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Kanpur News: मगरमच्छ के हमले से युवक की मौत, 22 घंटे बाद मिला शव
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चकरनगर। भरेह क्षेत्र के हरपुरा गांव के पास चंबल नदी में पशुओं को पानी पिलाने गए एक युवक को शनिवार दोपहर मगरमच्छ ने हमला कर नदी में खींच ले गया था। घटना के बाद सेंचुरी विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमों ने पशुपालक की तलाश शुरू की थी। रविवार सुबह करीब 10 बजे लगभग 22 घंटे बाद पशुपालक का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।
रामवीर सिंह (45) निवासी जगम्मनपुर जिला जालौन छह माह से अपने ननिहाल हरपुरा गांव में रह रहा था। शनिवार को वह अपने जानवरों को पानी पिलाने चंबल नदी गया था, जहां भेड़ को नहलाते समय मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया और देखते ही देखते चंबल नदी में खींच ले गया। सूचना मिलते ही एसडीएम ब्रह्मानन्द सिंह कठेरिया की निगरानी में सर्च अभियान शुरू किया गया।
22 घंटे के प्रयास के बाद शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया है। एसडीएम ब्रह्ममानंद कठेरिया ने बताया कि शव के पोस्टमार्टम के बाद शासन से मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। पीड़ित प्रशासन ने घटना को लेकर ग्रामीणों से नदी के किनारे सतर्कता बरतने की अपील भी की है।
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वृद्ध मां का सहारा टूटा, बेटी के सिर से उठा पिता का हाथ
मृतक रामवीर निषाद का जीवन संकटों से भरा हुआ रहा है। वह मां मुला देवी (90) साथ हरपुरा गांव में अपनी ननिहाल में भेड़ बकरियां पालन कर जीवन यापन कर रहा था। मृतक भाई रामजीवन ने बताया कि सन 2007 में इटावा के अजीतमल थाना के टुकरी गांव से शादी हुयी थी। करीब एक वर्ष बाद बेटी सोनम ने जन्म दिया था। बेटी तीन वर्ष की हुई थी। तभी भाभी ने गुस्से में आकर सन 2010 में आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। ससुराल पक्ष के लोगों ने भाई सहित मां भाई बहिन, बहनोई पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था और जबरियां बेटी को अपने साथ लें गये थे। मुकदमा में भाई सहित परिजनों को सजा हुई और वह करीब दो वर्ष जेल काट कर घर लौटे थे। घर पर छोटे भाई से झगड़ा होने पर वह ननिहाल मां के साथ भेड़ बकरियों को लेकर आ गए थे।
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मगरमच्छ के हमले से चंबल में तीन की मौत से दहशत
चकरनगर। चंबल नदी के हरपुरा गांव के पास पशुओं को नहलाते समय रामवीर निषाद पुत्र छेदा लाल (45) की मगरमच्छ के हमले में जान चली गई थी। नेस्टिंग और हैचिंग के काल में चंबल किनारे मानव गतिविधि को बालू में अपने अंडे नष्ट होने का खतरा समझ मगरमच्छ हमलावर हो जाते हैं। चकरनगर रेंजर कोटेश त्यागी ने बताया कि नदी किनारे के गांवों में लोगों को हैचिंग पीरियड के समय नदी क्षेत्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। ताजा हमले के बाद क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया गया है। पिछले सन 2023 में इन्हीं दिनो हरपुरा गांव के पूर्व प्रधान महिपाल सिंह का 18 वर्षीय पुत्र अनुज को हमला कर मार डाला था।
28 अप्रैल 2022 को नगला ख्यालीपुरा की 14 वर्षीय मुस्कान पुत्री विक्रम सिंह केवट चंबल नदी में पशुओं को पानी पिलाने गई थी। इसी दौरान मगरमच्छ ने उसको पकड़ कर पानी के अंदर खींच लिया। 22 मई 2024 भरेह संगम के पास चंबल नदी में पानी पीने के लिए गए जगत नारायण निषाद पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। युवक ने मगरमच्छ से बचने के लिए काफी देर तक संघर्ष किया। संघर्ष करने के बाद मगरमच्छ से अपनी जान बचाई चंबल की गर्म बालू में घिसटते हुए नदी से दूर पहुंच कर अपने आप को सुरक्षित किया। वनकर्मी बताते हैं कि मघारा घाट पर तो नदी किनारे जाने वालों के पीछे मगरमच्छ दौड़ पड़ता है।
