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कम नहीं हो रहा यमुना का जलस्तर, मदद को प्रशासन मुस्तैद

Tue, 10 Aug 2021 12:53 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 10 Aug 2021 12:53 AM IST
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Yamuna five meters above the danger mark
पुखरायां/मूसानगर। यमुना नदी का जलस्तर सोमवार को फिर से बढ़ने लगा। इससे बाढ़ ग्रस्त गांवों में पानी और बढ़ गया। अब जलस्तर 113 मीटर तक पहुंच गया। जो खतरे के निशान से पांच मीटर ऊपर है। वहीं नदी के बहाव की रफ्तार भी बढ़ रही है। जिससे हर किसी की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। वहीं प्रशासनिक और क्षेत्रीय लोगों के सहयोग से बाढ़ प्रभावित गांवों में राशन किट और लंच पैकेटों का वितरण कराया जा रहा है।
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यमुना नदी में बाढ़ का पानी सोमवार को फिर से बढ़ने लगा। जिससे भोगनीपुर क्षेत्र के ट्योगा, क्योटरा, डिलौलिया बांगर, दौलतुपर, रसालपुर भलार, देवराहट, कलुआताला, चंदनापुरवा, आढ़न, पथार, पड़ाव, चतुरीपुरवा, रसूलपुर, भुंडा, भरतौली, कुम्हापुर, चपरघटा, मुसरिया, हलिया, नयापुरवा, नगीना बांगर, कट्टापुरवा, बम्हरौली घाट, अहरौली घाट, सिमरिया, हंसपुर मौदन आदि गांवों में पानी बढ़ गया है। जिससे ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ने लगी हैं।
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क्षेत्र निवासी दीनदयाल, बाबू सिंह, अरविंद, राजेंद्र, सुरेश, अशोक, दिनेश ने कहा कि यमुना में पानी और बढ़ने से अब गांव से निकलना ही पड़ेगा। गांवों के टीले की कटान भी यमुना नदी का पानी कर रहा है। निरंतर जलभराव रहने से मकानों के गिरने का डर सताने लगा है। बताया कि 1996 में इसी तरह यमुना का जलस्तर बढ़ा था। उसी तरह चपरघटा पर बने पुराने पुल की सड़क पर नगीना मोड़ तक पानी भरा हुआ है।
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जिससे चपरघटा का किला भी टापू में तब्दील हो गया है। बाढ़ नियंत्रण केन्द्र कालपी प्रभारी ज्ञान चंद्र ने बताया कि यमुना नदी का जलस्तर अब 112.87 से 113 मीटर तक पहुंच रहा है। जलस्तर बढ़ता जा रहा है।
एसडीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में सरकारी सहायता के अलावा अन्य लोगों के द्वारा भी मदद पहुंचाई जा रही है। वहीं अलर्ट जारी कर दिया गया है। कि कोई भी व्यक्ति बाढ़ ग्रस्त इलाके में न जाए। वहीं पानी के बीच फंसे लोगों की सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं।
गौहानी बांगर व जैसलपुर महदेवा गांव सबसे अधिक प्रभावित
राजपुर (कानपुर देहात)। यमुना नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से तीन मीटर अधिक है। ऐसे में नदी की तलहटी पर बसे गांवों में जनजीवन खासा प्रभावित है। गौहानी बांगर व जैसलपुर महदेवा गांव में स्थिति अधिक खराब है। हालांकि प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। राज्यमंत्री, एसडीएम व तहसीलदार ने क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया।
सोमवार को भी यमुना नदी का जलस्तर बढ़ता रहा। वहीं तेज बारिश से सिकंदरा तहसील के बाढ़ ग्रस्त गौहानी बांगर, भुपैय्यापुर, जैसलपुर, महदेवा, बेहमई व पिचौरा में ग्रामीण चिंतित दिखाई दिए। सबसे खराब हालत महदेवा व बैजामऊ बांगर गांव के हैं।
