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विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस होगा कानपुर सेंट्रल स्टेशन, लंबे समय से अटकी योजना को मिली हरी झंडी
Sat, 22 Jun 2019 12:54 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 22 Jun 2019 12:54 PM IST
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कानपुर सेंट्रल
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर सेंट्रल स्टेशन को विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस करने के लिए लंबे समय से अटके प्रोजेक्ट को गुरुवार को हरी झंडी मिल गई। केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाली दो प्रमुख इंजीनियरिंग इंटरप्राइजेज कंपनियां ब्रिज एंड रूफ कंपनी और ईपीआईएल (इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स इंडिया लिमिटेड) का रेलवे की आईआरएसडीसी (इंडियन रेलवे स्टेशन्स डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड) के बीच गुरुवार को नई दिल्ली में अनुबंध हुआ है।
अभी काम शुरू होने और खत्म होने की डेडलाइन तय नहीं की गई है। पीपीपी मॉडल के तहत सेंट्रल स्टेशन समेत देश के चुनिंदा स्टेशनों को विकसित करने की योजना दो साल पुरानी है लेकिन सेंट्रल समेत अन्य स्टेशनों को पुनर्विकसित केलिए कंपनियां दिलचस्पी नहीं ले रही थीं।
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अभी काम शुरू होने और खत्म होने की डेडलाइन तय नहीं की गई है। पीपीपी मॉडल के तहत सेंट्रल स्टेशन समेत देश के चुनिंदा स्टेशनों को विकसित करने की योजना दो साल पुरानी है लेकिन सेंट्रल समेत अन्य स्टेशनों को पुनर्विकसित केलिए कंपनियां दिलचस्पी नहीं ले रही थीं।
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ये सुधार होंगे
कानपुर सेंट्रल के पुनर्विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार कर रेलवे बोर्ड को पहले ही भेजा जा चुका है। स्टेशन की कई इमारतें इतनी पुरानी और जर्जर हैं, उन्हें सुधारना जाएगा। प्लेटफॉर्म और उसकी सतह, प्लेटफॉर्म शीट्स, वॉटर बूथ, शौचालय, हाइड्रेंट पाइपलाइन का नवीनीकरण, दिव्यांग सुविधा केंद्र और यात्री सुविधाओं की अभी पूरी व्यवस्था नहीं हैं। मास्टर प्लान में यह सभी कमियां दूर हो जाएंगी।
कैंट साइड में सभी सुविधाएं
इस प्लान के तहत सेंट्रल स्टेशन के कैंट साइड में सभी यात्री सुविधाओं वाली एक तीन मंजिला इमारत बनेगी। इसमें यात्रा टिकट, प्लेटफार्म टिकट, टिकट आरक्षण केंद्र, पूछताछ केंद्र, वेटिंग रूम और रेलवे से संबंधित सभी कार्यालय होंगे। खरीदारी के लिए एक मॉल होगा, इससे सीधे यात्री प्लेटफार्म पर तभी जाएगा, जब उसकी ट्रेन आनी हो। इसके बगल में एक फौव्वारा होगा, देखने में बेहद खूबसूरत लेकिन पुरानी वास्तुकला में पुरानी बिल्डिंग जैसी दिखेगी। यहां एकल प्रवेश के लिए स्कैनर होगा। वाहन इससे पार होकर ही सेंट्रल परिसर की पार्किंग में आ जा सकेंगे। गलत दिशा से वाहन निकलने पर स्वचलित टायर पंचर सिस्टम से टायर पंचर हो जाएंगे।
कानपुर सेंट्रल के पुनर्विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार कर रेलवे बोर्ड को पहले ही भेजा जा चुका है। स्टेशन की कई इमारतें इतनी पुरानी और जर्जर हैं, उन्हें सुधारना जाएगा। प्लेटफॉर्म और उसकी सतह, प्लेटफॉर्म शीट्स, वॉटर बूथ, शौचालय, हाइड्रेंट पाइपलाइन का नवीनीकरण, दिव्यांग सुविधा केंद्र और यात्री सुविधाओं की अभी पूरी व्यवस्था नहीं हैं। मास्टर प्लान में यह सभी कमियां दूर हो जाएंगी।