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रामवीर सिंह (45) निवासी जगम्मनपुर जिला जालौन छह माह से अपने ननिहाल हरपुरा गांव में रह रहा था। शनिवार को वह अपने जानवरों को पानी पिलाने चंबल नदी गया था, जहां भेड़ को नहलाते समय मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया और देखते ही देखते चंबल नदी में खींच ले गया। सूचना मिलते ही एसडीएम ब्रह्मानन्द सिंह कठेरिया की निगरानी में सर्च अभियान शुरू किया गया।
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22 घंटे के प्रयास के बाद शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया है। एसडीएम ब्रह्ममानंद कठेरिया ने बताया कि शव के पोस्टमार्टम के बाद शासन से मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। पीड़ित प्रशासन ने घटना को लेकर ग्रामीणों से नदी के किनारे सतर्कता बरतने की अपील भी की है।
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वृद्ध मां का सहारा टूटा, बेटी के सिर से उठा पिता का हाथ
मृतक रामवीर निषाद का जीवन संकटों से भरा हुआ रहा है। वह मां मुला देवी (90) साथ हरपुरा गांव में अपनी ननिहाल में भेड़ बकरियां पालन कर जीवन यापन कर रहा था। मृतक भाई रामजीवन ने बताया कि सन 2007 में इटावा के अजीतमल थाना के टुकरी गांव से शादी हुयी थी। करीब एक वर्ष बाद बेटी सोनम ने जन्म दिया था। बेटी तीन वर्ष की हुई थी। तभी भाभी ने गुस्से में आकर सन 2010 में आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। ससुराल पक्ष के लोगों ने भाई सहित मां भाई बहिन, बहनोई पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था और जबरियां बेटी को अपने साथ लें गये थे। मुकदमा में भाई सहित परिजनों को सजा हुई और वह करीब दो वर्ष जेल काट कर घर लौटे थे। घर पर छोटे भाई से झगड़ा होने पर वह ननिहाल मां के साथ भेड़ बकरियों को लेकर आ गए थे।
मगरमच्छ के हमले से चंबल में तीन की मौत से दहशत
चकरनगर। चंबल नदी के हरपुरा गांव के पास पशुओं को नहलाते समय रामवीर निषाद पुत्र छेदा लाल (45) की मगरमच्छ के हमले में जान चली गई थी। नेस्टिंग और हैचिंग के काल में चंबल किनारे मानव गतिविधि को बालू में अपने अंडे नष्ट होने का खतरा समझ मगरमच्छ हमलावर हो जाते हैं। चकरनगर रेंजर कोटेश त्यागी ने बताया कि नदी किनारे के गांवों में लोगों को हैचिंग पीरियड के समय नदी क्षेत्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। ताजा हमले के बाद क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया गया है। पिछले सन 2023 में इन्हीं दिनो हरपुरा गांव के पूर्व प्रधान महिपाल सिंह का 18 वर्षीय पुत्र अनुज को हमला कर मार डाला था।
28 अप्रैल 2022 को नगला ख्यालीपुरा की 14 वर्षीय मुस्कान पुत्री विक्रम सिंह केवट चंबल नदी में पशुओं को पानी पिलाने गई थी। इसी दौरान मगरमच्छ ने उसको पकड़ कर पानी के अंदर खींच लिया। 22 मई 2024 भरेह संगम के पास चंबल नदी में पानी पीने के लिए गए जगत नारायण निषाद पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। युवक ने मगरमच्छ से बचने के लिए काफी देर तक संघर्ष किया। संघर्ष करने के बाद मगरमच्छ से अपनी जान बचाई चंबल की गर्म बालू में घिसटते हुए नदी से दूर पहुंच कर अपने आप को सुरक्षित किया। वनकर्मी बताते हैं कि मघारा घाट पर तो नदी किनारे जाने वालों के पीछे मगरमच्छ दौड़ पड़ता है।