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Kasganj News: कछला घाट पर बहे 70 वर्षीय बुजुर्ग, पूरी रात लहरों से जूझने के बाद सुबह मछुआरों ने बचाई जान
Sat, 25 Jul 2026 11:40 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Sat, 25 Jul 2026 11:40 PM IST
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फोटो18गंजडुंडवारा के कादरगंज गंगाघाट पर बेहोशी की हालत में पानी के बहाव में मिले कछला से डू
गंजडुंडवारा। दृड़ इच्छाशक्ति हो तो इंसान हर मुश्किल से पार हो सकता है। जिजीविषा और इंसानी जज्बे के आगे कभी-कभी कुदरत को भी झुकना पड़ता है। इंसानी हौंसलों की बानगी कासगंज के गंगा घाट पर देखने को मिली है। एटा जिले के जैथरा निवासी 70 वर्षीय सुरेश सिंह, शुक्रवार शाम गंगा स्नान के दौरान तेज बहाव में बह गए थे। पूरी रात गंगा में तैरते रहे और अगली सुबह कादरगंज घाट बेहोशी की हालत में दो मछुआरों ने उन्हें नदी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
घटना शुक्रवार शाम करीब 7 बजे की है। भीषण गर्मी और उमस से निजात पाने के लिए सुरेश सिंह एटा के कृष्णगंज मोहल्ले से चलकर कछला घाट पहुंचे थे। अचानक उनका पैर फिसल गया। आसपास मौजूद लोग जब तक बचाव का प्रयास करते तब तक तेज बहाव के बीच वह आंखों से ओझल हो चुके थे। शनिवार सुबह कादरगंज घाट के पास नवाबगंज नगरिया के स्थानीय मछुआरे करण सिंह और धीर सिंह की नजर उन पर पड़ी। बिना समय गंवाए दोनों ने पानी में छलांग लगा दी। कड़ी मशक्कत के बाद सुरेश सिंह को खींचकर किनारे पर ले आए।
नदी से बाहर निकालने पर बुजुर्ग पूरी तरह बेसुध थे। मछुआरों और ग्रामीणों ने तुरंत उनकी तीमारदारी शुरू की, उनके भीगे कपड़े बदले और गर्मा-गरम चाय पिलाई। कुछ देर बाद जब उनके भीतर चेतना लौटी और उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई, तो वहां खड़ा हर शख्स हैरान रह गया। ग्रामीणों ने मोबाइल पर परिजनों से संपर्क साधा। सूचना मिलते ही सहमे हुए परिजन दोपहर तक मौके पर पहुंच गए और अपने बुजुर्ग को सुरक्षित पाकर भगवान का शुक्रिया अदा कर अपने साथ ले गए।
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घटना शुक्रवार शाम करीब 7 बजे की है। भीषण गर्मी और उमस से निजात पाने के लिए सुरेश सिंह एटा के कृष्णगंज मोहल्ले से चलकर कछला घाट पहुंचे थे। अचानक उनका पैर फिसल गया। आसपास मौजूद लोग जब तक बचाव का प्रयास करते तब तक तेज बहाव के बीच वह आंखों से ओझल हो चुके थे। शनिवार सुबह कादरगंज घाट के पास नवाबगंज नगरिया के स्थानीय मछुआरे करण सिंह और धीर सिंह की नजर उन पर पड़ी। बिना समय गंवाए दोनों ने पानी में छलांग लगा दी। कड़ी मशक्कत के बाद सुरेश सिंह को खींचकर किनारे पर ले आए।
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नदी से बाहर निकालने पर बुजुर्ग पूरी तरह बेसुध थे। मछुआरों और ग्रामीणों ने तुरंत उनकी तीमारदारी शुरू की, उनके भीगे कपड़े बदले और गर्मा-गरम चाय पिलाई। कुछ देर बाद जब उनके भीतर चेतना लौटी और उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई, तो वहां खड़ा हर शख्स हैरान रह गया। ग्रामीणों ने मोबाइल पर परिजनों से संपर्क साधा। सूचना मिलते ही सहमे हुए परिजन दोपहर तक मौके पर पहुंच गए और अपने बुजुर्ग को सुरक्षित पाकर भगवान का शुक्रिया अदा कर अपने साथ ले गए।
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