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Kasganj News: ईंट से साधा कांटा, राशन में काट लिया हक
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फोटो 36 - शिवम। स्रोत : संवाद
कासगंज। सरकारी राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने की डिजिटल व्यवस्था को कोटेदारों ने चकमा दे दिया है। सरकार ने धांधली रोकने के लिए ई-पॉस मशीन और जीपीएस युक्त इलेक्ट्रॉनिक कांटे को सर्वर से लिंक किया था लेकिन कोटेदार इस डिजिटल कांटे पर ईंट रखकर तौल पूरी दिखा रहे हैं।
उपभोक्ताओं को दूसरे साधारण कांटे से तौलकर प्रति यूनिट एक किलो कम राशन दिया जा रहा है। इस चालाकी से सरकारी रिकॉर्ड में तो वितरण पूरा दिखता है, पर गरीबों की थाली खाली रह जाती है।
जिले के कासगंज विकास खंड, पटियाली, गंजडुंडवारा, सहावर और ढोलना क्षेत्र में की गई पड़ताल में यह फर्जीवाड़ा सामने आया है। उपभोक्ता मदन माहेश्वरी का कहना है कि ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद उन्हें राशन कम मिलता है।
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वहीं, ढोलना के ईशुपुर निवासी रामवीर, पवन और अजब सिंह ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर घटतौली की शिकायत की थी। ग्रामीणों का कहना है कि हर यूनिट पर एक किलो की कटौती किसी बड़े परिवार के लिए हर महीने कई किलो का नुकसान बन जाती है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
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राशन की दुकानों पर सीसीटीवी गायब
दुकानों पर पारदर्शिता के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के कड़े निर्देश थे लेकिन जिले की ज्यादातर दुकानों से सीसीटीवी गायब हैं। कैमरों की अनुपस्थिति के कारण कोटेदार बिना किसी डर के गरीबों के राशन पर डाका डाल रहे हैं।
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पारदर्शिता के लिए मशीन और कांटे को किया था लिंक
शासन ने सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए ई-पॉस मशीन और इलेक्ट्रॉनिक कांटे को आपस में लिंक कर दिया है। इलेक्ट्रॉनिक कांटा सर्वर से लिंक रहता है, जिसमें जीपीएस की सुविधा है। ताकि उपभोक्ता को निर्धारित मात्रा में राशन मिल सके और वितरण की प्रक्रिया का रिकॉर्ड रहे।
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वर्जन :
सर्वर में समस्या आने पर कुछ राशन डीलर इस तरह की प्रक्रिया अपना रहे होंगे। उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा में पूरा राशन दिया जा रहा है। यदि किसी दुकान पर कम राशन दिए जाने की शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कराई जाएगी। -अरुण कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी
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क्या बोले उपभोक्ता :
जब डीलर के यहां राशन लेने जाता हूं तो कार्ड पर एक किलो राशन कम देता है। विरोध करो तो राशन कार्ड निरस्त कराने की बात कही जाती है। - चरन सिंह
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प्रति कार्ड एक किलो राशन कम मिलता है। सवाल पूछने पर चुप रहने को कहा जाता है। -शिवम शर्मा
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राशन लेने के लिए पहले अंगूठा लगवाया लिया जाता है। इसके बाद तौल होती है। फिर राशन डीलर एक यूनिट के हिसाब से एक किलो राशन कम कर देते हैं। -मुन्नी माहेश्वरी
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उपभोक्ताओं को दूसरे साधारण कांटे से तौलकर प्रति यूनिट एक किलो कम राशन दिया जा रहा है। इस चालाकी से सरकारी रिकॉर्ड में तो वितरण पूरा दिखता है, पर गरीबों की थाली खाली रह जाती है।
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जिले के कासगंज विकास खंड, पटियाली, गंजडुंडवारा, सहावर और ढोलना क्षेत्र में की गई पड़ताल में यह फर्जीवाड़ा सामने आया है। उपभोक्ता मदन माहेश्वरी का कहना है कि ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद उन्हें राशन कम मिलता है।
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वहीं, ढोलना के ईशुपुर निवासी रामवीर, पवन और अजब सिंह ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर घटतौली की शिकायत की थी। ग्रामीणों का कहना है कि हर यूनिट पर एक किलो की कटौती किसी बड़े परिवार के लिए हर महीने कई किलो का नुकसान बन जाती है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
राशन की दुकानों पर सीसीटीवी गायब
दुकानों पर पारदर्शिता के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने के कड़े निर्देश थे लेकिन जिले की ज्यादातर दुकानों से सीसीटीवी गायब हैं। कैमरों की अनुपस्थिति के कारण कोटेदार बिना किसी डर के गरीबों के राशन पर डाका डाल रहे हैं।
पारदर्शिता के लिए मशीन और कांटे को किया था लिंक
शासन ने सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए ई-पॉस मशीन और इलेक्ट्रॉनिक कांटे को आपस में लिंक कर दिया है। इलेक्ट्रॉनिक कांटा सर्वर से लिंक रहता है, जिसमें जीपीएस की सुविधा है। ताकि उपभोक्ता को निर्धारित मात्रा में राशन मिल सके और वितरण की प्रक्रिया का रिकॉर्ड रहे।
वर्जन :
सर्वर में समस्या आने पर कुछ राशन डीलर इस तरह की प्रक्रिया अपना रहे होंगे। उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा में पूरा राशन दिया जा रहा है। यदि किसी दुकान पर कम राशन दिए जाने की शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कराई जाएगी। -अरुण कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी
क्या बोले उपभोक्ता :
जब डीलर के यहां राशन लेने जाता हूं तो कार्ड पर एक किलो राशन कम देता है। विरोध करो तो राशन कार्ड निरस्त कराने की बात कही जाती है। - चरन सिंह
प्रति कार्ड एक किलो राशन कम मिलता है। सवाल पूछने पर चुप रहने को कहा जाता है। -शिवम शर्मा
राशन लेने के लिए पहले अंगूठा लगवाया लिया जाता है। इसके बाद तौल होती है। फिर राशन डीलर एक यूनिट के हिसाब से एक किलो राशन कम कर देते हैं। -मुन्नी माहेश्वरी

फोटो 36 - शिवम। स्रोत : संवाद

फोटो 36 - शिवम। स्रोत : संवाद

फोटो 36 - शिवम। स्रोत : संवाद

फोटो 36 - शिवम। स्रोत : संवाद