{"_id":"6272aefe8bd7810f733c96a6","slug":"while-alive-old-lady-got-herself-thirteenth-rites","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: जिंदा रहते वृद्धा ने कराया तेरहवीं संस्कार, फैसले के पीछे बताई ये वजह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: जिंदा रहते वृद्धा ने कराया तेरहवीं संस्कार, फैसले के पीछे बताई ये वजह
Wed, 04 May 2022 10:21 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 04 May 2022 10:21 PM IST
सार
यूपी के महोबा जिले में अजीबोगरीब मामला सामने आया है। वृद्धा ने जिंदा रहते हुए खुद का तेरहवीं संस्कार करवाया।
विज्ञापन
वृद्धा मानकुंवर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महोबा जिले में कुलपहाड़ के मोहल्ला कठवरिया में 82 वर्षीय वृद्धा ने जिंदा रहते हुए तेरहवीं संस्कार (शांतिभोज) कराया। वृद्धा का कहना था कि उसके कोई संतान नहीं है। पति की पहले ही मौत हो चुकी है। यदि उसकी मृत्यु हुई तो कोई तेरहवीं संस्कार कराता है या नहीं।
इसलिए जिंदा रहते ही उन्होंने यह फैसला लिया। मानकुंवर की कोई संतान नहीं है। दो साल पहले पति तांतिया अहिरवार की मौत हो गई थी। वह घर में अकेली रहती है और स्वयं खेती आदि का काम करके पेट भरती है। मंगलवार की शाम उसने अपने रिश्तेदार व मोहल्ले के लोगों को बुलाया और तेरहवीं संस्कार करके 13 ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा दी। इसके इलावा लोगों को भोज भी कराया गया। वृद्धा के इस फैसले से लोग आश्चर्यचकित रह गए।
विज्ञापन
इसलिए जिंदा रहते ही उन्होंने यह फैसला लिया। मानकुंवर की कोई संतान नहीं है। दो साल पहले पति तांतिया अहिरवार की मौत हो गई थी। वह घर में अकेली रहती है और स्वयं खेती आदि का काम करके पेट भरती है। मंगलवार की शाम उसने अपने रिश्तेदार व मोहल्ले के लोगों को बुलाया और तेरहवीं संस्कार करके 13 ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा दी। इसके इलावा लोगों को भोज भी कराया गया। वृद्धा के इस फैसले से लोग आश्चर्यचकित रह गए।
विज्ञापन