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शुक्लागंज: गंगा पुल मरम्मत के लायक है या नहीं, जांच के लिए पौने दो करोड़ की जरूरत

Sat, 09 Jul 2022 03:23 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शुक्लागंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शुक्लागंज Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 09 Jul 2022 03:23 PM IST
सार

कानपुर प्रांतीय खंड पीडब्लूडी के जेई शोनू गौतम ने बताया कि पुल मरम्मत लायक है अथवा नहीं इसकी जांच सीआरआरआई को करनी है। इसमें लगभग पौन दो करोड़ का खर्च आ रहा है। 30 मार्च 2022 को इसका इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। लेकिन अभी तक धन आंवटित नहीं हुआ है। इसके चलते सीआरआरआई की जांच लटकी है।

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Whether the Ganga bridge is worth repairing or not, two and a half cores are needed for investigation
बंद किया गया गंगा पुल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर-उन्नाव को जोड़ने वाला अंग्रेजों के जमाने का बना पुराना गंगा पुल लगभग साल भर से पूरी तरह से बंद है। इससे लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। कई किलोमीटर का चक्कर लगाकर आना जाना पड़ रहा है। पुल मरम्मत लायक है या नहीं, सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) से इसकी जांच कराने के लिए कानपुर प्रांतीय खंड पीडब्लूडी ने पौने दो करोड़ रुपये का इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा है।

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लेकिन अभी तक धन स्वीकृत नहीं हो सका है। ऐसे में पुल की मरम्मत का कार्य लटका हुआ है। पुराना गंगा पुल की कानपुर छोर के पिलर नंबर 10, 16 और 22 की तीन कोठियां जर्जर होने पर पांच अप्रैल 2021 को पुल को आवागमन के लिए बंद कर दिया गया था, तब से पुल बंद है। पुल मरम्मत लायक है या नहीं, इसकी जांच के लिए पीडब्लूडी ने दिल्ली से सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) को बुलाया था।
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जुलाई 2021 में आई सीआरआरआई की टीम ने  हाईटेक टेक्नोलॉजी के माध्यम से जांच करने की बात कही और जांच में आने वाले खर्च का ब्यौरा पीडब्लूडी को दिया। कानपुर प्रांतीय खंड पीडब्लूडी के जेई शोनू गौतम ने बताया कि पुल मरम्मत लायक है अथवा नहीं इसकी जांच सीआरआरआई को करनी है।
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इसमें लगभग पौन दो करोड़ का खर्च आ रहा है। 30 मार्च 2022 को इसका इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जा चुका है। लेकिन अभी तक धन आंवटित नहीं हुआ है। इसके चलते सीआरआरआई की जांच लटकी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह निर्णय लिया जा सकता है कि पुल की मरम्मत के बाद हल्के वाहन को गुजारा जा सकता है या नहीं।

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