और कितना इंतजार?: बनकर तैयार हैं 3000 करोड़ की परियोजनाएं, लोकार्पण न होने से नहीं मिल रहा लाभ, पढ़ें पूरी डिटेल
Kanpur News: कानपुर शहर में जनता को जाम से राहत दिलाने, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और उद्योग-व्यवसाय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गईं करीब 2,950.51 करोड़ की प्रमुख विकास परियोजनाएं पूरी तरह बनकर तैयार हैं। हालांकि, आधिकारिक लोकार्पण की तारीख न तय होने और प्रशासनिक हीलाहवाली के कारण आम जनता को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विस्तार
कानपुर शहर में जाम से निजात दिलाने, इलाज से लेकर व्यवसाय को बढ़ावा देने वाली करीब 2950.51 करोड़ की परियोजनाओं में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है पर अभी भी इनको लोकार्पण का इंतजार है। इस कारण आम जनता को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। नौबस्ता तक मेट्रो संचालन के लिए ट्रायल पूरे होने के बाद सभी स्टेशनों में ड्यूटियां भी लगा दी गई हैं। कभी-कभी ट्रेन भी चला रहे हैं पर लाखों यात्रियों का यह सपना पूरा नहीं हो रहा है। इस मामले में सत्तारूढ़ पार्टी को किरकिरी से बचाने के लिए मामूली रोड़े अटकाते हुए बहाना बनाया जा रहा है।
हालत यह है कि दादानगर औद्योगिक क्षेत्र में दो साल पहले बनी फ्लैटेड फैक्टरी अभी भी फीता कटने का इंतजार कर रही है। सांसद जल्द ही इन परियोजनाओं का लाभ जनता को दिलाने का दावा कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅरपोरेशन ने करीब 2700 करोड़ रुपये की लागत से सेंट्रल स्टेशन से 8.5 किलोमीटर दूर नौबस्ता तक मेट्रो रूट का निर्माण छह महीने पहले पूरा किया। इसमें से सेंट्रल से ट्रांसपोर्टनगर तक तीन किलोमीटर सेक्शन भूमिगत है जिसमें झकरकटी और ट्रांसपोर्टनगर स्टेशन भी बने हैं।
नौबस्ता तक मेट्रो में सफर का सपना नहीं हो रहा पूरा
उसके आगे जूही हमीरपुर रोड में स्वदेशी मिल के सामने से नौबस्ता तक 5.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन है। इसमें बारादेवी, किदवईनगर, बसंत विहार, बौद्धनगर और नौबस्ता मेट्रो स्टेशन बने हैं। ट्रायल और टेस्टिंग के बाद मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त इस रूट में ट्रेनें चलाने के लिए स्वीकृति के बाद मेट्रो ने इन सभी स्टेशनों में कंट्रोलर, सिग्नलिंग, परिचालन, लाइटिंग, सुरक्षा से लेकर टिकट विंडो तक में कर्मचारियों की ड्यूटियां भी लगा दी हैं। कभी-कभी ट्रेनें भी चला रहे हैं पर शहर के दक्षिणी क्षेत्र के लोग इन्हें आते-जाते ही देखने के लिए मजबूर हैं। उनका नौबस्ता तक मेट्रो में सफर का सपना पूरा नहीं हो रहा।
कन्वेंशन सेंटर खा रहा धूल
कानपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (केएससीएल) ने व्यवसाय और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चुन्नीगंज में 96.17 करोड़ की लागत से कन्वेंशन सेंटर का निर्माण कराया। निर्माण पिछले साल पूरा हो गया था। केएससीएल ने इसे नगर निगम को हैंडओवर कर दिया। नगर निगम ने इसके संचालन के लिए टेंडर कराकर ठेकेदार कंपनी से संचालन शुरू कराने के लिए कार्यादेश भी तैयार कर लिया है। सिर्फ लोकार्पण की तारीख का इंतजार किया जा रहा है। संचालन शुरू होने पर इससे नगर निगम को हर साल करीब पांच करोड़ रुपये की आय होगी।
मल्टीलेवल पार्किंग में लगा ताला
केएससीएल ने कलेक्ट्रेट और इसके आसपास जाम से निजात दिलाने लिए 47.83 करोड़ रुपये से मल्टीलेवल पार्किंग बनवाई है। डबल बेसमेंट, ग्राउंड सहित पांच मंजिला इस पार्किंग में 348 कारें और 176 दोपहिया वाहन खड़े हो सकते हैं। ग्राउंड फ्लोर में दुकानें भी बनी हैं। निर्माण एजेंसी सी एंड डीएस ने चार महीने पहले निर्माण पूरा किया। इसे केएससीएल और वहां से नगर निगम को हैंडओवर भी कर दिया गया पर नगर निगम के अफसर इसके संचालन का ठेका देने में असफल साबित हो रहे हैं।
फ्लैटेड फैक्टरी को दो साल से लोकार्पण का इंतजार
उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दादानगर औद्योगिक क्षेत्र में 45 करोड़ की लागत से फ्लैटेड फैक्टरी का निर्माण सितंबर 2024 में पूरा हो गया था। इस चार मंजिला भवन में 162 फ्लैट (पोर्सन) हैं। आधारभूत सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। प्लग एंड प्ले माॅडल पर इसे विकसित किया गया अर्थात छोटे उद्यमी यहां मशीनें लगाएं, कच्चा माल मंगाएं और उत्पादन शुरू करें पर अभी भी यह भवन लोकार्पण की बाट जोह रहा है। इंतजार करते-करते वहां 10 उद्यमियों ने उत्पादन भी शुरू कर दिया।
दक्षिण के पहले अस्पताल को भी लोकार्पण का इंतजार
डेढ़ दशक से भी ज्यादा समय से की जा रही मांग पर शासन ने शहर के दक्षिण क्षेत्र में नौबस्ता बाईपास के पास केशवनगर में 100 बेड का अस्पताल बनवाया। स्वास्थ्य विभाग ने राजकीय निर्माण निगम से इसका निर्माण कराया जो एक साल पहले पूरा हो गया था। सांसद रमेश अवस्थी, क्षेत्रीय विधायक महेश त्रिवेदी, भाजपा दक्षिण जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह सहित सत्तारूढ़ पार्टी के कई नेताओं के दावों और सपा के प्रदर्शन के बावजूद अस्पताल में अभी तक इलाज शुरू नहीं हुआ। चार महीने पहले एक डाॅक्टर की नियुक्ति भी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग संचालन के लिए पर्याप्त डाॅक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ सहित अन्य कर्मियों की तैनाती का रोड़ा अटकाए है। सीएमओ डाॅ. हरिदत्त नेमी का कहना है कि पर्याप्त तैनाती होने पर ही इसे शुरू किया जाएगा।
हैलट में बनी बर्न यूनिट में ताला, वार्ड-50 के टूटने लगे टाइल्स
नगर और आसपास के करीब 18 जिलों में जले, झुलसे मरीजों के अत्याधुनिक इलाज के नाम पर हैलट में करीब पांच करोड़ रुपये से बर्न यूनिट भी चार महीने पहले बनकर तैयार हो गई थी पर हैंडओवर-टेकओवर का रोड़ा अटका है। हैलट अस्पताल परिसर में ही 12 करोड़ की लागत से वीवीआईपी वार्ड (वार्ड-50) का निर्माण पिछले साल पूरा हो चुका है। इसके टाइल्स भी टूटने लगे हैं। तीन शिफ्टों में दो-दो गार्डों की तैनाती कर वेतन भी दिया जा रहा है पर मरीजों को इसकी सुविधा भी नहीं मिल रही।
मेट्रो, दक्षिण का अस्पताल, कन्वेंशन्सेंटर सहित जो भी परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, उनका जल्द ही लोकार्पण होगा।
-रमेश अवस्थी, सांसद
कन्वेंशन सेंटर के संचालन के लिए टेंडर हो गए हैं। जल्द ही ठेकेदार कंपनी को कार्यादेश जारी कर दिया जाएगा। मल्टीलेवल पार्किंग संचालन के लिए दो-चार दिन में ही दूसरी बार टेंडर जारी किए जाएंगे।
-अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त
कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक मेट्रो संचालन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। लोकार्पण की तारीख तय होना का इंतजार किया जा रहा है। कुछ कर्मचारी तैनात होने के साथ ही कभी-कभी ट्रेन भी चलाकर सभी सुविधाएं लगातार चेक की जा रही हैं। लोकार्पण होते सुविधा मिलने लगेगी।
-पंचानन मिश्रा, संयुक्त महाप्रबंधक, उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅरपोरेशन
बर्न यूनिट और वार्ड-50 में नर्सों सहित अन्य पैरामेडिकल स्टाफ, कर्मचारियों की तैनाती के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। रिमाइंडर भी भेजा गया है। जल्द ही स्टाफ की स्वीकृति मिलने की संभावना है। -डाॅ. संजय काला, प्राचार्य, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
पूरे हो चुके कार्य लागत (करोड़ रुपये में)
कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक मेट्रो निर्माण 2700 करोड़ रुपये
कन्वेंशन सेंटर का निर्माण 96.17 करोड़ रुपये
मल्टीलेवल पार्किंग 47.83 करोड़ रुपये
दक्षिण का अस्पताल 45,00 करोड़ रुपये
हैलट की बर्न यूनिट 4.31 करोड़ रुपये
हैलट का वीवीआईपी वार्ड-50 12.20 करोड़ रुपये
फ्लैटेड फैक्टरी 45 करोड़ रुपये
योग 2950.51 करोड़ रुपये