किसानों पर मेहरबान हुए CM योगी, विकास के ऐजेंडे में शामिल करते हुए कही ये बड़ी बातें
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किसानों का करोड़ों का कर्ज माफ करने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को एक और खुशखबरी दी है। योगी सरकार ने किसानों के हित के लिए फसल खरीदी में बिचौलियों का रोल खत्म करने की बात कही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को कानपुर के कृषि अनुसंधान परिषद् पहुंचे। यहां उन्होंने कहा 15 साल से प्रदेश में किसी भी सरकार ने किसानों को अपने ऐजेंडे में शामिल नहीं किया। इसकी नतीजा ये रहा कि गरीब किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो गए। पहली बार भाजपा सरकार ने प्रदेश के किसानों को अपने ऐजेंडे में शामिल किया है। भाजपा सरकार किसानों के हित के लिए कार्य करेगी।
समर्थन मूल्य पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा सरकार 1100 रुपए तय करती थी लेकिन किसान के हाथ में केवल 800 रुपए ही पहुंचते थे। इनका हक बिचौलिए खा जाते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा इसके लिए प्रदेश में पहली बार 5000 गेहूं क्रय केंद्र खोले गए हैं जो किसान के भले के लिए ही कार्य करेंगे। बिचौलिए से सम्पर्क किए बगैर अब किसान अपनी फसल को सीधे सरकारी क्रय केंद्रों पर सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य पर बेच सकते हैं।
किसानों को कहा तीन गुना पैदावार बढ़ाओ
किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जलवायु परिवर्तन और जनसख्या वृद्धि के कारण किसानों पर दबाव बढ़ गया है। इसलिए किसानों को नवीनतम तकनीक अपनाकर उत्पादन बढ़ाना होगा। सीएम योगी ने किसानों से तीन गुना पैदावार बढ़ाने की बात कही है।
सीएम योगी ने यह जानकारी भी साझा की है कि प्रदेश सरकार ने 21 नए किसान विकास केंद्रों के लिए जमीन दे दी है। इनके माध्यम से किसानों के विकास पर विशेष फोकस किया जाएगा।
कृषि के साथ पशु-पालन भी करें
सीएम योगी ने आय के साधन बढ़ाने के लिए कहा कृषि के साथ-साथ किसानों को पशु पालन भी करना चाहिए। इसमें मुर्गी फार्म, गाय-भैंस इत्यादि शामिल है।
चार किसानों को किया पुरस्कृत
सीएम योगी ने कार्यक्रम के दौरान चार किसानों को पुरस्कृत भी किया। इन्होंने कम जमीन पर अधिक फसल उत्पादन कर दिखाया है। इनमें एक कानपुर देहात का किसान भी है।
इसके अलावा कार्यक्रम स्थल पर उन्होंने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उनके आने से पहले भाजपाइयों में हलचल देखने को मिली।कार्यक्रम वही पदाधिकारी शामिल हुए, जिन्हें बुलाया गया है। इनमें जनप्रतिनिधि व प्रदेश के पदाधिकारी शामिल हैं। हालांकि अपना चेहरा मुख्यमंत्री को दिखाने के लिए कार्यकर्ताओं ने तय रूट पर होर्डिंग से शहर को पाट दिया गया है।
लगवाए गए वाटरप्रूफ पंडाल
विकास भवन के पास भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद परिसर का निरीक्षण भी किया गया। उत्तर जिलाध्यक्ष ने प्रशासनिक अफसरों से कहा कि बारिश से कार्यक्रम प्रभावित न हो, इसके लिए वाटरप्रूफ पंडाल में कृषि प्रदर्शनी लगाएं।