इन दोनों गांव के करीब दो सौ से अधिक घर पूरी तरह जलमग्न हैं। तहसील प्रशासन ने गांवों के लोगों को पंचायत घरों व प्राथमिक स्कूलों में ठहराया है। हालांकि महदेवा गांव के 50 से अधिक परिवार ऊंचे स्थानों पर खुले मैदान पर लगाए गए तंबू तिरपाल में ठहरे हैं। खुले मैदान में ठहरे परिवारों को जंगली जानवर व जहरीले कीड़े का खतरा सता है।
बाढ़ पीड़ितों को दी राशन किट, कराया भोजन
राजपुर। बाढ़ पीड़ितों के लिए शासन ने राहत सामग्री भेजी है। सोमवार को प्रदेश सरकार के इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री अजीत सिंह पाल ने तहसील के अफसरों के साथ राजपुर ब्लॉक के बाढ़ प्रभावित जैसलपुर व महदेवा गांव में 101 परिवारों को राशन किट का वितरण किया। महदेवा गांव के उदयवीर सिंह, रंपत, गोला सिंह, धर्म पाल, रामजी सिंह ने राज्यमंत्री को बताया कि पिछले वर्ष भी यमुना नदी में बाढ़ आ गई थी।
सैकड़ों घर तबाह हो गए थे। इस वर्ष की बाढ़ से भी कई गांवों के सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं। एसडीएम रमेश चंद्र यादव व तहसीलदार लखनलाल राजपूत ने बताया कि बैजामऊ बांगर व जैसलपुर महदेवा गांव में बाढ़ प्रभावितों को हर संभव मदद पहुंचाई जा
रही है। उधर बाढ़ पीड़ितों को राहत देने के लिए समाजसेवी शुभम पाल ने लगातार तीसरे दिन भी महदेवा गांव में कैप लगाकर लोगों को भोजन कराया। कैंप में जैसलपुर व महदेवा गांव के सैकड़ों लोगों के लिए भोजन किया। बाढ़ प्रभावित परिवारों में चीनी, तेल, आटा व दाल के पैकेट बांटे गए। (संवाद)
स्वास्थ्य टीम ने गांव पहुंच बांटी दवाएं
रनियां/राजपुर। रिंद नदी का जलस्तर घटने के बाद इटैलिया गांव में गंदगी से बीमारी फैलने की आशंका बनी है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची और दवा वितरित की। सरवनखेड़ा पीएचसी से सोमवार को प्रभारी डॉ. विशाल दिवाकर ने एक स्वास्थ्य टीम बनाकर इटैलिया गांव भेजा। टीम में डॉ. राहुल लडढा, अमरकांत, रामरतन, आशीष सिंह, डीके पाल आदि ने इटैलिया, पहाड़पुर, रायपुर, धंजुआ आदि गांवों में जाकर दवाएं बांटी।
लगभग सौ लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। यहां कोरोना की एंटीजन किट से जांच की गई। एक दर्जन लोगों को खांसी, जुकाम, वायरल फीवर, पेट दर्द आदि की दवा दी गई। उधर सोमवार को राजपुर पीएचसी प्रभारी डॉ. डीके सिंह के नेतृत्व में जैसलपुर व महदेवा गांव पहुंची स्वास्थ्य टीम ने घर-घर जाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। लोगों को जरूरी दवाएं भी दी गई। यहां विकास कुमार आदि मौजूद रहे। (संवाद)
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शुरू की रसोई
पुखरायां। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बाढ़ पीड़ितों के लिए रसोई की शुरूआत की। जिसमें पहले दिन कार्यकर्ताओं ने बाढ़ प्रभावित गांवों में राशन वितरण कराने के लिए 123 लंच पैकेट एसडीएम को सौंपे।

जिला संयोजक दिव्यांशु सिसोदिया ने बताया कि एबीवीपी की ओर से बाढ़ पीड़ितों की निरंतर मदद की जाएगी। एसडीएम ने कहा कि आम जन के सहयोग से हर कार्य सुगम हो जाता है। इस दौरान अमन मिश्र, शेखर पाल, पुष्पेंद्र कुमार, आकाश तिवारी, प्रियांशु तिवारी सहित कार्यकर्ता अन्य मौजूद रहे। (संवाद)
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