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सर्दी का सितम: ठंड में जवाब दे गए दिल-फेफड़े, चार की मौत, वायरल संक्रमण के बाद हो रहा निमोनिया
Sun, 09 Jan 2022 09:03 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 09 Jan 2022 09:03 PM IST
सार
सीनियर चेस्ट फिजिशियन डॉ. एसके कटियार का कहना है कि खासतौर पर पुराने रोगी ठंड से बचाव करें। जुकाम, खांसी के लक्षण उभरने पर तुरंत जांच कराएं।
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ठंड का कहर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शीत लहर बढ़ने से पुराने रोगियों के दिल और फेफड़ों की चाल बिगड़ गई है। वायरल संक्रमण रोगियों के फेफड़ों पर असर आ रहा है। एक्सरे जांच में रोगियों में निमोनिया के लक्षण मिल रहे हैं। साथ ही हृदय रोगियों की तबीयत अचानक बिगड़ रही है।
रविवार को दो निमोनिया और दो हृदय रोगियों की मौत हो गई। कॉडियोलॉजी इंस्टीट्यूट की इमरजेंसी में रोगियों की संख्या बढ़ी है। इसके अलावा हैलट की इमरजेंसी में गुर्दा और लिवर फेल के रोगी भर्ती किए गए। बारिश के कारण माहौल में ठंडक बढ़ने से कोरोना के साथ फ्लू वायरल संक्रमण तेज हुआ है।
पुराने रोगियों और बुजुर्गों में फ्लू का संक्रमण निमोनिया पैदा कर रहा है। इसके साथ बच्चों में विंटर डायरिया का प्रकोप है। बच्चों में भी निमोनिया की दिक्कत बढ़ी है। जनरलगंज क्षेत्र के रहने वाले रोगी आशुतोष (56) की निमोनिया से मौत हो गई।
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उन्हें कई दिनों से बुखार और खांसी आ रही थी। ग्वालटोली के मारूफ (62) की भी निमोनिया से मौत हुई है। इन रोगियों का इलाज निजी अस्पतालों में कराया जा रहा था। इसी तरह शनिवार देररात कॉर्डियोलॉजी में दो हृदय रोगियों की मौत हो गई। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। सीनियर चेस्ट फिजिशियन डॉ. एसके कटियार का कहना है कि खासतौर पर पुराने रोगी ठंड से बचाव करें। जुकाम, खांसी के लक्षण उभरने पर तुरंत जांच कराएं।
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रविवार को दो निमोनिया और दो हृदय रोगियों की मौत हो गई। कॉडियोलॉजी इंस्टीट्यूट की इमरजेंसी में रोगियों की संख्या बढ़ी है। इसके अलावा हैलट की इमरजेंसी में गुर्दा और लिवर फेल के रोगी भर्ती किए गए। बारिश के कारण माहौल में ठंडक बढ़ने से कोरोना के साथ फ्लू वायरल संक्रमण तेज हुआ है।
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पुराने रोगियों और बुजुर्गों में फ्लू का संक्रमण निमोनिया पैदा कर रहा है। इसके साथ बच्चों में विंटर डायरिया का प्रकोप है। बच्चों में भी निमोनिया की दिक्कत बढ़ी है। जनरलगंज क्षेत्र के रहने वाले रोगी आशुतोष (56) की निमोनिया से मौत हो गई।
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उन्हें कई दिनों से बुखार और खांसी आ रही थी। ग्वालटोली के मारूफ (62) की भी निमोनिया से मौत हुई है। इन रोगियों का इलाज निजी अस्पतालों में कराया जा रहा था। इसी तरह शनिवार देररात कॉर्डियोलॉजी में दो हृदय रोगियों की मौत हो गई। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। सीनियर चेस्ट फिजिशियन डॉ. एसके कटियार का कहना है कि खासतौर पर पुराने रोगी ठंड से बचाव करें। जुकाम, खांसी के लक्षण उभरने पर तुरंत जांच कराएं।