कैंट साइड में सभी सुविधाएं
इस प्लान के तहत सेंट्रल स्टेशन के कैंट साइड में सभी यात्री सुविधाओं वाली एक तीन मंजिला इमारत बनेगी। इसमें यात्रा टिकट, प्लेटफार्म टिकट, टिकट आरक्षण केंद्र, पूछताछ केंद्र, वेटिंग रूम और रेलवे से संबंधित सभी कार्यालय होंगे। खरीदारी के लिए एक मॉल होगा, इससे सीधे यात्री प्लेटफार्म पर तभी जाएगा, जब उसकी ट्रेन आनी हो। इसके बगल में एक फौव्वारा होगा, देखने में बेहद खूबसूरत लेकिन पुरानी वास्तुकला में पुरानी बिल्डिंग जैसी दिखेगी। यहां एकल प्रवेश के लिए स्कैनर होगा। वाहन इससे पार होकर ही सेंट्रल परिसर की पार्किंग में आ जा सकेंगे। गलत दिशा से वाहन निकलने पर स्वचलित टायर पंचर सिस्टम से टायर पंचर हो जाएंगे।
प्लेटफार्म तक जाएगी कार
सिटी साइड में केंद्रीय उत्तर कालोनी के टूटे क्वार्टरों की जगह कैब-वे बनेगा। इसके तहत प्लेटफार्म नंबर नौ पर शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को पकड़ने के लिए यात्री अपनी कार प्लेटफार्म तक ला सकेंगे। यहां पर एक बहुमंजिला इमारत बनेगी। इसमें भी टिकट वितरण, आरक्षण केंद्र आदि सुविधाओं की व्यवस्था होगी। सिटी साइड में ही टू व्हीलर पार्किंग के स्थान पर मल्टी लेवल पार्किंग बनाने की योजना मास्टर प्लान में है। सिटी साइड पुराना तांगा स्टैंड पर यात्री निवास बनाए जाने का प्रस्ताव है। यह तीन से पांच मंजिला होगा, जिसमें रेल यात्रियों को बाहर से कम दाम पर रुकने व खाने की सुविधा होगी।
प्लेटफार्म, शौचालय और पानी की बेहतर सुविधा
सेंट्रल स्टेशन पर प्लेटफार्म को दुरुस्त किया जाएगा। चूहों ने प्लेटफार्म को सुरंगें बनाकर खोखला कर दिया है। प्लेटफार्मों की सतहों को कोटा पत्थरों को लगाकर सुधारा जाएगा। पानी व शौचालय की व्यवस्था भी सुधरेगी। वाटर बूथों और अन्य सुविधाओं को जोड़ने वाली पाइपलाइन और हाइड्रेंट पाइपलाइन को बदला जाएगा। ट्रैक से पानी की निकासी की व्यवस्था का नेटवर्क तैयार होगा।
सेंट्रल स्टेशन के पुनर्विकास के लिए आईआरएसडीसी से इंजीनियरिंग कंपनियों का समझौता हो गया है। यह कंपनियां स्टेशन को विश्व स्तरीय बनाएंगी।
- अमित मालवीय, पीआरओ, उत्तर मध्य रेलवे
सिटी साइड में केंद्रीय उत्तर कालोनी के टूटे क्वार्टरों की जगह कैब-वे बनेगा। इसके तहत प्लेटफार्म नंबर नौ पर शताब्दी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को पकड़ने के लिए यात्री अपनी कार प्लेटफार्म तक ला सकेंगे। यहां पर एक बहुमंजिला इमारत बनेगी। इसमें भी टिकट वितरण, आरक्षण केंद्र आदि सुविधाओं की व्यवस्था होगी। सिटी साइड में ही टू व्हीलर पार्किंग के स्थान पर मल्टी लेवल पार्किंग बनाने की योजना मास्टर प्लान में है। सिटी साइड पुराना तांगा स्टैंड पर यात्री निवास बनाए जाने का प्रस्ताव है। यह तीन से पांच मंजिला होगा, जिसमें रेल यात्रियों को बाहर से कम दाम पर रुकने व खाने की सुविधा होगी।
प्लेटफार्म, शौचालय और पानी की बेहतर सुविधा
सेंट्रल स्टेशन पर प्लेटफार्म को दुरुस्त किया जाएगा। चूहों ने प्लेटफार्म को सुरंगें बनाकर खोखला कर दिया है। प्लेटफार्मों की सतहों को कोटा पत्थरों को लगाकर सुधारा जाएगा। पानी व शौचालय की व्यवस्था भी सुधरेगी। वाटर बूथों और अन्य सुविधाओं को जोड़ने वाली पाइपलाइन और हाइड्रेंट पाइपलाइन को बदला जाएगा। ट्रैक से पानी की निकासी की व्यवस्था का नेटवर्क तैयार होगा।
सेंट्रल स्टेशन के पुनर्विकास के लिए आईआरएसडीसी से इंजीनियरिंग कंपनियों का समझौता हो गया है। यह कंपनियां स्टेशन को विश्व स्तरीय बनाएंगी।
- अमित मालवीय, पीआरओ, उत्तर मध्य रेलवे