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बेटी को डूबता देख तालाब में कूदी मां, महिला के बाल देखने के बाद मचा हड़कंप, दोनों की दर्दनाक मौत
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 14 Nov 2018 10:15 PM IST
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रोती बिलखती बेटियां व परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के फतेहपुर जिले में तालाब में गिरी बेटी को बचाने के प्रयास में बुधवार की दोपहर मां भी डूब गई। करीब दो घंटे बाद खोजबीन चालू हुई तो शव तालाब में उतराते मिले। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं।
चांदपुर थाना क्षेत्र के सरहन बुजुर्ग निवासी सुशील कुमार पाल की पत्नी सन्नो (32) बेटी प्रियांशी (8) को लेकर घर से कुछ दूर मातन गढ़वा तालाब पर कपड़े धोने गई थी। तालाब किनारे चबूतरे में प्रियांशी को कुर्सी पर बैठाकर कपड़े धोने लगी। तभी प्रियांशी कुर्सी से अनियंत्रित होकर तालाब में गिर पड़ी। घटना देखकर मां सन्नो ने तालाब में छलांग लगा दी। गहराई में जाकर दोनों डूब गए।
काफी देर होने पर सन्नो घर नहीं पहुंची। देवर सुनील भाभी की खोजबीन में निकला। तालाब किनारे कुर्सी पलटी पड़ी थी। गहराई में सन्नो के बाल उतराते दिखे। शोर मचाने पर ग्रामीण पहुंचे। डंडे के सहारे से शव को बाहर निकाला गया। ग्रामीण तैराकों की मदद से प्रियांशी को खोजा गया। दोनों की सांसे थम चुकी थी।
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चांदपुर थाना क्षेत्र के सरहन बुजुर्ग निवासी सुशील कुमार पाल की पत्नी सन्नो (32) बेटी प्रियांशी (8) को लेकर घर से कुछ दूर मातन गढ़वा तालाब पर कपड़े धोने गई थी। तालाब किनारे चबूतरे में प्रियांशी को कुर्सी पर बैठाकर कपड़े धोने लगी। तभी प्रियांशी कुर्सी से अनियंत्रित होकर तालाब में गिर पड़ी। घटना देखकर मां सन्नो ने तालाब में छलांग लगा दी। गहराई में जाकर दोनों डूब गए।
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काफी देर होने पर सन्नो घर नहीं पहुंची। देवर सुनील भाभी की खोजबीन में निकला। तालाब किनारे कुर्सी पलटी पड़ी थी। गहराई में सन्नो के बाल उतराते दिखे। शोर मचाने पर ग्रामीण पहुंचे। डंडे के सहारे से शव को बाहर निकाला गया। ग्रामीण तैराकों की मदद से प्रियांशी को खोजा गया। दोनों की सांसे थम चुकी थी।
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जल्दबाजी में बच्ची को बचाने के लिए कूद पड़ी
रोती बिलखती बेटियां व परिजन
- फोटो : अमर उजाला
देवर सुनील ने बताया कि भाई सुशील शटरिंग लगाने के काम पर गया था। घर में बच्चे स्कूल से आए थे। वह भाभी की खोजबीन करने लगे। तभी उसे भाभी के घर में न होने का पता लगा। भाभी की सबसे बड़ी बेटी दस साल की आंशी और चार साल की शिवांशी है।
एसओ कैलाश नाथ ने बताया कि तालाब काफी गहरा और बड़ा है। महिला का दाहिना हाथ नहीं है। वह जल्दबाजी में बच्ची को बचाने के लिए कूद पड़ी। गहराई में चली जाने से दोनों की मौत हो गई।
एसओ कैलाश नाथ ने बताया कि तालाब काफी गहरा और बड़ा है। महिला का दाहिना हाथ नहीं है। वह जल्दबाजी में बच्ची को बचाने के लिए कूद पड़ी। गहराई में चली जाने से दोनों की मौत हो गई।