्थ्य जानकारी से दूर रखती हैं। इस दौरान स्वच्छता की अनदेखी गंभीर संक्रमण, त्वचा संबंधी समस्याओं और अन्य स्वास्थ्य परेशानियों का कारण बन सकती है जिसके चलते माहवारी के दौरान स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बेहद जरूरी है।
स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. अंजू के अनुसार, मासिक धर्म कोई शर्म या छिपाने का विषय नहीं, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ी सामान्य प्रक्रिया है। सही जानकारी और स्वच्छ आदतें किशोरियों को संक्रमण से बचाने के साथ उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाती हैं।
महिलाओं और किशोरियों को हमेशा साफ और सुरक्षित सैनिटरी पैड या अन्य स्वच्छ साधनों का उपयोग करना चाहिए। एक ही पैड को लंबे समय तक इस्तेमाल करने के बजाय उसे समय-समय पर बदलना जरूरी है। इसके साथ ही, हाथों की उचित सफाई और इस्तेमाल किए गए पैड का सुरक्षित निस्तारण भी व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी जागरूकता की कमी के चलते कई किशोरियां जरूरी जानकारी से वंचित रह जाती हैं और कई परिवारों में इस विषय पर खुलकर बात करने में संकोच किया जाता है। ऐसे में, चिकित्सक का सुझाव है कि अभिभावकों और महिला शिक्षकों को किशोरियों से इस पर सहजता से संवाद करना चाहिए। स्कूलों में भी विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाकर सही जानकारी और सावधानियां साझा की जानी चाहिए।
विज्ञापन
स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. अंजू के अनुसार, मासिक धर्म कोई शर्म या छिपाने का विषय नहीं, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ी सामान्य प्रक्रिया है। सही जानकारी और स्वच्छ आदतें किशोरियों को संक्रमण से बचाने के साथ उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाती हैं।
विज्ञापन
महिलाओं और किशोरियों को हमेशा साफ और सुरक्षित सैनिटरी पैड या अन्य स्वच्छ साधनों का उपयोग करना चाहिए। एक ही पैड को लंबे समय तक इस्तेमाल करने के बजाय उसे समय-समय पर बदलना जरूरी है। इसके साथ ही, हाथों की उचित सफाई और इस्तेमाल किए गए पैड का सुरक्षित निस्तारण भी व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी जागरूकता की कमी के चलते कई किशोरियां जरूरी जानकारी से वंचित रह जाती हैं और कई परिवारों में इस विषय पर खुलकर बात करने में संकोच किया जाता है। ऐसे में, चिकित्सक का सुझाव है कि अभिभावकों और महिला शिक्षकों को किशोरियों से इस पर सहजता से संवाद करना चाहिए। स्कूलों में भी विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाकर सही जानकारी और सावधानियां साझा की जानी चाहिए।