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Kanpur News: आपकी हां पर ही इस्तेमाल हो सकेगा आपका आधार
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कानपुर। सर, आपके आधार का इस्तेमाल करना है, क्या आपकी सहमति है...। आने वाले समय में अब कोई भी कंपनी बिना आपकी सहमति के आपके आधार का इस्तेमाल नहीं कर सकेगी। एलेन हाउस इंस्टीट्यूट के छात्रों ने प्रोफेसर की मदद से ब्लॉकचेन आधारित सिस्टम तैयार किया है। कंसेंट-एज-ए सर्विसेज नाम के इस सिस्टम की मदद से व्यक्ति अपने आधार से जुड़े डाटा पर नियंत्रण रख सकेगा। संस्थान के छात्रों ने इसकी एल्गोरिदम तैयार कर ली है।
अभी तक व्यक्ति यदि अपने आधार का इस्तेमाल एक बार किसी भी सर्विस के लिए करता था तो कई कंपनियां बिना अनुमति के ही उनके आधार का उपयोग अन्य कार्य के लिए भी कर लेती थीं। कंपनी की ओर से आधार के अन्य जगह इस्तेमाल की महज सूचना मिल जाती थी पर मना करने का विकल्प नहीं होता था।
इस समस्या को देखते हुए इंस्टीट्यूट के बीटेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के फाइनल ईयर के छात्र हर्ष यादव, हमदान जमान खान, अंशुल कुमार मंडल ने संस्थान के डीन रिसर्च प्रो. वरुण शुक्ला के साथ मिलकर आधार डेटा की गोपनीयता और पारदर्शिता को सुनिश्चित करने का समाधान विकसित किया है।
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प्रो. शुक्ला ने बताया कि इस सिस्टम की मदद से व्यक्ति का अपने आधार पर पूरा नियंत्रण होगा। उपयोगकर्ता को मोबाइल और एप के माध्यम से आधार के इस्तेमाल के अनुरोध को स्वीकार या अस्वीकार करने का अधिकार रहेगा। सभी सहमतियों को स्मार्ट कांट्रैक्ट के जरिए ब्लॉकचेन पर दर्ज किया जाएगा। इससे हर कार्रवाई पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी। इसमें जीरो नॉलेज प्रूफ की सुविधा भी जोड़ी गई है। जो उपयोगकर्ता की गोपनीयता को बनाए रखेगी। एआई आधारित मॉड्यूल किसी भी असामान्य गतिविधि का पता लगाकर तुरंत अलर्ट भेजेगा।
प्रो. शुक्ला ने कहा कि इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्टि्रकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर (आईईईई) मुंबई के इंटरनेशनल सम्मेलन में प्रस्तुति के बाद यह शोधपत्र ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। इसके बाद इसे पेटेंट के लिए भेजा जाएगा। संस्थान के सचिव जावेद हाशमी, निदेशक प्रो. मनोज कुमार, निदेशिका डॉ. रूबी चावला ने सभी को बधाई भी दी है।
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अभी तक व्यक्ति यदि अपने आधार का इस्तेमाल एक बार किसी भी सर्विस के लिए करता था तो कई कंपनियां बिना अनुमति के ही उनके आधार का उपयोग अन्य कार्य के लिए भी कर लेती थीं। कंपनी की ओर से आधार के अन्य जगह इस्तेमाल की महज सूचना मिल जाती थी पर मना करने का विकल्प नहीं होता था।
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इस समस्या को देखते हुए इंस्टीट्यूट के बीटेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के फाइनल ईयर के छात्र हर्ष यादव, हमदान जमान खान, अंशुल कुमार मंडल ने संस्थान के डीन रिसर्च प्रो. वरुण शुक्ला के साथ मिलकर आधार डेटा की गोपनीयता और पारदर्शिता को सुनिश्चित करने का समाधान विकसित किया है।
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प्रो. शुक्ला ने बताया कि इस सिस्टम की मदद से व्यक्ति का अपने आधार पर पूरा नियंत्रण होगा। उपयोगकर्ता को मोबाइल और एप के माध्यम से आधार के इस्तेमाल के अनुरोध को स्वीकार या अस्वीकार करने का अधिकार रहेगा। सभी सहमतियों को स्मार्ट कांट्रैक्ट के जरिए ब्लॉकचेन पर दर्ज किया जाएगा। इससे हर कार्रवाई पूरी तरह से सुरक्षित रहेगी। इसमें जीरो नॉलेज प्रूफ की सुविधा भी जोड़ी गई है। जो उपयोगकर्ता की गोपनीयता को बनाए रखेगी। एआई आधारित मॉड्यूल किसी भी असामान्य गतिविधि का पता लगाकर तुरंत अलर्ट भेजेगा।
प्रो. शुक्ला ने कहा कि इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्टि्रकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर (आईईईई) मुंबई के इंटरनेशनल सम्मेलन में प्रस्तुति के बाद यह शोधपत्र ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। इसके बाद इसे पेटेंट के लिए भेजा जाएगा। संस्थान के सचिव जावेद हाशमी, निदेशक प्रो. मनोज कुमार, निदेशिका डॉ. रूबी चावला ने सभी को बधाई भी दी है।