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Kanpur News: सामुदायिक शौचालय का संचालन कर सशक्त बन रहीं महिलाएं
Mon, 02 Mar 2026 12:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 02 Mar 2026 12:02 AM IST
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कानपुर देहात। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अलग-अलग क्षेत्र में काम कर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं। जिले की ग्राम पंचायतों में बने सामुदायिक शौचालय का संचालन कर 548 महिलाएं मासिक 6000 रुपये मानदेय पा रही हैं। जबकि टॉयलेट क्लीनर, झाड़ू आदि की सामग्री की खरीद के लिए इन्हें अलग से 3000 रुपये मिल रहे हैं।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में 9218 स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी करीब 94350 महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का कारोबार कर रही हैं। साथ ही अन्य महिलाओं को भी रोजगार मुहैया करा रही है। जनपद की 548 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय निर्मित कराए गए हैं। जबकि 70 में निर्माणाधीन अवस्था में हैं, जो जल्द ही संचालित की जाएगी। इसका उद्देश्य गांव को लोगों को बाहर खुले में शौच के लिए न जाना पडे़ है। वहीं इन्हें संचालित किए जाने की जिम्मेदारी समूह की महिलाओं को सौंपी जा रही है।
जिला मिशन प्रबंधक पूजा वर्मा ने बताया कि समूह की महिलाओं को बीच से 548 का चयन कर आरसेटी से सफाई व अन्य संबंधित कार्य के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। इसके बाद इन्हें इनकी ही ग्राम पंचायत के सामुदायिक शौचालय में तैनाती दी गई है। इसके अलावा जिन स्थानों पर अभी सामुदायिक शौचालय निर्माणाधीन हैं। उनका कार्य पूरा होते ही अन्य का चयन कर तैनाती दी जाएगी। इसके लिए इन्हें मासिक मानदेय के साथ सामग्री खरीद के लिए अलग से धनराशि प्रदान की जा रही है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
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..................वर्जन...........
जिले की ग्राम पंचायतों में संचालित सामुदायिक शौचालयों में समूह की महिलाओं की तैनाती की जा रही है। इसमें अभी तक 548 महिलाओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए मानदेय भी दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। - गंगाराम वर्मा, उपायुक्त, एनआरएलएम
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ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में 9218 स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी करीब 94350 महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का कारोबार कर रही हैं। साथ ही अन्य महिलाओं को भी रोजगार मुहैया करा रही है। जनपद की 548 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय निर्मित कराए गए हैं। जबकि 70 में निर्माणाधीन अवस्था में हैं, जो जल्द ही संचालित की जाएगी। इसका उद्देश्य गांव को लोगों को बाहर खुले में शौच के लिए न जाना पडे़ है। वहीं इन्हें संचालित किए जाने की जिम्मेदारी समूह की महिलाओं को सौंपी जा रही है।
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जिला मिशन प्रबंधक पूजा वर्मा ने बताया कि समूह की महिलाओं को बीच से 548 का चयन कर आरसेटी से सफाई व अन्य संबंधित कार्य के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। इसके बाद इन्हें इनकी ही ग्राम पंचायत के सामुदायिक शौचालय में तैनाती दी गई है। इसके अलावा जिन स्थानों पर अभी सामुदायिक शौचालय निर्माणाधीन हैं। उनका कार्य पूरा होते ही अन्य का चयन कर तैनाती दी जाएगी। इसके लिए इन्हें मासिक मानदेय के साथ सामग्री खरीद के लिए अलग से धनराशि प्रदान की जा रही है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
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जिले की ग्राम पंचायतों में संचालित सामुदायिक शौचालयों में समूह की महिलाओं की तैनाती की जा रही है। इसमें अभी तक 548 महिलाओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए मानदेय भी दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। - गंगाराम वर्मा, उपायुक्त, एनआरएलएम